सैंथिया–पाकुड़ चौथी रेल लाइन परियोजना 2026 को मंजूरी: ₹1,569 करोड़ का प्रावधान और झारखंड के लिए महत्व

Posted on: 10 March 2026 | Category: Miscellaneous

10 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने सैंथिया–पाकुड़ तथा सांतरागाछी–खड़गपुर चौथी रेल लाइन परियोजनाओं को मंजूरी दी। दोनों परियोजनाओं की संयुक्त अनुमानित लागत ₹4,474 करोड़ और कुल लंबाई लगभग 192 किलोमीटर है। इनमें झारखंड से संबंधित सैंथिया–पाकुड़ चौथी लाइन की लंबाई लगभग 81 किलोमीटर तथा अनुमानित लागत ₹1,569 करोड़ है।

सैंथिया–पाकुड़ चौथी रेल लाइन परियोजना को केंद्रीय मंजूरी

10 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने भारतीय रेलवे की दो महत्वपूर्ण मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी।

इन परियोजनाओं में सैंथिया–पाकुड़ चौथी लाइन और सांतरागाछी–खड़गपुर चौथी लाइन शामिल हैं।

प्रमुख तथ्य

  • मंजूरी की तिथि: 10 मार्च 2026
  • मंजूरी देने वाली समिति: CCEA
  • अध्यक्षता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
  • कुल परियोजनाएँ: 2
  • दोनों की संयुक्त लागत: लगभग ₹4,474 करोड़
  • संयुक्त रेल नेटवर्क विस्तार: लगभग 192 किलोमीटर
  • लक्षित पूर्णता अवधि: 2030–31 तक
  • प्रभावित राज्य: झारखंड एवं पश्चिम बंगाल
महत्वपूर्ण तिथि: 10 मार्च 2026 — CCEA द्वारा सैंथिया–पाकुड़ और सांतरागाछी–खड़गपुर चौथी रेल लाइन परियोजनाओं को मंजूरी।

दोनों रेल परियोजनाओं का विवरण

परियोजना लंबाई अनुमानित लागत
सैंथिया–पाकुड़ चौथी लाइन लगभग 81 किमी ₹1,569 करोड़
सांतरागाछी–खड़गपुर चौथी लाइन लगभग 111 किमी ₹2,905 करोड़
कुल लगभग 192 किमी ₹4,474 करोड़
अत्यंत महत्वपूर्ण: ₹4,474 करोड़ दोनों रेल परियोजनाओं की संयुक्त लागत है। केवल सैंथिया–पाकुड़ चौथी लाइन की अनुमानित लागत ₹1,569 करोड़ है।

सैंथिया–पाकुड़ रेल परियोजना

सैंथिया–पाकुड़ रेल खंड पश्चिम बंगाल और झारखंड से संबंधित है।

इस मार्ग पर चौथी रेल लाइन के निर्माण से रेल यातायात की क्षमता बढ़ाने और मौजूदा मार्ग पर भीड़ कम करने में सहायता मिलने की अपेक्षा है।

मल्टीट्रैकिंग क्या है?

मल्टीट्रैकिंग का अर्थ किसी मौजूदा रेल मार्ग पर अतिरिक्त रेल लाइनें विकसित करना है।

इससे एक ही रेल मार्ग पर अधिक ट्रेनों का संचालन संभव हो सकता है और मालगाड़ी एवं यात्री ट्रेनों के आवागमन में सुविधा बढ़ सकती है।

PM Gati Shakti से संबंध

मंजूर परियोजनाओं की योजना PM Gati Shakti National Master Plan के अनुरूप बनाई गई है।

इस पहल का उद्देश्य अवसंरचना परियोजनाओं के लिए समन्वित योजना, बहु-माध्यम परिवहन संपर्क और लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ावा देना है।

माल ढुलाई के लिए महत्व

रेल मंत्रालय के अनुसार इन परियोजनाओं से कोयला, पत्थर, डोलोमाइट, सीमेंट, लौह एवं इस्पात, खाद्यान्न और अन्य वस्तुओं के परिवहन में सुविधा बढ़ने की अपेक्षा है।

दोनों परियोजनाओं से मिलकर अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता में लगभग 31 MTPA की वृद्धि का अनुमान व्यक्त किया गया।

MTPA का पूर्ण रूप

Million Tonnes Per Annum अर्थात प्रति वर्ष दस लाख टन।

पर्यावरणीय महत्व

रेल मंत्रालय के अनुसार रेल परिवहन की क्षमता बढ़ने से माल परिवहन में ऊर्जा दक्षता सुधारने और सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करने में सहायता मिल सकती है।

दोनों परियोजनाओं के संबंध में तेल की खपत और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में संभावित कमी के अनुमान भी प्रस्तुत किए गए।

पाकुड़ जिले से संबंधित Static GK

  • जिला — पाकुड़।
  • राज्य — झारखंड।
  • प्रमंडल — संथाल परगना।
  • जिला मुख्यालय — पाकुड़।
  • प्रमुख आर्थिक गतिविधियों में पत्थर एवं खनिज आधारित गतिविधियाँ शामिल हैं।

CCEA क्या है?

CCEA का पूर्ण रूप है:

Cabinet Committee on Economic Affairs

यह केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों से संबंधित समिति है।

महत्वपूर्ण आर्थिक एवं अवसंरचना परियोजनाओं से संबंधित प्रस्तावों पर यह समिति निर्णय ले सकती है।

परियोजना की स्थिति: 10 मार्च 2026 को परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी। इसे उसी दिन रेल लाइन का निर्माण पूरा होने या चौथी लाइन पर परिचालन शुरू होने की घटना नहीं समझना चाहिए।

JSSC/JPSC परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण

  • मंजूरी — 10 मार्च 2026।
  • समिति — CCEA।
  • सैंथिया–पाकुड़ चौथी लाइन — लगभग 81 किमी।
  • सैंथिया–पाकुड़ परियोजना लागत — ₹1,569 करोड़।
  • दोनों परियोजनाओं की संयुक्त लागत — ₹4,474 करोड़।
  • संयुक्त विस्तार — लगभग 192 किमी।
  • लक्षित पूर्णता अवधि — 2030–31।
  • PM Gati Shakti — समन्वित अवसंरचना विकास।
  • पाकुड़ जिला — संथाल परगना प्रमंडल।

महत्वपूर्ण MCQs

1. सैंथिया–पाकुड़ चौथी रेल लाइन परियोजना को केंद्रीय मंजूरी कब मिली?

(A) 2 मार्च 2026
(B) 5 मार्च 2026
(C) 8 मार्च 2026
(D) 10 मार्च 2026

उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (D) 10 मार्च 2026

10 मार्च 2026 को CCEA ने दो मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी।


2. सैंथिया–पाकुड़ चौथी रेल लाइन की अनुमानित लंबाई कितनी है?

(A) 61 किमी
(B) 81 किमी
(C) 111 किमी
(D) 192 किमी

उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) 81 किमी

सैंथिया–पाकुड़ चौथी लाइन की लंबाई लगभग 81 किलोमीटर है।


3. सैंथिया–पाकुड़ चौथी लाइन परियोजना की अनुमानित लागत कितनी है?

(A) ₹1,569 करोड़
(B) ₹2,905 करोड़
(C) ₹4,474 करोड़
(D) ₹5,569 करोड़

उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) ₹1,569 करोड़

₹1,569 करोड़ सैंथिया–पाकुड़ परियोजना की लागत है, जबकि ₹4,474 करोड़ दोनों स्वीकृत परियोजनाओं की संयुक्त लागत है।


4. दोनों रेल परियोजनाओं की संयुक्त अनुमानित लागत कितनी थी?

(A) ₹2,474 करोड़
(B) ₹3,474 करोड़
(C) ₹4,474 करोड़
(D) ₹5,474 करोड़

उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C) ₹4,474 करोड़

सैंथिया–पाकुड़ तथा सांतरागाछी–खड़गपुर चौथी लाइन परियोजनाओं की संयुक्त लागत लगभग ₹4,474 करोड़ है।


5. पाकुड़ जिला झारखंड के किस प्रमंडल में स्थित है?

(A) कोल्हान
(B) दक्षिणी छोटानागपुर
(C) संथाल परगना
(D) पलामू

उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C) संथाल परगना

पाकुड़ जिला संथाल परगना प्रमंडल का हिस्सा है।

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