झारखंड में अनधिकृत भवनों के नियमितीकरण को मंजूरी
15 अप्रैल 2026 को झारखंड
मंत्रिपरिषद ने अनधिकृत
रूप से निर्मित भवनों
के नियमितीकरण से
संबंधित नियमावली
को मंजूरी दी।
इस निर्णय का उद्देश्य
निर्धारित पात्रता,
शर्तों एवं शुल्क के
अंतर्गत कुछ अनधिकृत
निर्माणों को नियमित
करने की व्यवस्था बनाना था।
प्रमुख तथ्य
- कैबिनेट निर्णय: 15 अप्रैल 2026
- अध्यक्षता: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
- संबंधित क्षेत्र: नगर विकास एवं भवन विनियमन
- ब्रीफिंग में बताई अधिकतम ऊँचाई: 10 मीटर
- भवन स्तर: G+2
- अधिकतम क्षेत्रफल: 300 वर्ग मीटर
- आवासीय भवन हेतु न्यूनतम शुल्क: ₹10,000
- गैर-आवासीय भवन हेतु न्यूनतम शुल्क: ₹20,000
- जुर्माने के भुगतान का उल्लेख: तीन किस्तें
महत्वपूर्ण तिथि:
15 अप्रैल 2026 — अनधिकृत भवनों
के नियमितीकरण संबंधी
नियमावली को कैबिनेट मंजूरी।
नियमावली का नाम
15 अप्रैल 2026 की
आधिकारिक कैबिनेट
विज्ञप्ति में नाम
Jharkhand Regularization of
Unauthorizedly Constructed
Building Rules, 2025
दर्ज था।
बाद में संबंधित
नियमों का प्रकाशन
2026 नाम के साथ
भी हुआ।
इसलिए अप्रैल की
कैबिनेट स्वीकृति को
बाद की अधिसूचना
से अलग समझना चाहिए।
भवनों की नियमितीकरण व्यवस्था
कैबिनेट के बाद हुई
अधिकृत ब्रीफिंग के
अनुसार निर्धारित
सीमा के भीतर आने वाले
कुछ अनधिकृत निर्माणों
को शुल्क और अन्य
शर्तों के अनुसार
नियमित करने की
व्यवस्था बताई गई।
प्रमुख सीमाएँ एवं शुल्क
| विवरण |
कैबिनेट ब्रीफिंग के अनुसार |
| अधिकतम ऊँचाई |
10 मीटर |
| भवन स्तर |
G+2 |
| क्षेत्रफल सीमा |
300 वर्ग मीटर |
| आवासीय न्यूनतम शुल्क |
₹10,000 |
| गैर-आवासीय न्यूनतम शुल्क |
₹20,000 |
| जुर्माने की किस्तें |
तीन |
G+2 का अर्थ क्या है?
G+2 का अर्थ है:
Ground Floor + Two Upper Floors
अर्थात भूतल के ऊपर
दो अतिरिक्त तल।
नियमितीकरण क्या है?
भवन नियमितीकरण ऐसी
प्रशासनिक प्रक्रिया है
जिसमें निर्धारित
शर्तों को पूरा करने
वाले अनधिकृत निर्माण
की स्थिति का नियमानुसार
परीक्षण करके नियमितीकरण
पर निर्णय लिया जाता है।
यह सभी अनधिकृत
भवनों को स्वतः
वैध घोषित करने
के समान नहीं है।
आवेदन प्रक्रिया का महत्व
पात्र आवेदकों को
सक्षम प्राधिकारी के
समक्ष निर्धारित
प्रपत्र, भवन विवरण
और आवश्यक दस्तावेजों
के आधार पर आवेदन
करना पड़ सकता है।
वास्तविक पात्रता एवं
आवेदन की प्रक्रिया
लागू अधिसूचित
नियमावली से
निर्धारित होगी।
शहरी प्रशासन के लिए महत्व
- अनधिकृत निर्माणों की स्थिति का नियमानुसार परीक्षण।
- भवनों के अभिलेख व्यवस्थित करना।
- भवन नियोजन नियमों के अनुपालन को बढ़ावा देना।
- नगर निकायों की प्रशासनिक प्रक्रिया में स्पष्टता लाना।
संवैधानिक संदर्भ
भारत में शहरी स्थानीय
स्वशासन का संबंध
74वें संविधान
संशोधन अधिनियम, 1992
से है।
इस संशोधन से संविधान
में नगरपालिकाओं से
संबंधित भाग IX-A
जोड़ा गया।
अत्यंत महत्वपूर्ण:
15 अप्रैल को मंत्रिपरिषद
की स्वीकृति मिली थी।
सभी अनधिकृत भवन
उस दिन स्वतः नियमित
नहीं हो गए।
नाम एवं पात्रता संबंधी सावधानी:
कैबिनेट विज्ञप्ति में
नियमावली के नाम के साथ
2025 अंकित है।
बाद के प्रकाशित
नियमों में 2026 का
उल्लेख मिलता है।
किसी वास्तविक आवेदन
या कानूनी निर्णय के लिए
अंतिम अधिसूचित
नियमावली और उसकी
संशोधित शर्तों को
ही आधार माना जाना चाहिए।
JSSC/JPSC परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण
- कैबिनेट स्वीकृति — 15 अप्रैल 2026।
- अधिकतम ऊँचाई — 10 मीटर।
- भवन स्तर — G+2।
- क्षेत्रफल — 300 वर्ग मीटर।
- आवासीय न्यूनतम शुल्क — ₹10,000।
- गैर-आवासीय न्यूनतम शुल्क — ₹20,000।
- जुर्माने का भुगतान — तीन किस्तों का उल्लेख।
- शहरी स्थानीय शासन — 74वाँ संविधान संशोधन।
महत्वपूर्ण MCQs
1. झारखंड में अनधिकृत भवनों के नियमितीकरण संबंधी नियमावली को कैबिनेट ने कब मंजूरी दी?
(A) 11 अप्रैल 2026
(B) 13 अप्रैल 2026
(C) 15 अप्रैल 2026
(D) 20 अप्रैल 2026
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (C) 15 अप्रैल 2026
15 अप्रैल 2026 की कैबिनेट बैठक में नियमावली के गठन को मंजूरी दी गई।
2. कैबिनेट ब्रीफिंग के अनुसार भवनों के नियमितीकरण के लिए अधिकतम कितनी ऊँचाई का उल्लेख किया गया?
(A) 8 मीटर
(B) 10 मीटर
(C) 12 मीटर
(D) 15 मीटर
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) 10 मीटर
कैबिनेट ब्रीफिंग में 10 मीटर तक की ऊँचाई का उल्लेख हुआ था।
3. G+2 का अर्थ क्या होता है?
(A) केवल दो मंजिल
(B) भूतल और उसके ऊपर दो मंजिल
(C) भूतल और चार मंजिल
(D) केवल भूमिगत निर्माण
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) भूतल और उसके ऊपर दो मंजिल
G+2 का अर्थ Ground Floor और उसके ऊपर दो तल है।
4. कैबिनेट ब्रीफिंग में आवासीय भवन के नियमितीकरण हेतु न्यूनतम कितना शुल्क बताया गया?
(A) ₹5,000
(B) ₹10,000
(C) ₹20,000
(D) ₹50,000
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) ₹10,000
आवासीय भवन के लिए न्यूनतम ₹10,000 शुल्क का उल्लेख किया गया।
5. शहरी स्थानीय स्वशासन को संवैधानिक आधार किस संशोधन से मिला?
(A) 42वें
(B) 44वें
(C) 73वें
(D) 74वें
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (D) 74वें
74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 से नगरपालिकाओं संबंधी भाग IX-A जोड़ा गया।