21 Hindi Grammar • मुहावरे “अपना उल्लू सीधा करना” मुहावरे का सही अर्थ क्या है? “अपना उल्लू सीधा करना” मुहावरे का सही अर्थ क्या है? सेव करें Save सेव्ड Saved A. टोपी सही पहनना टोपी सही पहनना B. अपना मतलब निकालना अपना मतलब निकालना C. मूर्ख बनना मूर्ख बनना D. पागल होना पागल होना उत्तर और व्याख्या देखें Show answer and explanation सही उत्तर: B Correct Answer: B “अपना उल्लू सीधा करना” का अर्थ अपने स्वार्थ की सिद्धि करना है। “अपना उल्लू सीधा करना” का अर्थ अपने स्वार्थ की सिद्धि करना है।
22 Hindi Vocabulary • Synonyms “इन्द्र” का पर्याय इनमें से कौन-सा नहीं है? “इन्द्र” का पर्याय इनमें से कौन-सा नहीं है? सेव करें Save सेव्ड Saved A. ईश ईश B. देवराज देवराज C. सुरेश सुरेश D. सुरपति सुरपति उत्तर और व्याख्या देखें Show answer and explanation सही उत्तर: A Correct Answer: A देवराज, सुरेश और सुरपति इन्द्र के पर्याय हैं; “ईश” इन्द्र का पर्याय नहीं है। देवराज, सुरेश और सुरपति इन्द्र के पर्याय हैं; “ईश” इन्द्र का पर्याय नहीं है।
23 Hindi Grammar • Samas “कुल का पति” का समस्तपद इनमें से कौन-सा है? “कुल का पति” का समस्तपद इनमें से कौन-सा है? सेव करें Save सेव्ड Saved A. कुलोपति कुलोपति B. कुलपुत्र कुलपुत्र C. कुलपति कुलपति D. कुलपती कुलपती उत्तर और व्याख्या देखें Show answer and explanation सही उत्तर: C Correct Answer: C “कुल का पति” का समस्तपद कुलपति है। “कुल का पति” का समस्तपद कुलपति है।
24 Hindi Grammar • Sandhi “संग्रहालय” का संधि-विच्छेद रूप क्या है? “संग्रहालय” का संधि-विच्छेद रूप क्या है? सेव करें Save सेव्ड Saved A. संग्रह + लय संग्रह + लय B. संग्रह + आलय संग्रह + आलय C. सं + आलय सं + आलय D. संग + रय संग + रय उत्तर और व्याख्या देखें Show answer and explanation सही उत्तर: B Correct Answer: B “संग्रहालय” का सही विग्रह संग्रह + आलय है। “संग्रहालय” का सही विग्रह संग्रह + आलय है।
25 Hindi Grammar • Prefix and Suffix “हमसफर” शब्द में उपसर्ग कौन-सा है? “हमसफर” शब्द में उपसर्ग कौन-सा है? सेव करें Save सेव्ड Saved A. सफर सफर B. हम हम C. ह ह D. हमस हमस उत्तर और व्याख्या देखें Show answer and explanation सही उत्तर: B Correct Answer: B “हमसफर” में “हम” उपसर्ग के रूप में प्रयुक्त है। “हमसफर” में “हम” उपसर्ग के रूप में प्रयुक्त है।
26 Hindi Grammar • मुहावरे “गले लगाना” मुहावरे का अर्थ क्या है? “गले लगाना” मुहावरे का अर्थ क्या है? सेव करें Save सेव्ड Saved A. गला दबाना गला दबाना B. मारने की कोशिश करना मारने की कोशिश करना C. प्रेमपूर्वक अपनाना प्रेमपूर्वक अपनाना D. प्रेम करना प्रेम करना उत्तर और व्याख्या देखें Show answer and explanation सही उत्तर: C Correct Answer: C “गले लगाना” का अर्थ प्रेमपूर्वक अपनाना या स्नेह देना है। “गले लगाना” का अर्थ प्रेमपूर्वक अपनाना या स्नेह देना है।
27 Reading Comprehension • Reading Comprehension गद्यांश: “एल्बम”लाला सदानंद एक उदार चरित्र वाले व्यक्ति थे। उनके पुरोहित पंडित शबीराम उनका बहुत आदर करते थे। सदानंद जी ने पंडित जी को पाँच सौ रुपये कर्ज दिया था। शबीराम चाहते हुए भी उसे लौटा नहीं पा रहे थे, किंतु लाला जी कभी उनका तकादा नहीं करते थे।शबीराम को कर्ज न लौटा पाने के कारण चिंतित देखकर लाला जी ने उन्हें एल्बम बनाने का सुझाव दिया और अप्रत्यक्ष रूप से स्वयं ही उसे खरीद लिया तथा पंडित शबीराम की सहायता की। लाला जी की बीमारी की अवस्था में पंडित जी को यह पता चला कि असल में लाला सदानंद ने एल्बम खरीदा है और उनका कर्ज चुका नहीं, बल्कि दुगुना हो गया है।लाला जी ने उनसे सत्य छुपाया और कहा कि एल्बम उन्होंने कलकत्ता के सेठ के यहाँ से मंगवाया है। इस प्रकार लाला सदानंद ने महानता का परिचय दिया। वे शबीराम को और अधिक उपकारी और महान लगने लगे।शबीराम की सदानंद के पैसे लौटाने में मानसिकता क्या थी? गद्यांश: “एल्बम”लाला सदानंद एक उदार चरित्र वाले व्यक्ति थे। उनके पुरोहित पंडित शबीराम उनका बहुत आदर करते थे। सदानंद जी ने पंडित जी को पाँच सौ रुपये कर्ज दिया था। शबीराम चाहते हुए भी उसे लौटा नहीं पा रहे थे, किंतु लाला जी कभी उनका तकादा नहीं करते थे।शबीराम को कर्ज न लौटा पाने के कारण चिंतित देखकर लाला जी ने उन्हें एल्बम बनाने का सुझाव दिया और अप्रत्यक्ष रूप से स्वयं ही उसे खरीद लिया तथा पंडित शबीराम की सहायता की। लाला जी की बीमारी की अवस्था में पंडित जी को यह पता चला कि असल में लाला सदानंद ने एल्बम खरीदा है और उनका कर्ज चुका नहीं, बल्कि दुगुना हो गया है।लाला जी ने उनसे सत्य छुपाया और कहा कि एल्बम उन्होंने कलकत्ता के सेठ के यहाँ से मंगवाया है। इस प्रकार लाला सदानंद ने महानता का परिचय दिया। वे शबीराम को और अधिक उपकारी और महान लगने लगे।शबीराम की सदानंद के पैसे लौटाने में मानसिकता क्या थी? सेव करें Save सेव्ड Saved A. पैसे लौटाने का मन नहीं था पैसे लौटाने का मन नहीं था B. पैसे लौटाने का मन पूर्ण रूप से था पैसे लौटाने का मन पूर्ण रूप से था C. पैसे सदानंद के पूछने पर देने का मन था पैसे सदानंद के पूछने पर देने का मन था D. उसे पैसे लौटाने का आधा मन था उसे पैसे लौटाने का आधा मन था उत्तर और व्याख्या देखें Show answer and explanation सही उत्तर: B Correct Answer: B गद्यांश के अनुसार, शबीराम पैसे लौटाना चाहते थे, किंतु लौटा नहीं पा रहे थे। गद्यांश के अनुसार, शबीराम पैसे लौटाना चाहते थे, किंतु लौटा नहीं पा रहे थे।
28 Reading Comprehension • Reading Comprehension गद्यांश: “एल्बम”लाला सदानंद एक उदार चरित्र वाले व्यक्ति थे। उनके पुरोहित पंडित शबीराम उनका बहुत आदर करते थे। सदानंद जी ने पंडित जी को पाँच सौ रुपये कर्ज दिया था। शबीराम चाहते हुए भी उसे लौटा नहीं पा रहे थे, किंतु लाला जी कभी उनका तकादा नहीं करते थे।शबीराम को कर्ज न लौटा पाने के कारण चिंतित देखकर लाला जी ने उन्हें एल्बम बनाने का सुझाव दिया और अप्रत्यक्ष रूप से स्वयं ही उसे खरीद लिया तथा पंडित शबीराम की सहायता की। लाला जी की बीमारी की अवस्था में पंडित जी को यह पता चला कि असल में लाला सदानंद ने एल्बम खरीदा है और उनका कर्ज चुका नहीं, बल्कि दुगुना हो गया है।लाला जी ने उनसे सत्य छुपाया और कहा कि एल्बम उन्होंने कलकत्ता के सेठ के यहाँ से मंगवाया है। इस प्रकार लाला सदानंद ने महानता का परिचय दिया। वे शबीराम को और अधिक उपकारी और महान लगने लगे।सदानंद जी ने पंडित जी को कितने रुपये कर्ज दिए थे? गद्यांश: “एल्बम”लाला सदानंद एक उदार चरित्र वाले व्यक्ति थे। उनके पुरोहित पंडित शबीराम उनका बहुत आदर करते थे। सदानंद जी ने पंडित जी को पाँच सौ रुपये कर्ज दिया था। शबीराम चाहते हुए भी उसे लौटा नहीं पा रहे थे, किंतु लाला जी कभी उनका तकादा नहीं करते थे।शबीराम को कर्ज न लौटा पाने के कारण चिंतित देखकर लाला जी ने उन्हें एल्बम बनाने का सुझाव दिया और अप्रत्यक्ष रूप से स्वयं ही उसे खरीद लिया तथा पंडित शबीराम की सहायता की। लाला जी की बीमारी की अवस्था में पंडित जी को यह पता चला कि असल में लाला सदानंद ने एल्बम खरीदा है और उनका कर्ज चुका नहीं, बल्कि दुगुना हो गया है।लाला जी ने उनसे सत्य छुपाया और कहा कि एल्बम उन्होंने कलकत्ता के सेठ के यहाँ से मंगवाया है। इस प्रकार लाला सदानंद ने महानता का परिचय दिया। वे शबीराम को और अधिक उपकारी और महान लगने लगे।सदानंद जी ने पंडित जी को कितने रुपये कर्ज दिए थे? सेव करें Save सेव्ड Saved A. एक सौ एक सौ B. दो सौ दो सौ C. तीन सौ तीन सौ D. पाँच सौ पाँच सौ उत्तर और व्याख्या देखें Show answer and explanation सही उत्तर: D Correct Answer: D लाला सदानंद ने पंडित शबीराम को पाँच सौ रुपये कर्ज दिए थे। लाला सदानंद ने पंडित शबीराम को पाँच सौ रुपये कर्ज दिए थे।
29 Reading Comprehension • Reading Comprehension गद्यांश: “एल्बम”लाला सदानंद एक उदार चरित्र वाले व्यक्ति थे। उनके पुरोहित पंडित शबीराम उनका बहुत आदर करते थे। सदानंद जी ने पंडित जी को पाँच सौ रुपये कर्ज दिया था। शबीराम चाहते हुए भी उसे लौटा नहीं पा रहे थे, किंतु लाला जी कभी उनका तकादा नहीं करते थे।शबीराम को कर्ज न लौटा पाने के कारण चिंतित देखकर लाला जी ने उन्हें एल्बम बनाने का सुझाव दिया और अप्रत्यक्ष रूप से स्वयं ही उसे खरीद लिया तथा पंडित शबीराम की सहायता की। लाला जी की बीमारी की अवस्था में पंडित जी को यह पता चला कि असल में लाला सदानंद ने एल्बम खरीदा है और उनका कर्ज चुका नहीं, बल्कि दुगुना हो गया है।लाला जी ने उनसे सत्य छुपाया और कहा कि एल्बम उन्होंने कलकत्ता के सेठ के यहाँ से मंगवाया है। इस प्रकार लाला सदानंद ने महानता का परिचय दिया। वे शबीराम को और अधिक उपकारी और महान लगने लगे।लाला सदानंद और पंडित शबीराम के क्या संबंध थे? गद्यांश: “एल्बम”लाला सदानंद एक उदार चरित्र वाले व्यक्ति थे। उनके पुरोहित पंडित शबीराम उनका बहुत आदर करते थे। सदानंद जी ने पंडित जी को पाँच सौ रुपये कर्ज दिया था। शबीराम चाहते हुए भी उसे लौटा नहीं पा रहे थे, किंतु लाला जी कभी उनका तकादा नहीं करते थे।शबीराम को कर्ज न लौटा पाने के कारण चिंतित देखकर लाला जी ने उन्हें एल्बम बनाने का सुझाव दिया और अप्रत्यक्ष रूप से स्वयं ही उसे खरीद लिया तथा पंडित शबीराम की सहायता की। लाला जी की बीमारी की अवस्था में पंडित जी को यह पता चला कि असल में लाला सदानंद ने एल्बम खरीदा है और उनका कर्ज चुका नहीं, बल्कि दुगुना हो गया है।लाला जी ने उनसे सत्य छुपाया और कहा कि एल्बम उन्होंने कलकत्ता के सेठ के यहाँ से मंगवाया है। इस प्रकार लाला सदानंद ने महानता का परिचय दिया। वे शबीराम को और अधिक उपकारी और महान लगने लगे।लाला सदानंद और पंडित शबीराम के क्या संबंध थे? सेव करें Save सेव्ड Saved A. भाई भाई B. बाप-बेटे बाप-बेटे C. मित्र मित्र D. दुश्मन दुश्मन उत्तर और व्याख्या देखें Show answer and explanation सही उत्तर: C Correct Answer: C गद्यांश में दोनों के बीच आदरपूर्ण और मैत्रीपूर्ण संबंध दिखाया गया है। गद्यांश में दोनों के बीच आदरपूर्ण और मैत्रीपूर्ण संबंध दिखाया गया है।
30 Reading Comprehension • Reading Comprehension गद्यांश: “एल्बम”लाला सदानंद एक उदार चरित्र वाले व्यक्ति थे। उनके पुरोहित पंडित शबीराम उनका बहुत आदर करते थे। सदानंद जी ने पंडित जी को पाँच सौ रुपये कर्ज दिया था। शबीराम चाहते हुए भी उसे लौटा नहीं पा रहे थे, किंतु लाला जी कभी उनका तकादा नहीं करते थे।शबीराम को कर्ज न लौटा पाने के कारण चिंतित देखकर लाला जी ने उन्हें एल्बम बनाने का सुझाव दिया और अप्रत्यक्ष रूप से स्वयं ही उसे खरीद लिया तथा पंडित शबीराम की सहायता की। लाला जी की बीमारी की अवस्था में पंडित जी को यह पता चला कि असल में लाला सदानंद ने एल्बम खरीदा है और उनका कर्ज चुका नहीं, बल्कि दुगुना हो गया है।लाला जी ने उनसे सत्य छुपाया और कहा कि एल्बम उन्होंने कलकत्ता के सेठ के यहाँ से मंगवाया है। इस प्रकार लाला सदानंद ने महानता का परिचय दिया। वे शबीराम को और अधिक उपकारी और महान लगने लगे।शबीराम का पेशा क्या था? गद्यांश: “एल्बम”लाला सदानंद एक उदार चरित्र वाले व्यक्ति थे। उनके पुरोहित पंडित शबीराम उनका बहुत आदर करते थे। सदानंद जी ने पंडित जी को पाँच सौ रुपये कर्ज दिया था। शबीराम चाहते हुए भी उसे लौटा नहीं पा रहे थे, किंतु लाला जी कभी उनका तकादा नहीं करते थे।शबीराम को कर्ज न लौटा पाने के कारण चिंतित देखकर लाला जी ने उन्हें एल्बम बनाने का सुझाव दिया और अप्रत्यक्ष रूप से स्वयं ही उसे खरीद लिया तथा पंडित शबीराम की सहायता की। लाला जी की बीमारी की अवस्था में पंडित जी को यह पता चला कि असल में लाला सदानंद ने एल्बम खरीदा है और उनका कर्ज चुका नहीं, बल्कि दुगुना हो गया है।लाला जी ने उनसे सत्य छुपाया और कहा कि एल्बम उन्होंने कलकत्ता के सेठ के यहाँ से मंगवाया है। इस प्रकार लाला सदानंद ने महानता का परिचय दिया। वे शबीराम को और अधिक उपकारी और महान लगने लगे।शबीराम का पेशा क्या था? सेव करें Save सेव्ड Saved A. पंडित पंडित B. गुरु गुरु C. कलाकार कलाकार D. व्यापारी व्यापारी उत्तर और व्याख्या देखें Show answer and explanation सही उत्तर: A Correct Answer: A शबीराम को गद्यांश में पंडित और लाला सदानंद का पुरोहित बताया गया है। शबीराम को गद्यांश में पंडित और लाला सदानंद का पुरोहित बताया गया है।