झारखंड की महापाषाण संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने की पहल
12 जनवरी 2026 को झारखंड सरकार ने राज्य की
महापाषाण संस्कृति (Megalithic Culture)
के संरक्षण और अंतरराष्ट्रीय पहचान को बढ़ावा देने की पहल की जानकारी दी।
झारखंड में महापाषाण परंपराएँ प्राचीन इतिहास के साथ-साथ
जनजातीय समुदायों की जीवित सांस्कृतिक परंपराओं से भी जुड़ी हुई हैं।
महापाषाण संस्कृति क्या है?
महापाषाण का अर्थ है बड़े पत्थरों से निर्मित संरचनाएँ।
ऐसी संरचनाएँ विभिन्न क्षेत्रों में स्मृति, समाधि,
अनुष्ठान और सामुदायिक परंपराओं से जुड़ी रही हैं।
झारखंड के प्रमुख महापाषाण स्थल
1. चोकाहातू – रांची
- चोकाहातू रांची जिले में स्थित है।
- यह मुंडा समुदाय की पारंपरिक महापाषाण संस्कृति से जुड़ा है।
- यहाँ स्मृति और पूर्वजों के सम्मान से संबंधित पत्थर स्थापित करने की परंपरा मिलती है।
- यह झारखंड की जीवित महापाषाण विरासत का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
2. पकरी बरवाडीह – हजारीबाग
- पकरी बरवाडीह हजारीबाग जिले में स्थित है।
- यहाँ प्राचीन पत्थर संरचनाओं का संबंध सूर्य की स्थिति और खगोलीय अवलोकन से जोड़ा जाता है।
- यह स्थल महापाषाण संस्कृति तथा पुरातात्त्विक खगोल अध्ययन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
महत्वपूर्ण तिथि: 12 जनवरी 2026 —
झारखंड की महापाषाण विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने की सरकारी पहल की जानकारी।
महत्वपूर्ण तथ्य:
जनवरी 2026 में इन स्थलों को UNESCO विश्व धरोहर का दर्जा मिलने की घोषणा नहीं हुई थी।
सरकार ने संरक्षण और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के प्रयास की बात कही थी।
महापाषाण संस्कृति और जनजातीय परंपराएँ
झारखंड में कई जनजातीय समुदायों की परंपराओं में
पूर्वजों की स्मृति में पत्थर स्थापित करने की प्रथा मिलती है।
ये स्मारक सामाजिक इतिहास, सामुदायिक स्मृति और
सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
JSSC/JPSC परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
- चोकाहातू – रांची जिला
- पकरी बरवाडीह – हजारीबाग जिला
- चोकाहातू – मुंडा जनजातीय परंपरा से संबंधित
- महापाषाण – बड़े पत्थरों से निर्मित प्राचीन या पारंपरिक संरचनाएँ
- सरकारी पहल की तिथि – 12 जनवरी 2026
महत्वपूर्ण MCQs
1. चोकाहातू महापाषाण स्थल किस जिले में स्थित है?
(A) दुमका
(B) रांची
(C) गुमला
(D) हजारीबाग
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) रांची
चोकाहातू रांची जिले का प्रमुख महापाषाण स्थल है।
2. पकरी बरवाडीह महापाषाण स्थल कहाँ स्थित है?
(A) हजारीबाग
(B) लोहरदगा
(C) खूंटी
(D) पलामू
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (A) हजारीबाग
पकरी बरवाडीह हजारीबाग जिले में स्थित है।
3. चोकाहातू की जीवित महापाषाण परंपरा विशेष रूप से किस जनजाति से संबंधित है?
(A) मुंडा
(B) बिरहोर
(C) पहाड़िया
(D) असुर
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (A) मुंडा
चोकाहातू में मुंडा समुदाय की स्मृति और महापाषाण परंपराओं का विशेष महत्व है।
4. महापाषाण का सामान्य अर्थ क्या है?
(A) मिट्टी का किला
(B) विशाल पत्थरों से निर्मित संरचना
(C) लकड़ी का मंदिर
(D) धातु का औजार
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) विशाल पत्थरों से निर्मित संरचना
महा का अर्थ बड़ा और पाषाण का अर्थ पत्थर होता है।
5. पकरी बरवाडीह स्थल का अध्ययन विशेष रूप से किस विषय से जुड़ा है?
(A) समुद्री व्यापार
(B) प्राचीन खगोलीय अवलोकन
(C) मध्यकालीन किलेबंदी
(D) आधुनिक शहरी नियोजन
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) प्राचीन खगोलीय अवलोकन
इस स्थल की पत्थर संरचनाओं का संबंध सूर्य की स्थिति और खगोलीय घटनाओं से जोड़ा जाता है।