झारखंड में अंगदान को बढ़ावा देने की पहल 2026: प्रभावी कानूनी व्यवस्था और जनजागरूकता पर जोर

Posted on: 20 February 2026 | Category: Miscellaneous

20 फरवरी 2026 को झारखंड विधानसभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अंगदान को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी कानूनी व्यवस्था और व्यापक जनजागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया। राज्य सरकार ने अंगदान एवं प्रत्यारोपण संबंधी व्यवस्थाओं को मजबूत करने की मंशा व्यक्त की। भारत में अंगदान और प्रत्यारोपण का प्रमुख केंद्रीय कानूनी आधार मानव अंग और ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम, 1994 है।

झारखंड में अंगदान संबंधी व्यवस्था मजबूत करने की पहल

20 फरवरी 2026 को झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अंगदान के लिए प्रभावी कानूनी व्यवस्था और जनजागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने राज्य में अंगदान और अंग प्रत्यारोपण से संबंधित व्यवस्थाओं को मजबूत करने की बात कही।

प्रमुख तथ्य

  • तिथि: 20 फरवरी 2026
  • स्थान: झारखंड विधानसभा
  • विषय: अंगदान संबंधी कानूनी व्यवस्था और जागरूकता
  • पहल: अंगदान के लिए अधिक प्रभावी व्यवस्था विकसित करने की घोषणा
  • संबंधित क्षेत्र: स्वास्थ्य एवं चिकित्सा
महत्वपूर्ण तिथि: 20 फरवरी 2026 — झारखंड विधानसभा में अंगदान संबंधी कानूनी व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर चर्चा।

अंगदान क्या है?

अंगदान वह प्रक्रिया है जिसमें कानून और चिकित्सकीय मानकों के अनुसार किसी व्यक्ति के अंग या ऊतक प्रत्यारोपण के लिए दान किए जाते हैं।

अंगदान जीवित दाता अथवा मृत दाता से निर्धारित कानूनी शर्तों के अंतर्गत किया जा सकता है।

अंगदान के प्रकार

1. जीवित अंगदान

जीवित व्यक्ति निर्धारित चिकित्सकीय और कानूनी शर्तों के अंतर्गत कुछ अंग या अंग का हिस्सा दान कर सकता है।

2. मृतक अंगदान

कानूनी रूप से निर्धारित प्रक्रिया में मृत्यु की पुष्टि तथा आवश्यक सहमति प्राप्त होने पर अंगदान किया जा सकता है।

भारत में अंगदान का कानूनी आधार

भारत में अंगदान एवं प्रत्यारोपण से संबंधित प्रमुख केंद्रीय कानून है:

Transplantation of Human Organs and Tissues Act, 1994

इस कानून का उद्देश्य अंगों और ऊतकों को चिकित्सकीय प्रयोजनों के लिए निकालने, सुरक्षित रखने और प्रत्यारोपित करने की प्रक्रिया को विनियमित करना तथा उनके व्यावसायिक व्यापार को रोकना है।

NOTTO क्या है?

NOTTO का पूर्ण रूप National Organ and Tissue Transplant Organisation है।

यह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण प्रणाली से संबंधित संस्था है।

अंगदान जागरूकता क्यों महत्वपूर्ण है?

  • अंग प्रत्यारोपण की आवश्यकता वाले रोगियों की सहायता।
  • अंगदान से संबंधित भ्रांतियों को कम करना।
  • स्वैच्छिक एवं कानूनी अंगदान को बढ़ावा देना।
  • अस्पतालों और प्रत्यारोपण केंद्रों के बीच समन्वय बढ़ाना।
  • समय पर अंग उपलब्धता एवं प्रत्यारोपण की व्यवस्था मजबूत करना।
महत्वपूर्ण कानूनी स्पष्टीकरण: 20 फरवरी 2026 को झारखंड में अंगदान संबंधी नया कानून पारित नहीं हुआ था। मुख्यमंत्री ने प्रभावी कानूनी एवं प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करने की मंशा व्यक्त की थी।

JSSC/JPSC परीक्षा उपयोगिता

  • झारखंड विधानसभा में चर्चा — 20 फरवरी 2026
  • केंद्रीय कानून — मानव अंग और ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम, 1994
  • NOTTO — National Organ and Tissue Transplant Organisation
  • संबंधित मंत्रालय — स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय

महत्वपूर्ण MCQs

1. फरवरी 2026 में झारखंड विधानसभा में किस स्वास्थ्य विषय पर प्रभावी कानूनी व्यवस्था की आवश्यकता व्यक्त की गई?

(A) टीकाकरण
(B) अंगदान
(C) पोषण सर्वेक्षण
(D) खेल चिकित्सा

उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) अंगदान

मुख्यमंत्री ने अंगदान संबंधी व्यवस्था और जागरूकता को मजबूत करने पर जोर दिया।


2. भारत में मानव अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण से संबंधित प्रमुख केंद्रीय कानून किस वर्ष का है?

(A) 1986
(B) 1994
(C) 2005
(D) 2016

उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) 1994

Transplantation of Human Organs and Tissues Act, 1994 अंगदान एवं प्रत्यारोपण से संबंधित प्रमुख कानून है।


3. NOTTO का पूर्ण रूप क्या है?

(A) National Organ and Tissue Transplant Organisation
(B) National Oncology Treatment Organisation
(C) National Organ Testing and Training Office
(D) National Orthopaedic Treatment Organisation

उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) National Organ and Tissue Transplant Organisation

NOTTO भारत में अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण प्रणाली से संबंधित राष्ट्रीय संस्था है।

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