झारखंड कैबिनेट ने खनिज अन्वेषण एवं ब्लॉक विकास नीति, 2026 को दी मंजूरी

Posted on: 27 October 2026 | Category: Government & Cabinet Decisions

झारखंड मंत्रिपरिषद ने 27 अक्टूबर 2026 की बैठक में झारखंड खनिज अन्वेषण एवं ब्लॉक विकास नीति, 2026 को स्वीकृति दी। इस नीति का संबंध राज्य में खनिज ब्लॉकों के अन्वेषण, विकास और खनिज संसाधनों के प्रबंधन से है।

झारखंड खनिज अन्वेषण एवं ब्लॉक विकास नीति, 2026 को कैबिनेट की मंजूरी

झारखंड मंत्रिपरिषद ने 27 अक्टूबर 2026 की बैठक में झारखंड खनिज अन्वेषण एवं ब्लॉक विकास नीति, 2026 (Jharkhand Mineral Exploration and Block Development Policy, 2026) को स्वीकृति दी।

इस नीति का संबंध झारखंड में खनिज ब्लॉकों के अन्वेषण, विकास और खनिज संसाधनों के प्रबंधन से है। झारखंड की खनिज-आधारित अर्थव्यवस्था को देखते हुए यह निर्णय राज्य की आर्थिक एवं औद्योगिक नीतियों के अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण है।

मुख्य तथ्य (Key Highlights)

  • नीति: झारखंड खनिज अन्वेषण एवं ब्लॉक विकास नीति, 2026
  • अंग्रेजी नाम: Jharkhand Mineral Exploration and Block Development Policy, 2026
  • निर्णय की तिथि: 27 अक्टूबर 2026
  • स्वीकृति देने वाली संस्था: झारखंड मंत्रिपरिषद
  • संबंधित क्षेत्र: खनिज अन्वेषण एवं खनिज ब्लॉक विकास
  • राज्य: झारखंड
  • निर्णय की स्थिति: कैबिनेट द्वारा स्वीकृत
महत्वपूर्ण अंतर: मंत्रिपरिषद द्वारा किसी नीति को स्वीकृति देना और उसका औपचारिक अधिसूचना के माध्यम से लागू होना अलग-अलग प्रशासनिक चरण हैं। इस निर्णय को नीति के पूर्ण क्रियान्वयन के रूप में नहीं समझना चाहिए।

खनिज अन्वेषण क्या है?

खनिज अन्वेषण (Mineral Exploration) वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से किसी क्षेत्र में खनिजों की उपस्थिति, प्रकृति, मात्रा और संभावित आर्थिक उपयोगिता का अध्ययन किया जाता है।

खनिज अन्वेषण में भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, भूभौतिकीय अध्ययन, नमूना संग्रह, ड्रिलिंग तथा खनिज भंडार का आकलन जैसी गतिविधियाँ शामिल हो सकती हैं।

खनिज ब्लॉक विकास का अर्थ

खनिज ब्लॉक विकास का संबंध किसी चिह्नित खनिज क्षेत्र को खनन गतिविधियों के लिए तैयार करने की प्रक्रियाओं से है। इसमें आवश्यक सर्वेक्षण, तकनीकी अध्ययन, वैधानिक अनुमतियाँ तथा आधारभूत संरचना से संबंधित कार्य शामिल हो सकते हैं।

खनिज ब्लॉक का आवंटन, खनन पट्टा, पर्यावरणीय स्वीकृति और वास्तविक खनन संचालन अलग-अलग प्रक्रियाएँ हैं।

झारखंड के लिए खनिज क्षेत्र का महत्व

झारखंड भारत के प्रमुख खनिज संपन्न राज्यों में शामिल है। राज्य में कोयला, लौह अयस्क, तांबा, बॉक्साइट, अभ्रक और यूरेनियम सहित विभिन्न खनिज पाए जाते हैं।

खनिज संसाधन राज्य के औद्योगिक विकास, रोजगार, राजस्व और आधारभूत संरचना से जुड़े हुए हैं। खनन गतिविधियों में पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय समुदायों के अधिकार और सतत विकास भी महत्वपूर्ण विषय हैं।

खनिज क्षेत्र से संबंधित प्रमुख संस्थाएँ

1. खान एवं भूतत्व विभाग, झारखंड

यह विभाग राज्य में खनिज संसाधनों से संबंधित प्रशासनिक और नियामकीय कार्यों से जुड़ा है।

2. झारखंड राज्य खनिज विकास निगम (JSMDCL)

JSMDCL का पूरा नाम Jharkhand State Mineral Development Corporation Limited है। यह झारखंड सरकार के खनिज विकास क्षेत्र से संबंधित एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है।

3. भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI)

Geological Survey of India भारत की प्रमुख भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण संस्था है। यह भूवैज्ञानिक मानचित्रण और खनिज संसाधनों के अध्ययन से संबंधित कार्य करती है।

Static GK: झारखंड के प्रमुख खनिज क्षेत्र

  • झरिया: धनबाद जिले का प्रमुख कोयला क्षेत्र।
  • बोकारो: प्रमुख कोयला क्षेत्र।
  • नोआमुंडी: पश्चिमी सिंहभूम का प्रमुख लौह अयस्क क्षेत्र।
  • जादूगोड़ा: पूर्वी सिंहभूम में यूरेनियम खनन के लिए प्रसिद्ध।
  • लोहरदगा: बॉक्साइट उत्पादन के लिए प्रसिद्ध।
  • सिंहभूम क्षेत्र: तांबा और लौह अयस्क सहित विभिन्न खनिजों के लिए महत्वपूर्ण।

खनन से संबंधित महत्वपूर्ण कानून

भारत में खनिज विकास और विनियमन से संबंधित प्रमुख केंद्रीय कानून खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 (Mines and Minerals Development and Regulation Act, 1957) है।

यह कानून खनिजों के विकास और खनन गतिविधियों के विनियमन के लिए प्रमुख वैधानिक ढाँचा प्रदान करता है।

JPSC/JSSC परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

  • नई स्वीकृत नीति – झारखंड खनिज अन्वेषण एवं ब्लॉक विकास नीति, 2026।
  • कैबिनेट स्वीकृति – 27 अक्टूबर 2026।
  • खनिज अन्वेषण – खनिज भंडार की खोज और आकलन।
  • JSMDCL – Jharkhand State Mineral Development Corporation Limited।
  • GSI – Geological Survey of India।
  • MMDR Act – 1957।
  • नोआमुंडी – लौह अयस्क।
  • जादूगोड़ा – यूरेनियम।
  • झरिया – कोयला।

महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs)

प्रश्न 1. झारखंड मंत्रिपरिषद ने खनिज अन्वेषण एवं ब्लॉक विकास नीति, 2026 को किस तिथि को स्वीकृति दी?

  • A. 20 अक्टूबर 2026
  • B. 23 अक्टूबर 2026
  • C. 27 अक्टूबर 2026
  • D. 28 अक्टूबर 2026
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: C. 27 अक्टूबर 2026

व्याख्या: उपलब्ध कैबिनेट निर्णय संबंधी रिपोर्टों के अनुसार नीति को 27 अक्टूबर 2026 की बैठक में स्वीकृति दी गई।


प्रश्न 2. खनिज अन्वेषण का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  • A. खनिजों की उपस्थिति और भंडार का अध्ययन
  • B. केवल खनिजों का निर्यात
  • C. केवल खनिजों का परिवहन
  • D. केवल खनिजों की बिक्री
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: A. खनिजों की उपस्थिति और भंडार का अध्ययन

व्याख्या: खनिज अन्वेषण में खनिजों की खोज, भूवैज्ञानिक अध्ययन तथा संभावित भंडार का आकलन किया जाता है।


प्रश्न 3. JSMDCL का पूरा नाम क्या है?

  • A. Jharkhand State Mineral Development Corporation Limited
  • B. Jharkhand State Mining Development Council Limited
  • C. Jharkhand State Mineral Distribution Corporation Limited
  • D. Jharkhand State Mines Development Commission Limited
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: A. Jharkhand State Mineral Development Corporation Limited

व्याख्या: JSMDCL झारखंड राज्य के खनिज विकास क्षेत्र से संबंधित सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है।


प्रश्न 4. झारखंड का नोआमुंडी क्षेत्र मुख्यतः किस खनिज के लिए प्रसिद्ध है?

  • A. बॉक्साइट
  • B. लौह अयस्क
  • C. यूरेनियम
  • D. अभ्रक
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: B. लौह अयस्क

व्याख्या: नोआमुंडी पश्चिमी सिंहभूम जिले का प्रमुख लौह अयस्क क्षेत्र है।


प्रश्न 5. जादूगोड़ा किस खनिज के खनन के लिए प्रसिद्ध है?

  • A. कोयला
  • B. तांबा
  • C. यूरेनियम
  • D. चूना पत्थर
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: C. यूरेनियम

व्याख्या: जादूगोड़ा पूर्वी सिंहभूम जिले में स्थित प्रमुख यूरेनियम खनन क्षेत्र है।


प्रश्न 6. भारत में खनिज विकास और विनियमन से संबंधित MMDR अधिनियम किस वर्ष का है?

  • A. 1948
  • B. 1957
  • C. 1972
  • D. 1986
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: B. 1957

व्याख्या: Mines and Minerals (Development and Regulation) Act, 1957 खनिज क्षेत्र के विनियमन से संबंधित प्रमुख केंद्रीय कानून है।


प्रश्न 7. झरिया कोयला क्षेत्र झारखंड के किस जिले में स्थित है?

  • A. बोकारो
  • B. रामगढ़
  • C. धनबाद
  • D. गिरिडीह
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: C. धनबाद

व्याख्या: झरिया भारत के प्रमुख कोयला क्षेत्रों में से एक है और धनबाद जिले में स्थित है।


प्रश्न 8. Geological Survey of India का मुख्य कार्य किससे संबंधित है?

  • A. भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और अध्ययन
  • B. रेलवे संचालन
  • C. कृषि विपणन
  • D. बैंकिंग विनियमन
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: A. भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और अध्ययन

व्याख्या: भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण भूवैज्ञानिक मानचित्रण और खनिज संसाधनों के अध्ययन से संबंधित संस्था है।

स्रोत

मुख्यमंत्री कार्यालय, झारखंड:
आधिकारिक मंत्रिपरिषद निर्णय संग्रह

Share: