स्कूल रूआर 2026: झारखंड में स्कूल से बाहर बच्चों के नामांकन और नियमित उपस्थिति के लिए अभियान

Posted on: 09 April 2026 | Category: General

9 अप्रैल 2026 को झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने राज्यस्तरीय स्कूल रूआर 2026 (Back to School) अभियान शुरू किया। इसके अंतर्गत 15 से 30 अप्रैल 2026 तक विद्यालय स्तर पर विशेष गतिविधियाँ निर्धारित की गईं। अभियान का उद्देश्य विद्यालय से बाहर बच्चों की पहचान, उनका पुनः नामांकन, नियमित उपस्थिति में सुधार तथा विशेष परिस्थितियों वाले बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना था। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह ने अभियान में विभागों एवं सहयोगी संस्थाओं के समन्वय और नियमित निगरानी पर जोर दिया।

स्कूल रूआर 2026: झारखंड का Back to School अभियान

9 अप्रैल 2026 को झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) ने राज्यस्तरीय स्कूल रूआर 2026 (Back to School) अभियान का शुभारंभ किया।

इस अभियान का उद्देश्य विद्यालय से बाहर बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना, नामांकन बढ़ाना और विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है।

अभियान के अंतर्गत राज्य के विद्यालयों में 15 से 30 अप्रैल 2026 तक विशेष गतिविधियाँ आयोजित करने का कार्यक्रम निर्धारित था।

प्रमुख तथ्य

  • अभियान: स्कूल रूआर 2026
  • अंग्रेजी नाम: Back to School Campaign
  • राज्यस्तरीय शुभारंभ: 9 अप्रैल 2026
  • विद्यालय-स्तरीय गतिविधियाँ: 15 से 30 अप्रैल 2026
  • आयोजक संस्था: झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद
  • संबंधित विभाग: स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग
  • विभागीय सचिव: उमा शंकर सिंह
  • प्रमुख उद्देश्य: नामांकन, पुनः नामांकन और नियमित उपस्थिति

महत्वपूर्ण तिथियाँ

  • 9 अप्रैल 2026 — स्कूल रूआर 2026 का राज्यस्तरीय शुभारंभ।
  • 15–30 अप्रैल 2026 — विद्यालयों में विशेष अभियान गतिविधियाँ।

स्कूल रूआर अभियान क्या है?

स्कूल रूआर झारखंड में विद्यालय से बाहर रह गए बच्चों को विद्यालयों से जोड़ने और नामांकन को बढ़ावा देने से संबंधित अभियान है।

इसमें ऐसे बच्चों की पहचान पर विशेष ध्यान दिया जाता है जो अभी किसी विद्यालय में नामांकित नहीं हैं या बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं।

अभियान के प्रमुख उद्देश्य

  1. विद्यालय से बाहर बच्चों की पहचान करना।
  2. अनामांकित बच्चों का विद्यालय में नामांकन कराना।
  3. पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों का पुनः नामांकन सुनिश्चित करना।
  4. नियमित विद्यालय उपस्थिति बढ़ाना।
  5. विशेष परिस्थितियों वाले बच्चों को शिक्षा से जोड़ना।
  6. अभिभावकों और स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ाना।
  7. नामांकन और उपस्थिति की नियमित निगरानी करना।

9 अप्रैल 2026 के राज्यस्तरीय कार्यक्रम की प्रमुख बातें

रांची में झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा आयोजित कार्यक्रम में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह ने छात्र नामांकन और उपस्थिति सुधारने पर जोर दिया।

उन्होंने विभिन्न विभागों, जिला स्तरीय अधिकारियों और सहयोगी संस्थाओं के बीच समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता बताई।

विद्यालय स्तर पर प्रस्तावित गतिविधियाँ

  • विद्यालय से बाहर बच्चों की पहचान।
  • अभिभावकों से संपर्क।
  • प्रवेश एवं पुनः प्रवेश के लिए जागरूकता।
  • विद्यालयों में नामांकन संबंधी विशेष गतिविधियाँ।
  • समुदाय और विद्यालय के बीच समन्वय।
  • नामांकन एवं उपस्थिति की निगरानी।

विद्यालय छोड़ चुके बच्चे कौन हैं?

ऐसे बच्चे जो विद्यालय में नामांकित होने के बाद अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ देते हैं, उन्हें सामान्यतः School Dropout श्रेणी में रखा जाता है।

इसके विपरीत कुछ बच्चे ऐसे भी होते हैं जिन्होंने निर्धारित आयु में विद्यालय में प्रवेश ही नहीं लिया।

स्कूल रूआर अभियान का उद्देश्य दोनों प्रकार के बच्चों को शिक्षा से जोड़ना है।

बच्चों के विद्यालय छोड़ने के प्रमुख कारण

  • आर्थिक कठिनाइयाँ।
  • विद्यालय से दूरी।
  • परिवार का पलायन।
  • सामाजिक एवं पारिवारिक परिस्थितियाँ।
  • नियमित शैक्षणिक सहायता का अभाव।
  • विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के सामने आने वाली बाधाएँ।

अभियान में समुदाय की भूमिका

अभियान में अभिभावकों, विद्यालय प्रबंधन समितियों और स्थानीय समुदायों का सहयोग महत्वपूर्ण है।

विद्यालय तथा समुदाय के समन्वय से बच्चों की उपस्थिति और नामांकन की स्थिति बेहतर बनाई जा सकती है।

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद क्या है?

Jharkhand Education Project Council (JEPC) झारखंड में विद्यालयी शिक्षा से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और समन्वय में भूमिका निभाने वाली संस्था है।

यह राज्य के स्कूली शिक्षा और साक्षरता क्षेत्र से संबंधित है।

शिक्षा का अधिकार

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21A 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार से संबंधित है।

अनुच्छेद 21A कब जोड़ा गया?

संविधान में अनुच्छेद 21A 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 के माध्यम से जोड़ा गया।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009

Right of Children to Free and Compulsory Education Act, 2009 को सामान्यतः RTE Act, 2009 कहा जाता है।

यह अधिनियम 1 अप्रैल 2010 से लागू हुआ।

शिक्षा से संबंधित संवैधानिक प्रावधान

अनुच्छेद संबंधित विषय
21A 6–14 वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा
45 छह वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा
51A(k) अभिभावक या संरक्षक का बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करने संबंधी मौलिक कर्तव्य

अभियान का महत्व

विद्यालय में नामांकन के साथ बच्चों का नियमित रूप से पढ़ाई जारी रखना भी आवश्यक है।

स्कूल रूआर जैसे अभियान शिक्षा तक पहुँच बढ़ाने, ड्रॉपआउट कम करने तथा विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बेहतर करने में सहायक हो सकते हैं।

महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण: 9 अप्रैल 2026 को अभियान का राज्यस्तरीय शुभारंभ हुआ था। विद्यालय स्तर पर विशेष गतिविधियाँ 15 से 30 अप्रैल 2026 के लिए निर्धारित थीं। दोनों तिथियों को अलग रखना चाहिए।
योजना की स्थिति: अभियान के उद्देश्य को पूरी तरह प्राप्त उपलब्धि नहीं माना जाना चाहिए। नामांकन और उपस्थिति में वास्तविक सुधार का आकलन बाद के आधिकारिक आँकड़ों से किया जाएगा।

JSSC/JPSC परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण

  • अभियान — स्कूल रूआर 2026
  • अंग्रेजी नाम — Back to School
  • राज्यस्तरीय शुभारंभ — 9 अप्रैल 2026
  • विद्यालय स्तर पर गतिविधियाँ — 15 से 30 अप्रैल 2026
  • आयोजक — झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद
  • विभाग — स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग
  • विभागीय सचिव — उमा शंकर सिंह
  • मुख्य उद्देश्य — नामांकन और नियमित उपस्थिति
  • शिक्षा का अधिकार — अनुच्छेद 21A
  • 86वाँ संविधान संशोधन — 2002
  • RTE Act — 2009
  • RTE अधिनियम लागू — 1 अप्रैल 2010

महत्वपूर्ण MCQs

1. झारखंड में स्कूल रूआर 2026 अभियान का राज्यस्तरीय शुभारंभ कब हुआ?

(A) 1 अप्रैल 2026
(B) 9 अप्रैल 2026
(C) 15 अप्रैल 2026
(D) 30 अप्रैल 2026

उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) 9 अप्रैल 2026

9 अप्रैल 2026 को झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने राज्यस्तरीय स्कूल रूआर अभियान का शुभारंभ किया।


2. स्कूल रूआर अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?

(A) केवल नए विद्यालय भवन बनाना
(B) विद्यालय से बाहर बच्चों का नामांकन और उपस्थिति बढ़ाना
(C) केवल शिक्षक भर्ती करना
(D) केवल उच्च शिक्षा संस्थान खोलना

उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) विद्यालय से बाहर बच्चों का नामांकन और उपस्थिति बढ़ाना

अभियान का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है।


3. स्कूल रूआर 2026 की विद्यालय-स्तरीय विशेष गतिविधियाँ कब निर्धारित थीं?

(A) 1 से 10 अप्रैल
(B) 9 से 14 अप्रैल
(C) 15 से 30 अप्रैल
(D) 1 से 15 मई

उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C) 15 से 30 अप्रैल

विद्यालय स्तर पर अभियान की विशेष गतिविधियाँ 15–30 अप्रैल 2026 के लिए निर्धारित थीं।


4. स्कूल रूआर अभियान का आयोजन किस संस्था ने किया?

(A) झारखंड कर्मचारी चयन आयोग
(B) झारखंड लोक सेवा आयोग
(C) झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद
(D) झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग

उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C) झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद

JEPC ने स्कूल रूआर 2026 के राज्यस्तरीय अभियान का शुभारंभ किया।


5. संविधान का अनुच्छेद 21A किस आयु वर्ग के बच्चों की निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा से संबंधित है?

(A) 3 से 6 वर्ष
(B) 6 से 14 वर्ष
(C) 14 से 18 वर्ष
(D) 18 से 21 वर्ष

उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) 6 से 14 वर्ष

अनुच्छेद 21A निर्धारित आयु वर्ग के बच्चों के निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के अधिकार से संबंधित है।


6. शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 कब लागू हुआ?

(A) 26 जनवरी 2009
(B) 15 अगस्त 2009
(C) 1 अप्रैल 2010
(D) 1 अप्रैल 2012

उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C) 1 अप्रैल 2010

शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 देश में 1 अप्रैल 2010 से लागू हुआ।

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