कोडरमा–रजौली सड़क परियोजना पर झारखंड हाईकोर्ट का आदेश
16 फरवरी 2026 को झारखंड उच्च न्यायालय
ने कोडरमा–रजौली सड़क परियोजना
से संबंधित वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण
मामले में महत्वपूर्ण आदेश पारित किया।
न्यायालय ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग
प्राधिकरण (NHAI) को वैकल्पिक मार्ग की
Detailed Project Report (DPR)
तैयार करने के लिए आठ सप्ताह का
अतिरिक्त समय दिया।
प्रमुख तथ्य
- न्यायालय: झारखंड उच्च न्यायालय, रांची
- आदेश की तिथि: 16 फरवरी 2026
- मामला: Court on its Own Motion बनाम झारखंड राज्य एवं अन्य
- वाद संख्या: W.P. (PIL) No. 3935 of 2020
- सड़क परियोजना: कोडरमा–रजौली खंड
- संबंधित संस्था: NHAI
- DPR के लिए अतिरिक्त समय: आठ सप्ताह
- राज्य की एनिमल पैसेज योजना: दो सप्ताह
- अगली निर्धारित सुनवाई: 28 अप्रैल 2026
महत्वपूर्ण तिथियाँ
- 25 जुलाई 2024 — राज्य सरकार द्वारा एनिमल पैसेज योजना से संबंधित आश्वासन दर्ज।
- 30 अक्टूबर 2025 — सड़क परियोजना की प्रगति पर न्यायालय का पूर्व आदेश।
- 16 फरवरी 2026 — वैकल्पिक मार्ग की DPR के लिए समय बढ़ाया गया।
- दो सप्ताह — राज्य सरकार को एनिमल पैसेज योजना प्रस्तुत करने का निर्देश।
- आठ सप्ताह — NHAI को DPR तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय।
- 28 अप्रैल 2026 — अगली निर्धारित सुनवाई।
मामले की पृष्ठभूमि
कोडरमा–रजौली सड़क परियोजना
झारखंड और बिहार से संबंधित है।
सड़क मार्ग के कारण वन्यजीव आवासों
और पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्रों
पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव
को लेकर मामला उच्च न्यायालय
के समक्ष विचाराधीन था।
न्यायालय ने क्या निर्देश दिए?
- वन्यजीवों के कोर क्षेत्र और इको-सेंसिटिव जोन को प्रभावित न करने वाले वैकल्पिक मार्ग की DPR तैयार की जाए।
- NHAI को DPR तैयार करने के लिए आठ सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया गया।
- राज्य सरकार दो सप्ताह के भीतर एनिमल पैसेज योजना सहित शपथपत्र प्रस्तुत करे।
- राज्य सरकार योजना की प्रति NHAI को भी उपलब्ध कराए।
- DPR तैयार करते समय वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन की आवश्यकता पर विचार किया जाए।
- सड़क को उपयोग योग्य बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन रखा जाए।
एनिमल पैसेज योजना क्या है?
एनिमल पैसेज योजना का उद्देश्य
सड़क जैसी अवसंरचना के कारण
वन्यजीवों के प्राकृतिक आवागमन
में उत्पन्न बाधाओं को कम करना है।
इस प्रकार की योजनाओं में वन्यजीवों
के लिए सुरक्षित अंडरपास,
ओवरपास या अन्य उपयुक्त
आवागमन व्यवस्थाओं पर
विचार किया जा सकता है।
इको-सेंसिटिव जोन क्या है?
इको-सेंसिटिव जोन (Eco-Sensitive Zone)
संरक्षित क्षेत्रों के आसपास अधिसूचित
ऐसे क्षेत्र होते हैं, जहाँ पर्यावरण संरक्षण
के उद्देश्य से कुछ गतिविधियों पर
नियमन या प्रतिबंध लागू हो सकते हैं।
इनका उद्देश्य संरक्षित वन्यजीव
आवासों के आसपास पर्यावरणीय
दबाव को कम करना है।
NHAI क्या है?
NHAI का पूर्ण रूप
National Highways Authority of India
है।
इसकी स्थापना राष्ट्रीय राजमार्ग
प्राधिकरण अधिनियम, 1988 के
अंतर्गत हुई।
सतत विकास का सिद्धांत
न्यायालय ने सड़क परियोजना में
Sustainable Development
के सिद्धांत का पालन करने पर जोर दिया।
सतत विकास का उद्देश्य विकास
संबंधी आवश्यकताओं को पूरा
करते हुए पर्यावरण और प्राकृतिक
संसाधनों का दीर्घकालिक संरक्षण करना है।
महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण:
16 फरवरी 2026 को न्यायालय ने
वैकल्पिक मार्ग की DPR तैयार करने
के लिए अतिरिक्त समय दिया था।
इसे अंतिम सड़क मार्ग की स्वीकृति
या निर्माण कार्य पूरा होने की
घटना नहीं समझना चाहिए।
JSSC/JPSC परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण
- आदेश — 16 फरवरी 2026
- मामला — W.P. (PIL) No. 3935 of 2020
- परियोजना — कोडरमा–रजौली सड़क
- संस्था — NHAI
- DPR के लिए अतिरिक्त समय — आठ सप्ताह
- एनिमल पैसेज योजना — दो सप्ताह
- सिद्धांत — Sustainable Development
महत्वपूर्ण MCQs
1. फरवरी 2026 में झारखंड हाईकोर्ट का वन्यजीव संरक्षण संबंधी आदेश किस सड़क परियोजना से संबंधित था?
(A) रांची–टाटा
(B) कोडरमा–रजौली
(C) दुमका–देवघर
(D) धनबाद–बोकारो
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) कोडरमा–रजौली
न्यायालय ने कोडरमा–रजौली सड़क परियोजना के वैकल्पिक मार्ग से संबंधित निर्देश दिए।
2. न्यायालय ने NHAI को DPR तैयार करने के लिए कितना अतिरिक्त समय दिया?
(A) दो सप्ताह
(B) चार सप्ताह
(C) आठ सप्ताह
(D) बारह सप्ताह
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (C) आठ सप्ताह
हाईकोर्ट ने वैकल्पिक मार्ग की DPR तैयार करने के लिए आठ सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया।
3. राज्य सरकार को एनिमल पैसेज योजना प्रस्तुत करने के लिए कितना समय दिया गया?
(A) एक सप्ताह
(B) दो सप्ताह
(C) छह सप्ताह
(D) आठ सप्ताह
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) दो सप्ताह
राज्य सरकार को दो सप्ताह के भीतर योजना सहित शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया गया।
4. NHAI का पूर्ण रूप क्या है?
(A) National Highway Investigation Agency
(B) National Highways Authority of India
(C) National Housing Authority of India
(D) National Heritage Authority of India
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) National Highways Authority of India
NHAI भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास और प्रबंधन से संबंधित संस्था है।
5. सड़क विकास और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन किस सिद्धांत से संबंधित है?
(A) वित्तीय विकेंद्रीकरण
(B) सतत विकास
(C) न्यायिक पुनरावलोकन
(D) राजकोषीय घाटा
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) सतत विकास
सतत विकास का उद्देश्य वर्तमान विकास आवश्यकताओं के साथ पर्यावरण का संरक्षण करना है।