Hindi MCQs

महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्नों का अभ्यास करें। उत्तर, व्याख्या, विषय और परीक्षा टैग के साथ।

Hindi MCQs

श्रेणी: Hindi

161
Reading Comprehension • Reading Comprehension
गद्यांश: “रिश्वत की कमाई”

मिस्टर वागची पुलिस सुपरिंटेंडेंट था। वह एक बड़ा सरकारी अधिकारी था, परंतु उसके परिवार की दशा बहुत दयनीय थी। उसकी वर्तमान पत्नी मनोरोगी थी और हमेशा चारपाई पर पड़ी रहती थी। पहली पत्नी की पाँच बेटियाँ थीं, जो इलाहाबाद के किसी स्कूल में पढ़ रही थीं। उनके खर्च के लिए वागची को अपना आधा वेतन भेजना पड़ता था। उनकी दवाइयों की चिंता भी उनको सताती रहती थी। वागची रोजाना एक बोतल शराब पीता था। रिश्वत की कमाई उन्हें फलती नहीं थी। कोई-न-कोई नुकसान हो जाता था। जितनी रिश्वत आती थी उसमें दुगुना खर्च हो जाता था। उसके तीन पुत्र बाल्यावस्था में ही मर चुके थे। चौथा अक्सर बीमार हो जाता था। खर्च इतने अधिक थे कि वागची की पत्नी बच्चे के लिए ५०-६० रुपये का खिलौना मंगाने में भी असमर्थ थी। वागची और उसकी पत्नी अपने बेटे के स्वास्थ्य और जीवन को लेकर सदैव चिंतित रहते थे। इस प्रकार वागची का परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से बुरी तरह टूटा हुआ था।

वागची किस प्रकार के अधिकारी थे?
गद्यांश: “रिश्वत की कमाई”

मिस्टर वागची पुलिस सुपरिंटेंडेंट था। वह एक बड़ा सरकारी अधिकारी था, परंतु उसके परिवार की दशा बहुत दयनीय थी। उसकी वर्तमान पत्नी मनोरोगी थी और हमेशा चारपाई पर पड़ी रहती थी। पहली पत्नी की पाँच बेटियाँ थीं, जो इलाहाबाद के किसी स्कूल में पढ़ रही थीं। उनके खर्च के लिए वागची को अपना आधा वेतन भेजना पड़ता था। उनकी दवाइयों की चिंता भी उनको सताती रहती थी। वागची रोजाना एक बोतल शराब पीता था। रिश्वत की कमाई उन्हें फलती नहीं थी। कोई-न-कोई नुकसान हो जाता था। जितनी रिश्वत आती थी उसमें दुगुना खर्च हो जाता था। उसके तीन पुत्र बाल्यावस्था में ही मर चुके थे। चौथा अक्सर बीमार हो जाता था। खर्च इतने अधिक थे कि वागची की पत्नी बच्चे के लिए ५०-६० रुपये का खिलौना मंगाने में भी असमर्थ थी। वागची और उसकी पत्नी अपने बेटे के स्वास्थ्य और जीवन को लेकर सदैव चिंतित रहते थे। इस प्रकार वागची का परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से बुरी तरह टूटा हुआ था।

वागची किस प्रकार के अधिकारी थे?
सेव करें Save सेव्ड Saved
सही उत्तर: B Correct Answer: B
गद्यांश के अनुसार, वागची एक बड़ा सरकारी अधिकारी था।
गद्यांश के अनुसार, वागची एक बड़ा सरकारी अधिकारी था।
162
Reading Comprehension • Reading Comprehension
गद्यांश: “रिश्वत की कमाई”

मिस्टर वागची पुलिस सुपरिंटेंडेंट था। वह एक बड़ा सरकारी अधिकारी था, परंतु उसके परिवार की दशा बहुत दयनीय थी। उसकी वर्तमान पत्नी मनोरोगी थी और हमेशा चारपाई पर पड़ी रहती थी। पहली पत्नी की पाँच बेटियाँ थीं, जो इलाहाबाद के किसी स्कूल में पढ़ रही थीं। उनके खर्च के लिए वागची को अपना आधा वेतन भेजना पड़ता था। उनकी दवाइयों की चिंता भी उनको सताती रहती थी। वागची रोजाना एक बोतल शराब पीता था। रिश्वत की कमाई उन्हें फलती नहीं थी। कोई-न-कोई नुकसान हो जाता था। जितनी रिश्वत आती थी उसमें दुगुना खर्च हो जाता था। उसके तीन पुत्र बाल्यावस्था में ही मर चुके थे। चौथा अक्सर बीमार हो जाता था। खर्च इतने अधिक थे कि वागची की पत्नी बच्चे के लिए ५०-६० रुपये का खिलौना मंगाने में भी असमर्थ थी। वागची और उसकी पत्नी अपने बेटे के स्वास्थ्य और जीवन को लेकर सदैव चिंतित रहते थे। इस प्रकार वागची का परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से बुरी तरह टूटा हुआ था।

वागची दिन में कितनी बोतल शराब पीता था?
गद्यांश: “रिश्वत की कमाई”

मिस्टर वागची पुलिस सुपरिंटेंडेंट था। वह एक बड़ा सरकारी अधिकारी था, परंतु उसके परिवार की दशा बहुत दयनीय थी। उसकी वर्तमान पत्नी मनोरोगी थी और हमेशा चारपाई पर पड़ी रहती थी। पहली पत्नी की पाँच बेटियाँ थीं, जो इलाहाबाद के किसी स्कूल में पढ़ रही थीं। उनके खर्च के लिए वागची को अपना आधा वेतन भेजना पड़ता था। उनकी दवाइयों की चिंता भी उनको सताती रहती थी। वागची रोजाना एक बोतल शराब पीता था। रिश्वत की कमाई उन्हें फलती नहीं थी। कोई-न-कोई नुकसान हो जाता था। जितनी रिश्वत आती थी उसमें दुगुना खर्च हो जाता था। उसके तीन पुत्र बाल्यावस्था में ही मर चुके थे। चौथा अक्सर बीमार हो जाता था। खर्च इतने अधिक थे कि वागची की पत्नी बच्चे के लिए ५०-६० रुपये का खिलौना मंगाने में भी असमर्थ थी। वागची और उसकी पत्नी अपने बेटे के स्वास्थ्य और जीवन को लेकर सदैव चिंतित रहते थे। इस प्रकार वागची का परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से बुरी तरह टूटा हुआ था।

वागची दिन में कितनी बोतल शराब पीता था?
सेव करें Save सेव्ड Saved
सही उत्तर: A Correct Answer: A
गद्यांश में वागची के रोजाना एक बोतल शराब पीने का उल्लेख है।
गद्यांश में वागची के रोजाना एक बोतल शराब पीने का उल्लेख है।
163
Reading Comprehension • Reading Comprehension
गद्यांश: “रिश्वत की कमाई”

मिस्टर वागची पुलिस सुपरिंटेंडेंट था। वह एक बड़ा सरकारी अधिकारी था, परंतु उसके परिवार की दशा बहुत दयनीय थी। उसकी वर्तमान पत्नी मनोरोगी थी और हमेशा चारपाई पर पड़ी रहती थी। पहली पत्नी की पाँच बेटियाँ थीं, जो इलाहाबाद के किसी स्कूल में पढ़ रही थीं। उनके खर्च के लिए वागची को अपना आधा वेतन भेजना पड़ता था। उनकी दवाइयों की चिंता भी उनको सताती रहती थी। वागची रोजाना एक बोतल शराब पीता था। रिश्वत की कमाई उन्हें फलती नहीं थी। कोई-न-कोई नुकसान हो जाता था। जितनी रिश्वत आती थी उसमें दुगुना खर्च हो जाता था। उसके तीन पुत्र बाल्यावस्था में ही मर चुके थे। चौथा अक्सर बीमार हो जाता था। खर्च इतने अधिक थे कि वागची की पत्नी बच्चे के लिए ५०-६० रुपये का खिलौना मंगाने में भी असमर्थ थी। वागची और उसकी पत्नी अपने बेटे के स्वास्थ्य और जीवन को लेकर सदैव चिंतित रहते थे। इस प्रकार वागची का परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से बुरी तरह टूटा हुआ था।

वागची की बेटियाँ कहाँ पढ़ती थीं?
गद्यांश: “रिश्वत की कमाई”

मिस्टर वागची पुलिस सुपरिंटेंडेंट था। वह एक बड़ा सरकारी अधिकारी था, परंतु उसके परिवार की दशा बहुत दयनीय थी। उसकी वर्तमान पत्नी मनोरोगी थी और हमेशा चारपाई पर पड़ी रहती थी। पहली पत्नी की पाँच बेटियाँ थीं, जो इलाहाबाद के किसी स्कूल में पढ़ रही थीं। उनके खर्च के लिए वागची को अपना आधा वेतन भेजना पड़ता था। उनकी दवाइयों की चिंता भी उनको सताती रहती थी। वागची रोजाना एक बोतल शराब पीता था। रिश्वत की कमाई उन्हें फलती नहीं थी। कोई-न-कोई नुकसान हो जाता था। जितनी रिश्वत आती थी उसमें दुगुना खर्च हो जाता था। उसके तीन पुत्र बाल्यावस्था में ही मर चुके थे। चौथा अक्सर बीमार हो जाता था। खर्च इतने अधिक थे कि वागची की पत्नी बच्चे के लिए ५०-६० रुपये का खिलौना मंगाने में भी असमर्थ थी। वागची और उसकी पत्नी अपने बेटे के स्वास्थ्य और जीवन को लेकर सदैव चिंतित रहते थे। इस प्रकार वागची का परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से बुरी तरह टूटा हुआ था।

वागची की बेटियाँ कहाँ पढ़ती थीं?
सेव करें Save सेव्ड Saved
सही उत्तर: A Correct Answer: A
गद्यांश के अनुसार, वागची की बेटियाँ इलाहाबाद के एक स्कूल में पढ़ रही थीं।
गद्यांश के अनुसार, वागची की बेटियाँ इलाहाबाद के एक स्कूल में पढ़ रही थीं।
164
Hindi Grammar • मुहावरे
“अपना उल्लू सीधा करना” मुहावरे का सही अर्थ क्या है? “अपना उल्लू सीधा करना” मुहावरे का सही अर्थ क्या है?
सेव करें Save सेव्ड Saved
सही उत्तर: B Correct Answer: B
“अपना उल्लू सीधा करना” का अर्थ अपने स्वार्थ की सिद्धि करना है।
“अपना उल्लू सीधा करना” का अर्थ अपने स्वार्थ की सिद्धि करना है।
165
Hindi Vocabulary • Synonyms
“इन्द्र” का पर्याय इनमें से कौन-सा नहीं है? “इन्द्र” का पर्याय इनमें से कौन-सा नहीं है?
सेव करें Save सेव्ड Saved
सही उत्तर: A Correct Answer: A
देवराज, सुरेश और सुरपति इन्द्र के पर्याय हैं; “ईश” इन्द्र का पर्याय नहीं है।
देवराज, सुरेश और सुरपति इन्द्र के पर्याय हैं; “ईश” इन्द्र का पर्याय नहीं है।
166
Hindi Grammar • Samas
“कुल का पति” का समस्तपद इनमें से कौन-सा है? “कुल का पति” का समस्तपद इनमें से कौन-सा है?
सेव करें Save सेव्ड Saved
सही उत्तर: C Correct Answer: C
“कुल का पति” का समस्तपद कुलपति है।
“कुल का पति” का समस्तपद कुलपति है।
167
Hindi Grammar • Sandhi
“संग्रहालय” का संधि-विच्छेद रूप क्या है? “संग्रहालय” का संधि-विच्छेद रूप क्या है?
सेव करें Save सेव्ड Saved
सही उत्तर: B Correct Answer: B
“संग्रहालय” का सही विग्रह संग्रह + आलय है।
“संग्रहालय” का सही विग्रह संग्रह + आलय है।
168
Hindi Grammar • Prefix and Suffix
“हमसफर” शब्द में उपसर्ग कौन-सा है? “हमसफर” शब्द में उपसर्ग कौन-सा है?
सेव करें Save सेव्ड Saved
सही उत्तर: B Correct Answer: B
“हमसफर” में “हम” उपसर्ग के रूप में प्रयुक्त है।
“हमसफर” में “हम” उपसर्ग के रूप में प्रयुक्त है।
169
Hindi Grammar • मुहावरे
“गले लगाना” मुहावरे का अर्थ क्या है? “गले लगाना” मुहावरे का अर्थ क्या है?
सेव करें Save सेव्ड Saved
सही उत्तर: C Correct Answer: C
“गले लगाना” का अर्थ प्रेमपूर्वक अपनाना या स्नेह देना है।
“गले लगाना” का अर्थ प्रेमपूर्वक अपनाना या स्नेह देना है।
170
Reading Comprehension • Reading Comprehension
गद्यांश: “एल्बम”

लाला सदानंद एक उदार चरित्र वाले व्यक्ति थे। उनके पुरोहित पंडित शबीराम उनका बहुत आदर करते थे। सदानंद जी ने पंडित जी को पाँच सौ रुपये कर्ज दिया था। शबीराम चाहते हुए भी उसे लौटा नहीं पा रहे थे, किंतु लाला जी कभी उनका तकादा नहीं करते थे।

शबीराम को कर्ज न लौटा पाने के कारण चिंतित देखकर लाला जी ने उन्हें एल्बम बनाने का सुझाव दिया और अप्रत्यक्ष रूप से स्वयं ही उसे खरीद लिया तथा पंडित शबीराम की सहायता की। लाला जी की बीमारी की अवस्था में पंडित जी को यह पता चला कि असल में लाला सदानंद ने एल्बम खरीदा है और उनका कर्ज चुका नहीं, बल्कि दुगुना हो गया है।

लाला जी ने उनसे सत्य छुपाया और कहा कि एल्बम उन्होंने कलकत्ता के सेठ के यहाँ से मंगवाया है। इस प्रकार लाला सदानंद ने महानता का परिचय दिया। वे शबीराम को और अधिक उपकारी और महान लगने लगे।

शबीराम की सदानंद के पैसे लौटाने में मानसिकता क्या थी?
गद्यांश: “एल्बम”

लाला सदानंद एक उदार चरित्र वाले व्यक्ति थे। उनके पुरोहित पंडित शबीराम उनका बहुत आदर करते थे। सदानंद जी ने पंडित जी को पाँच सौ रुपये कर्ज दिया था। शबीराम चाहते हुए भी उसे लौटा नहीं पा रहे थे, किंतु लाला जी कभी उनका तकादा नहीं करते थे।

शबीराम को कर्ज न लौटा पाने के कारण चिंतित देखकर लाला जी ने उन्हें एल्बम बनाने का सुझाव दिया और अप्रत्यक्ष रूप से स्वयं ही उसे खरीद लिया तथा पंडित शबीराम की सहायता की। लाला जी की बीमारी की अवस्था में पंडित जी को यह पता चला कि असल में लाला सदानंद ने एल्बम खरीदा है और उनका कर्ज चुका नहीं, बल्कि दुगुना हो गया है।

लाला जी ने उनसे सत्य छुपाया और कहा कि एल्बम उन्होंने कलकत्ता के सेठ के यहाँ से मंगवाया है। इस प्रकार लाला सदानंद ने महानता का परिचय दिया। वे शबीराम को और अधिक उपकारी और महान लगने लगे।

शबीराम की सदानंद के पैसे लौटाने में मानसिकता क्या थी?
सेव करें Save सेव्ड Saved
सही उत्तर: B Correct Answer: B
गद्यांश के अनुसार, शबीराम पैसे लौटाना चाहते थे, किंतु लौटा नहीं पा रहे थे।
गद्यांश के अनुसार, शबीराम पैसे लौटाना चाहते थे, किंतु लौटा नहीं पा रहे थे।

श्रेणी अनुसार अभ्यास करें

वर्तमान परीक्षा टैग के भीतर किसी श्रेणी को चुनकर अभ्यास करें।

विषय अनुसार अभ्यास करें

किसी विषय को चुनकर उसी विषय के सभी MCQs का अभ्यास करें।

टॉपिक अनुसार अभ्यास करें

किसी एक टॉपिक पर केंद्रित अभ्यास के लिए कार्ड चुनें।

परीक्षा अनुसार अभ्यास करें

अन्य परीक्षा टैग के अनुसार प्रश्नों का अभ्यास करें।