झारखंड हाईकोर्ट ने PESA नियमावली की अधिसूचना के बाद बालू घाट आवंटन पर अंतरिम रोक हटाई

Posted on: 13 January 2026 | Category: Health & Education

13 जनवरी 2026 को झारखंड हाईकोर्ट ने PESA नियमावली अधिसूचित होने के बाद संबंधित अवमानना याचिका का निष्पादन किया तथा बालू घाटों सहित लघु खनिज आवंटन पर पूर्व में लगाई गई अंतरिम रोक हटा दी। न्यायालय ने नियमावली की संवैधानिक वैधता पर अंतिम निर्णय नहीं दिया।

PESA नियमावली पर झारखंड हाईकोर्ट का आदेश – 13 जनवरी 2026

13 जनवरी 2026 को झारखंड उच्च न्यायालय ने PESA नियमावली बनाए जाने से संबंधित अवमानना मामले में महत्वपूर्ण आदेश पारित किया।

राज्य सरकार द्वारा नियमावली अधिसूचित किए जाने की जानकारी देने के बाद न्यायालय ने अवमानना कार्यवाही समाप्त कर दी तथा पूर्व में जारी अंतरिम आदेशों को हटा दिया।

मामले का विवरण

  • न्यायालय: झारखंड उच्च न्यायालय, रांची
  • आदेश की तिथि: 13 जनवरी 2026
  • वाद: Adiwashi Buddhijivi Manch बनाम झारखंड राज्य
  • केस संख्या: Contempt Case (Civil) No. 96 of 2025
  • संबंधित कानून: PESA Act, 1996

मामले की पृष्ठभूमि

29 जुलाई 2024 को उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को PESA से संबंधित नियम बनाने का निर्देश दिया था।

नियम बनाने में देरी होने पर अवमानना कार्यवाही शुरू हुई। 9 सितंबर 2025 को न्यायालय ने लघु खनिजों, जिनमें बालू घाट भी शामिल हैं, के आवंटन पर अंतरिम प्रतिबंध लगाया था।

महत्वपूर्ण तिथियाँ
  • 29 जुलाई 2024 – PESA नियम बनाने संबंधी न्यायिक निर्देश।
  • 9 सितंबर 2025 – लघु खनिज एवं बालू घाट आवंटन पर अंतरिम रोक।
  • 2 जनवरी 2026 – झारखंड PESA नियमावली की अधिसूचना।
  • 13 जनवरी 2026 – अवमानना कार्यवाही समाप्त एवं अंतरिम आदेश वापस।

न्यायालय का निर्णय

  • राज्य सरकार ने नियमावली अधिसूचित होने की जानकारी दी।
  • न्यायालय ने अवमानना कार्यवाही आगे जारी रखना आवश्यक नहीं माना।
  • पूर्व में पारित अंतरिम आदेशों को समाप्त किया गया।
  • नियमावली की वैधता से संबंधित विवाद को स्वतंत्र कार्यवाही में उठाने का विकल्प खुला रखा गया।
महत्वपूर्ण कानूनी तथ्य: न्यायालय ने PESA नियमावली को संवैधानिक रूप से वैध घोषित नहीं किया। अवमानना याचिका का निष्पादन और किसी नियम की संवैधानिक वैधता का परीक्षण अलग-अलग न्यायिक विषय हैं।

PESA अधिनियम क्या है?

PESA का पूर्ण रूप Panchayats (Extension to the Scheduled Areas) Act, 1996 है।

यह अधिनियम संविधान की पाँचवीं अनुसूची के अंतर्गत आने वाले अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभा तथा स्थानीय स्वशासन की भूमिका से संबंधित है।

JSSC/JPSC परीक्षा उपयोगिता

  • PESA अधिनियम का वर्ष – 1996
  • संबंधित संवैधानिक व्यवस्था – पाँचवीं अनुसूची
  • झारखंड PESA नियमावली अधिसूचना – 2 जनवरी 2026
  • हाईकोर्ट आदेश – 13 जनवरी 2026
  • मुख्य विषय – ग्रामसभा, अनुसूचित क्षेत्र और स्थानीय संसाधन प्रबंधन

महत्वपूर्ण MCQs

1. झारखंड हाईकोर्ट ने PESA नियमावली से संबंधित अवमानना मामले में अंतरिम आदेश कब हटाए?

(A) 2 जनवरी 2026
(B) 9 जनवरी 2026
(C) 13 जनवरी 2026
(D) 20 जनवरी 2026

उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C) 13 जनवरी 2026

13 जनवरी 2026 के आदेश में न्यायालय ने अवमानना कार्यवाही समाप्त करते हुए पूर्व अंतरिम आदेश वापस लिए।


2. PESA अधिनियम किस वर्ष पारित हुआ?

(A) 1992
(B) 1996
(C) 2000
(D) 2005

उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) 1996

PESA अधिनियम 1996 में पारित हुआ।


3. PESA अधिनियम मुख्यतः किन क्षेत्रों से संबंधित है?

(A) महानगरों से
(B) औद्योगिक क्षेत्रों से
(C) पाँचवीं अनुसूची के अनुसूचित क्षेत्रों से
(D) केवल केंद्रशासित प्रदेशों से

उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C) पाँचवीं अनुसूची के अनुसूचित क्षेत्रों से

PESA अधिनियम पाँचवीं अनुसूची के अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायत व्यवस्था के विस्तार से संबंधित है।


4. झारखंड PESA नियमावली की अधिसूचना कब हुई?

(A) 2 जनवरी 2026
(B) 13 जनवरी 2026
(C) 20 जनवरी 2026
(D) 26 जनवरी 2026

उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) 2 जनवरी 2026

राज्य सरकार ने 2 जनवरी 2026 को नियमावली अधिसूचित होने की जानकारी न्यायालय को दी।


5. 13 जनवरी 2026 के आदेश में हाईकोर्ट ने किस विषय पर अंतिम निर्णय नहीं दिया?

(A) अवमानना कार्यवाही समाप्त करने पर
(B) पूर्व अंतरिम आदेश हटाने पर
(C) PESA नियमावली की संवैधानिक वैधता पर
(D) मामले की तिथि पर

उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C) PESA नियमावली की संवैधानिक वैधता पर

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि नियमावली की वैधता को उपयुक्त स्वतंत्र न्यायिक कार्यवाही में चुनौती दी जा सकती है।

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