झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026: बैद्यनाथ राम और परिमल नथवाणी निर्वाचित, अनुच्छेद 80 और चुनाव प्रक्रिया

Posted on: 18 June 2026 | Category: National

18 जून 2026 को झारखंड की दो राज्यसभा सीटों पर बैद्यनाथ राम और निर्दलीय परिमल नथवाणी निर्वाचित हुए; तीन मत अवैध घोषित किए गए।

झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026: बैद्यनाथ राम और परिमल नथवाणी निर्वाचित, अनुच्छेद 80 और चुनाव प्रक्रिया

झारखंड Current Affairs — 2026-06-18: यह लेख जून 2026 की राज्य-विशिष्ट घटना, उसके प्रशासनिक/कानूनी संदर्भ और JSSC/JPSC Prelims–Mains के लिए प्रासंगिक स्थायी सामान्य ज्ञान पर केंद्रित है।

मुख्य तथ्य (Highlights):
  • राज्यसभा चुनाव तिथि: 18 जून 2026।
  • रिक्त सीटें: 2 (झारखंड से)।
  • निर्वाचित: बैद्यनाथ राम और परिमल नथवाणी।
  • बैद्यनाथ राम: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) उम्मीदवार।
  • परिमल नथवाणी: समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार।
  • तीन मत अवैध हुए; समकालीन स्रोतों में विजयी उम्मीदवारों के मतों की संख्या को लेकर मतभेद हैं, इसलिए वैधानिक परिणाम पर ध्यान दें।
  • राज्यसभा के चुनाव में विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य मतदान करते हैं।
महत्वपूर्ण तिथियाँ:
  • 18 जून 2026 – झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए मतदान और परिणाम।

राज्यसभा का संवैधानिक परिचय

राज्यसभा संसद का उच्च सदन है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 80 में संरचना का उल्लेख है। राज्यों का प्रतिनिधित्व निर्वाचित विधानसभा सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली तथा एकल संक्रमणीय मत (Single Transferable Vote) से चुना जाता है।

कार्यकाल और स्थायित्व

राज्यसभा स्थायी सदन है, इसे भंग नहीं किया जाता; सामान्यतः प्रत्येक सदस्य का कार्यकाल छह वर्ष है और लगभग एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्षों में सेवानिवृत्त होते हैं।

संख्या और दलगत स्थिति

दो सीटों पर हुए चुनाव में बैद्यनाथ राम और परिमल नथवाणी निर्वाचित हुए। मतगणना पर विभिन्न मीडिया में संख्यात्मक भिन्नता दिखती है; अतः आधिकारिक निर्वाचन प्रमाणपत्र से पुष्टि के बिना प्रश्न में वोट संख्या को केंद्रीय तथ्य न बनाएं।

JSSC/JPSC के लिए महत्वपूर्ण Static GK:
  • अनुच्छेद 80 – राज्यसभा की संरचना।
  • अनुच्छेद 83(1) – राज्यसभा स्थायी सदन है; सदस्यों की आवधिक सेवानिवृत्ति।
  • राज्यसभा सदस्य का सामान्य कार्यकाल 6 वर्ष।
  • राज्यसभा में राज्यों के प्रतिनिधि निर्वाचित विधानसभा सदस्यों द्वारा चुने जाते हैं।
  • चुनाव प्रणाली: आनुपातिक प्रतिनिधित्व द्वारा एकल संक्रमणीय मत।
  • राज्यसभा का पदेन सभापति भारत का उपराष्ट्रपति होता है (अनुच्छेद 64)।

JSSC/JPSC परीक्षा में उपयोगिता

राज्यसभा की निर्वाचन प्रणाली, संवैधानिक अनुच्छेद और जून 2026 के झारखंड से चुने गए नाम JPSC हेतु अत्यंत महत्त्वपूर्ण।

महत्वपूर्ण MCQs — उत्तर और व्याख्या सहित

प्रश्न 1. 18 जून 2026 के झारखंड राज्यसभा चुनाव में कौन-से दो उम्मीदवार निर्वाचित हुए?
(A) बैद्यनाथ राम और परिमल नथवाणी
(B) रोहितश्य रॉय और हेमन्त सोरेन
(C) पंकज मित्तल और राजेश शंकर
(D) सतीश दुबे और जयपाल सिंह
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) बैद्यनाथ राम और परिमल नथवाणी

व्याख्या: दोनों का निर्वाचन 18 जून 2026 के परिणाम में दर्ज हुआ।

प्रश्न 2. राज्यसभा की संरचना किस अनुच्छेद में दी गई है?
(A) अनुच्छेद 80
(B) अनुच्छेद 165
(C) अनुच्छेद 243-I
(D) अनुच्छेद 356
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) अनुच्छेद 80

व्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 80 राज्यसभा की संरचना से संबंधित है।

प्रश्न 3. राज्यसभा में किसी राज्य के प्रतिनिधि का चुनाव कौन करता है?
(A) राज्यपाल
(B) विधानसभा के निर्वाचित सदस्य
(C) लोकसभा अध्यक्ष
(D) जिला परिषद के सदस्य
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) विधानसभा के निर्वाचित सदस्य

व्याख्या: राज्यों की सीटों के लिए संबंधित विधानसभा के निर्वाचित सदस्य मतदान करते हैं।

प्रश्न 4. राज्यसभा चुनाव में कौन-सी प्रणाली लागू होती है?
(A) सरल बहुमत
(B) प्रत्यक्ष सार्वभौमिक मतदान
(C) एकल संक्रमणीय मत सहित आनुपातिक प्रतिनिधित्व
(D) चिट्ठी निकालना
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C) एकल संक्रमणीय मत सहित आनुपातिक प्रतिनिधित्व

व्याख्या: राज्यसभा चुनाव में आनुपातिक प्रतिनिधित्व का एकल संक्रमणीय मत प्रणाली लागू है।

प्रश्न 5. राज्यसभा सदस्य का सामान्य कार्यकाल कितना होता है?
(A) 4 वर्ष
(B) 5 वर्ष
(C) 6 वर्ष
(D) अनिश्चित
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C) 6 वर्ष

व्याख्या: राज्यसभा सदस्य का सामान्य कार्यकाल 6 वर्ष होता है।

प्रश्न 6. राज्यसभा का पदेन सभापति कौन होता है?
(A) प्रधानमंत्री
(B) भारत का उपराष्ट्रपति
(C) मुख्य न्यायाधीश
(D) लोकसभा अध्यक्ष
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) भारत का उपराष्ट्रपति

व्याख्या: संविधान अनुच्छेद 64 के अनुसार उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति होता है।

स्रोत और संदर्भ

संपादकीय नोट: किसी प्रस्ताव, निर्णय या शिलान्यास को वास्तविक क्रियान्वयन/कार्य-समापन के बराबर न मानें। संबंधित घटना के समय की स्थिति और बाद के परिवर्तनों को अलग पढ़ें।

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