झारखंड हाईकोर्ट का लोकायुक्त नियुक्ति पर आदेश
10 फरवरी 2026 को झारखंड उच्च न्यायालय
ने लोकायुक्त एवं राज्य की विभिन्न
वैधानिक संस्थाओं में रिक्त पदों से संबंधित
मामले की सुनवाई की।
सुनवाई के दौरान राज्य के महाधिवक्ता
ने न्यायालय को बताया कि
झारखंड लोकायुक्त अधिनियम, 2001
के अंतर्गत लोकायुक्त की नियुक्ति
छह सप्ताह के भीतर पूरी करने के लिए
प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रमुख तथ्य
- न्यायालय: झारखंड उच्च न्यायालय, रांची
- आदेश की तिथि: 10 फरवरी 2026
- प्रमुख मामला: W.P. (PIL) No. 2894 of 2021
- याचिकाकर्ता: Advocates' Association
- मुख्य न्यायाधीश: न्यायमूर्ति एम. एस. सोनक
- अन्य न्यायाधीश: न्यायमूर्ति राजेश शंकर
- संबंधित कानून: झारखंड लोकायुक्त अधिनियम, 2001
- सरकार द्वारा बताई गई समयसीमा: छह सप्ताह
महत्वपूर्ण तिथियाँ
- 10 फरवरी 2026 — उच्च न्यायालय का आदेश।
- चार सप्ताह — अन्य आयोगों की रिक्तियों के संबंध में शपथपत्र दाखिल करने की समयसीमा।
- छह सप्ताह — लोकायुक्त नियुक्ति के संबंध में सरकार द्वारा बताई गई समयसीमा।
- 17 मार्च 2026 — मामले की अगली निर्धारित सुनवाई।
न्यायालय ने क्या कहा?
राज्य के महाधिवक्ता ने न्यायालय के समक्ष
कहा कि लोकायुक्त की नियुक्ति
संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए
छह सप्ताह के भीतर की जाएगी।
उच्च न्यायालय ने इस कथन को
राज्य सरकार की ओर से दी गई
प्रतिबद्धता के रूप में स्वीकार किया।
न्यायालय ने मुख्य सचिव को
अगली सुनवाई से पहले अनुपालन रिपोर्ट
दाखिल करने का निर्देश दिया।
किन अन्य संस्थाओं की रिक्तियों का मुद्दा उठा?
- झारखंड शैक्षिक अधिकरण।
- राज्य महिला आयोग।
- राज्य मानवाधिकार आयोग।
- राज्य सूचना आयोग।
राज्य सूचना आयोग से संबंधित स्थिति
राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त
और सदस्यों की नियुक्ति से संबंधित
मामला सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष
लंबित होने की जानकारी न्यायालय को दी गई।
राज्य सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के
आदेश का अनुपालन करने की बात कही।
अन्य संस्थाओं के लिए शपथपत्र
झारखंड शैक्षिक अधिकरण,
राज्य महिला आयोग और
राज्य मानवाधिकार आयोग की रिक्तियों
को भरने की प्रस्तावित समयसीमा
बताने के लिए चार सप्ताह के भीतर
शपथपत्र दाखिल करने की बात
न्यायालय ने दर्ज की।
लोकायुक्त क्या है?
लोकायुक्त राज्य स्तर पर भ्रष्टाचार
और लोक सेवकों से संबंधित शिकायतों
की जाँच करने वाली वैधानिक संस्था है।
झारखंड में लोकायुक्त संस्था का
संबंध झारखंड लोकायुक्त अधिनियम, 2001
से है।
लोकायुक्त और लोकपाल में अंतर
| लोकपाल |
लोकायुक्त |
| केंद्रीय स्तर की भ्रष्टाचार-निरोधक संस्था |
राज्य स्तर की भ्रष्टाचार-निरोधक संस्था |
| लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 से संबंधित |
संबंधित राज्य कानून से संचालित |
अत्यंत महत्वपूर्ण:
10 फरवरी 2026 को झारखंड उच्च न्यायालय
ने किसी व्यक्ति को लोकायुक्त नियुक्त नहीं किया था।
न्यायालय ने सरकार की नियुक्ति संबंधी
प्रतिबद्धता दर्ज की और अनुपालन सुनिश्चित
करने के लिए निर्देश दिए।
संवैधानिक और वैधानिक संस्थाओं में अंतर:
लोकायुक्त, राज्य महिला आयोग और
राज्य मानवाधिकार आयोग जैसी संस्थाएँ
संबंधित कानूनों के अंतर्गत स्थापित होती हैं।
इन्हें सीधे संविधान द्वारा स्थापित
संवैधानिक संस्थाएँ नहीं कहा जाना चाहिए।
JSSC/JPSC परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण
- आदेश की तिथि — 10 फरवरी 2026
- मुख्य न्यायाधीश — न्यायमूर्ति एम. एस. सोनक
- अन्य न्यायाधीश — न्यायमूर्ति राजेश शंकर
- लोकायुक्त कानून — झारखंड लोकायुक्त अधिनियम, 2001
- नियुक्ति संबंधी सरकारी प्रतिबद्धता — छह सप्ताह
- अन्य संस्थाओं की रिक्तियों पर शपथपत्र — चार सप्ताह
- अगली निर्धारित सुनवाई — 17 मार्च 2026
महत्वपूर्ण MCQs
1. 10 फरवरी 2026 को झारखंड हाईकोर्ट में किस संस्था की नियुक्ति के संबंध में छह सप्ताह की समयसीमा बताई गई?
(A) राज्य निर्वाचन आयोग
(B) लोकायुक्त
(C) वित्त आयोग
(D) महाधिवक्ता
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) लोकायुक्त
राज्य सरकार ने लोकायुक्त नियुक्ति की प्रक्रिया छह सप्ताह के भीतर पूरी करने की प्रतिबद्धता न्यायालय के समक्ष व्यक्त की।
2. झारखंड लोकायुक्त अधिनियम किस वर्ष का है?
(A) 1996
(B) 2000
(C) 2001
(D) 2013
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (C) 2001
झारखंड में लोकायुक्त संस्था झारखंड लोकायुक्त अधिनियम, 2001 से संबंधित है।
3. 10 फरवरी 2026 के आदेश में झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश कौन थे?
(A) न्यायमूर्ति राजेश शंकर
(B) न्यायमूर्ति एम. एस. सोनक
(C) न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा
(D) न्यायमूर्ति बी. आर. गवई
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) न्यायमूर्ति एम. एस. सोनक
इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश एम. एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने की।
4. अन्य संस्थाओं की रिक्तियों के संबंध में कितने सप्ताह के भीतर शपथपत्र दाखिल करने की बात कही गई?
(A) दो सप्ताह
(B) चार सप्ताह
(C) छह सप्ताह
(D) आठ सप्ताह
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) चार सप्ताह
महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग तथा शैक्षिक अधिकरण की रिक्तियों के संबंध में चार सप्ताह के भीतर शपथपत्र दाखिल करने की बात दर्ज की गई।
5. लोकायुक्त संस्था मुख्यतः किससे संबंधित है?
(A) विधानसभा चुनाव
(B) भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की जाँच
(C) विश्वविद्यालय परीक्षाएँ
(D) मुद्रा जारी करना
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की जाँच
लोकायुक्त राज्य स्तर पर लोक सेवकों के विरुद्ध भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की जाँच से संबंधित वैधानिक संस्था है।