बाहा पर्व 2026: संथाल जनजाति का पारंपरिक प्रकृति पर्व
5 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री
हेमंत सोरेन
ने अपने पैतृक गाँव नेमरा,
जिला रामगढ़ में आयोजित
बाहा पर्व (Baha Parab)
में भाग लिया।
मुख्यमंत्री ग्रामीणों के साथ
पदयात्रा करते हुए गाँव के
जाहेर थान पहुँचे और
पारंपरिक विधि-विधान से
पूजा-अर्चना की।
2026 के आयोजन के प्रमुख तथ्य
- पर्व: बाहा पर्व
- तिथि: 5 मार्च 2026
- स्थान: नेमरा गाँव
- जिला: रामगढ़
- प्रमुख जनजातीय परंपरा: संथाल
- पूजा स्थल: जाहेर थान
- नाइके बाबा: चैतन टुडू
- कुड़म नाइके: छोटू बेसरा
- विशेष अतिथि: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
महत्वपूर्ण तिथि:
5 मार्च 2026 — रामगढ़ जिले
के नेमरा गाँव में बाहा पर्व
का आयोजन और मुख्यमंत्री की सहभागिता।
बाहा पर्व क्या है?
बाहा पर्व संथाल समुदाय
का महत्वपूर्ण पारंपरिक
प्रकृति और फूलों से
संबंधित त्योहार है।
संथाली भाषा में
बाहा का अर्थ फूल
से संबंधित है।
यह पर्व वसंत ऋतु में
प्रकृति के नवजीवन,
पेड़-पौधों में फूल आने और
सामुदायिक कल्याण की
कामना से जुड़ा है।
बाहा पर्व कब मनाया जाता है?
बाहा पर्व सामान्यतः
वसंत ऋतु के दौरान
फरवरी–मार्च के आसपास
मनाया जाता है।
पारंपरिक कैलेंडर एवं
ग्राम स्तरीय परंपराओं
के अनुसार आयोजन की
तिथि विभिन्न स्थानों
पर अलग हो सकती है।
महत्वपूर्ण:
5 मार्च 2026 नेमरा गाँव
में हुए विशेष आयोजन की तिथि थी।
बाहा पर्व की पूरे झारखंड
में प्रत्येक वर्ष एक ही
निश्चित अंग्रेजी तिथि नहीं होती।
जाहेर थान क्या है?
जाहेर थान
संथाल समुदाय का पारंपरिक
पवित्र पूजा स्थल होता है।
यह सामान्यतः गाँव के
समीप वृक्षों या
प्राकृतिक परिवेश से
जुड़ा पवित्र स्थल होता है।
यहाँ समुदाय के लोग
अपने पारंपरिक धार्मिक
अनुष्ठान संपन्न करते हैं।
बाहा पर्व में किन प्राकृतिक तत्वों का महत्व है?
- साल अथवा सखुआ के फूल।
- महुआ के फूल।
- वसंत ऋतु में पुष्पित वनस्पतियाँ।
- प्राकृतिक वन एवं पवित्र उपवन।
- सामुदायिक प्रकृति पूजा की परंपरा।
नाइके बाबा कौन होते हैं?
संथाल समुदाय की
पारंपरिक व्यवस्था में
नाइके
ग्राम स्तरीय धार्मिक
अनुष्ठानों से संबंधित
महत्वपूर्ण पदाधिकारी होते हैं।
वे समुदाय के पारंपरिक
पूजा-पर्वों में
धार्मिक अनुष्ठान
संपन्न कराते हैं।
कुड़म नाइके क्या होते हैं?
कुड़म नाइके
संथाल समुदाय की पारंपरिक
धार्मिक व्यवस्था में
नाइके से संबद्ध
सहायक धार्मिक पदाधिकारी
की भूमिका निभाते हैं।
5 मार्च 2026 के आयोजन में
चैतन टुडू ने नाइके बाबा
और छोटू बेसरा ने
कुड़म नाइके के रूप में
अनुष्ठान संपन्न कराए।
संथाल जनजाति की मांझी–परगना शासन व्यवस्था
संथाल समुदाय की
पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था
को मांझी–परगना व्यवस्था
के नाम से जाना जाता है।
इस व्यवस्था में
सामाजिक, प्रशासनिक और
धार्मिक जिम्मेदारियाँ
अलग-अलग पारंपरिक
पदाधिकारियों से संबंधित होती हैं।
प्रमुख पारंपरिक पदाधिकारी
| पदाधिकारी |
प्रमुख भूमिका |
| मांझी |
ग्राम प्रधान एवं सामाजिक नेतृत्व |
| प्रामाणिक / परानिक |
ग्राम प्रधान से संबंधित सहायक भूमिका |
| जोग मांझी |
युवा एवं सामाजिक अनुशासन से संबंधित भूमिका |
| गोडैत |
संदेश पहुँचाना तथा सामुदायिक समन्वय |
| नाइके |
ग्राम स्तरीय धार्मिक अनुष्ठान |
| कुड़म नाइके |
सहायक धार्मिक पदाधिकारी |
| परगनैत |
परगना स्तर का पारंपरिक नेतृत्व |
बाहा पर्व और सरहुल में अंतर
बाहा पर्व और सरहुल
दोनों प्रकृति से जुड़े
महत्वपूर्ण जनजातीय पर्व हैं,
लेकिन इनकी सांस्कृतिक
परंपराएँ और प्रमुख
सामुदायिक संदर्भ अलग हैं।
| बाहा पर्व |
सरहुल |
| विशेष रूप से संथाल परंपरा से संबंधित |
विशेष रूप से उरांव, मुंडा तथा अन्य समुदायों की परंपराओं से संबंधित |
| जाहेर थान का प्रमुख महत्व |
सरना स्थल का प्रमुख महत्व |
| नाइके की धार्मिक भूमिका |
पाहन की धार्मिक भूमिका |
| फूलों और वसंत ऋतु से संबंध |
प्रकृति पूजा और कृषि चक्र से संबंध |
सांस्कृतिक सावधानी:
जनजातीय समुदायों और
विभिन्न क्षेत्रों में
इन पर्वों की परंपराओं
में समानताएँ तथा
स्थानीय भिन्नताएँ मिलती हैं।
इसलिए प्रत्येक परंपरा को
सभी गाँवों पर एक समान
लागू नहीं मानना चाहिए।
नेमरा गाँव से संबंधित GK
- गाँव — नेमरा।
- जिला — रामगढ़।
- प्रखंड — गोला।
- विशेष पहचान — मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पैतृक गाँव।
JSSC/JPSC परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण
- बाहा पर्व — संथाल जनजाति की प्रमुख परंपरा।
- बाहा — फूल से संबंधित शब्द।
- पारंपरिक पूजा स्थल — जाहेर थान।
- प्रमुख धार्मिक पदाधिकारी — नाइके।
- सहायक धार्मिक पदाधिकारी — कुड़म नाइके।
- पारंपरिक ग्राम प्रधान — मांझी।
- परगना स्तर का नेतृत्व — परगनैत।
- 5 मार्च 2026 का आयोजन — नेमरा, रामगढ़।
- नाइके बाबा — चैतन टुडू।
- कुड़म नाइके — छोटू बेसरा।
महत्वपूर्ण MCQs
1. बाहा पर्व मुख्यतः किस जनजातीय परंपरा से संबंधित है?
(A) संथाल
(B) भील
(C) टोडा
(D) गारो
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (A) संथाल
बाहा पर्व संथाल समुदाय का महत्वपूर्ण पारंपरिक प्रकृति पर्व है।
2. संथाली परंपरा में बाहा शब्द का संबंध किससे है?
(A) पर्वत
(B) फूल
(C) नदी
(D) युद्ध
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) फूल
बाहा पर्व फूलों और वसंत ऋतु से संबंधित पर्व है।
3. संथाल समुदाय का पारंपरिक पवित्र पूजा स्थल क्या कहलाता है?
(A) जाहेर थान
(B) अखाड़ा भवन
(C) राजसभा
(D) पंचायत सचिवालय
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (A) जाहेर थान
जाहेर थान संथाल समुदाय का महत्वपूर्ण पारंपरिक पवित्र पूजा स्थल है।
4. संथाल समुदाय में नाइके की प्रमुख भूमिका क्या होती है?
(A) राजस्व संग्रह
(B) धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराना
(C) पुलिस प्रशासन
(D) रेलवे संचालन
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराना
नाइके पारंपरिक ग्राम स्तरीय धार्मिक पदाधिकारी होते हैं।
5. 5 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री ने बाहा पर्व में किस गाँव में भाग लिया?
(A) उलीहातू
(B) नेमरा
(C) भोगनाडीह
(D) सिलागाईं
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) नेमरा
मुख्यमंत्री ने रामगढ़ जिले के नेमरा गाँव में बाहा पर्व मनाया।
6. नेमरा गाँव किस जिले में स्थित है?
(A) रांची
(B) दुमका
(C) रामगढ़
(D) गुमला
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (C) रामगढ़
नेमरा गाँव रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड में स्थित है।
7. संथाल समुदाय की पारंपरिक शासन व्यवस्था में ग्राम प्रधान को क्या कहा जाता है?
(A) मांझी
(B) नाइके
(C) परगनैत
(D) कुड़म नाइके
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (A) मांझी
मांझी संथाल गाँव के पारंपरिक सामाजिक एवं प्रशासनिक प्रधान होते हैं।
8. नेमरा में 5 मार्च 2026 को आयोजित बाहा पूजा में नाइके बाबा कौन थे?
(A) छोटू बेसरा
(B) चैतन टुडू
(C) रघुनाथ मुर्मू
(D) जयपाल सिंह मुंडा
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) चैतन टुडू
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार चैतन टुडू ने नाइके बाबा के रूप में पूजा संपन्न कराई। छोटू बेसरा कुड़म नाइके थे।