Hindi Literature MCQs for JSSC Kakshapal Mains Exam

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Hindi Literature MCQs for JSSC Kakshapal Mains Exam

श्रेणी: Hindi | विषय: Hindi Literature | परीक्षा: JSSC Kakshapal Mains Exam

1
Hindi Literature • Alankar
‘छलमल दलमल चंचल चंचल, झलमल झलमल तारा’ में कौन-सा अलंकार है? ‘छलमल दलमल चंचल चंचल, झलमल झलमल तारा’ में कौन-सा अलंकार है?
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सही उत्तर: A Correct Answer: A
इस पंक्ति में समान वर्णों और ध्वनियों की बार-बार आवृत्ति हुई है। वर्णों की आवृत्ति के कारण यहाँ अनुप्रास अलंकार है।
इस पंक्ति में समान वर्णों और ध्वनियों की बार-बार आवृत्ति हुई है। वर्णों की आवृत्ति के कारण यहाँ अनुप्रास अलंकार है।
2
Hindi Literature • Alankar
अनुप्रास, यमक और श्लेष किस अलंकार के अंतर्गत आते हैं? अनुप्रास, यमक और श्लेष किस अलंकार के अंतर्गत आते हैं?
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सही उत्तर: A Correct Answer: A
अनुप्रास, यमक और श्लेष में सौंदर्य का मुख्य आधार शब्द, वर्ण अथवा शब्द की आवृत्ति होती है। इसलिए इन्हें शब्दालंकार के अंतर्गत रखा जाता है।
अनुप्रास, यमक और श्लेष में सौंदर्य का मुख्य आधार शब्द, वर्ण अथवा शब्द की आवृत्ति होती है। इसलिए इन्हें शब्दालंकार के अंतर्गत रखा जाता है।
3
Hindi Literature • Alankar
‘हाय! फूल से कोमल बच्ची, हुई राख की थी ढेरी।’ इसमें कौन-सा अलंकार दिखाई देता है? ‘हाय! फूल से कोमल बच्ची, हुई राख की थी ढेरी।’ इसमें कौन-सा अलंकार दिखाई देता है?
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सही उत्तर: C Correct Answer: C
यहाँ बच्ची की कोमलता की तुलना फूल की कोमलता से ‘से’ वाचक शब्द द्वारा की गई है। उपमेय, उपमान और वाचक शब्द की उपस्थिति के कारण यहाँ उपमा अलंकार है।
यहाँ बच्ची की कोमलता की तुलना फूल की कोमलता से ‘से’ वाचक शब्द द्वारा की गई है। उपमेय, उपमान और वाचक शब्द की उपस्थिति के कारण यहाँ उपमा अलंकार है।
4
Hindi Literature • Alankar
भारतीय काव्यशास्त्र के किस आचार्य ने ‘काव्य की शोभा बढ़ाने वाले धर्मों को अलंकार’ कहा है? भारतीय काव्यशास्त्र के किस आचार्य ने ‘काव्य की शोभा बढ़ाने वाले धर्मों को अलंकार’ कहा है?
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सही उत्तर: B Correct Answer: B
आचार्य वामन ने ‘काव्यशोभाकरान् धर्मान् अलंकारान् प्रचक्षते’ कहकर काव्य की शोभा बढ़ाने वाले धर्मों को अलंकार माना है।
आचार्य वामन ने ‘काव्यशोभाकरान् धर्मान् अलंकारान् प्रचक्षते’ कहकर काव्य की शोभा बढ़ाने वाले धर्मों को अलंकार माना है।

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