झारखंड–BNHS गिद्ध संरक्षण समझौता 2026: मुटा में दो संकटग्रस्त गिद्ध प्रजातियों के संरक्षण पर जोर

Posted on: 22 January 2026 | Category: Environment & Forest

22 जनवरी 2026 को झारखंड वन विभाग और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (BNHS) के बीच गिद्ध संरक्षण के लिए पाँच वर्षीय समझौते पर हस्ताक्षर हुए। इसका उद्देश्य रांची के मुटा स्थित संरक्षण प्रजनन केंद्र को सशक्त बनाना तथा अत्यंत संकटग्रस्त व्हाइट-रम्प्ड और इंडियन वल्चर के संरक्षण, वैज्ञानिक प्रजनन एवं निगरानी को बढ़ावा देना है।

झारखंड–BNHS गिद्ध संरक्षण समझौता 2026

22 जनवरी 2026 को झारखंड वन विभाग और Bombay Natural History Society (BNHS) के बीच गिद्ध संरक्षण के लिए पाँच वर्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए।

यह समझौता मुंबई स्थित BNHS मुख्यालय में हुआ। इसका उद्देश्य झारखंड में संकटग्रस्त गिद्ध प्रजातियों के वैज्ञानिक संरक्षण और प्रजनन कार्यक्रमों को मजबूत करना है।

प्रमुख तथ्य

  • समझौते की तिथि: 22 जनवरी 2026
  • समझौते का स्थान: मुंबई, महाराष्ट्र
  • संबंधित पक्ष: झारखंड वन विभाग और BNHS
  • समझौते की अवधि: पाँच वर्ष
  • क्रियान्वयन: वित्त वर्ष 2025–26 से
  • संरक्षण केंद्र: मुटा, रांची के समीप
  • मुख्य उद्देश्य: गिद्धों का वैज्ञानिक संरक्षण एवं प्रजनन
महत्वपूर्ण तिथियाँ
  • 22 जनवरी 2026 — संरक्षण समझौते पर हस्ताक्षर।
  • वित्त वर्ष 2025–26 — पाँच वर्षीय सहयोग की शुरुआत से संबंधित अवधि।

समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले अधिकारी

  • झारखंड की ओर से: पारितोष उपाध्याय, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक।
  • BNHS की ओर से: किशोर रिठे, निदेशक।

संरक्षण के अंतर्गत प्रमुख गिद्ध प्रजातियाँ

1. White-rumped Vulture

वैज्ञानिक नाम: Gyps bengalensis

यह प्रजाति IUCN की अत्यंत संकटग्रस्त (Critically Endangered) श्रेणी में शामिल है।

2. Indian Vulture / Long-billed Vulture

वैज्ञानिक नाम: Gyps indicus

यह प्रजाति भी IUCN की अत्यंत संकटग्रस्त श्रेणी में शामिल है।

मुटा गिद्ध संरक्षण केंद्र

मुटा, रांची के समीप स्थित है। यहाँ गिद्धों के संरक्षण एवं प्रजनन से संबंधित गतिविधियों को तकनीकी सहयोग प्रदान करने की योजना बनाई गई है।

BNHS की भूमिका

  • वैज्ञानिक प्रजनन के लिए तकनीकी सहायता।
  • पशु चिकित्सकीय निगरानी और स्वास्थ्य प्रबंधन।
  • वन एवं पशु चिकित्सा कर्मचारियों का प्रशिक्षण।
  • जैविक एवं वंशावली अभिलेखों का प्रबंधन।
  • संरक्षण प्रजनन केंद्रों के बीच तकनीकी समन्वय।
गिद्धों के लिए प्रमुख खतरे: कुछ पशु चिकित्सा दवाएँ, विशेषकर डाइक्लोफेनाक, गिद्धों की आबादी में गंभीर गिरावट से जुड़ी रही हैं। आवास क्षति, विषाक्तता और भोजन की उपलब्धता से संबंधित समस्याएँ भी महत्वपूर्ण हैं।

गिद्धों का पारिस्थितिक महत्व

गिद्ध मृत पशुओं के अवशेषों का भक्षण करके पर्यावरण की सफाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन्हें प्राकृतिक सफाईकर्मी भी कहा जाता है।

JSSC/JPSC परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण

  • BNHS — Bombay Natural History Society
  • समझौते की अवधि — पाँच वर्ष
  • संरक्षण केंद्र — मुटा, रांची
  • White-rumped Vulture — Gyps bengalensis
  • Indian Vulture — Gyps indicus
  • IUCN स्थिति — Critically Endangered

महत्वपूर्ण MCQs

1. जनवरी 2026 में झारखंड ने गिद्ध संरक्षण के लिए किस संस्था से समझौता किया?

(A) ISRO
(B) BNHS
(C) RBI
(D) ICAR

उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) BNHS

झारखंड वन विभाग ने Bombay Natural History Society के साथ समझौता किया।


2. झारखंड के किस स्थान पर गिद्ध संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र को सशक्त बनाने की योजना है?

(A) मुटा
(B) नेतरहाट
(C) पारसनाथ
(D) दलमा

उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) मुटा

मुटा रांची के समीप स्थित है और गिद्ध संरक्षण कार्यक्रम से संबंधित प्रमुख स्थान है।


3. झारखंड और BNHS के बीच समझौते की अवधि कितनी है?

(A) दो वर्ष
(B) तीन वर्ष
(C) पाँच वर्ष
(D) दस वर्ष

उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C) पाँच वर्ष

गिद्ध संरक्षण एवं वैज्ञानिक प्रजनन के लिए पाँच वर्षीय समझौता हुआ।


4. White-rumped Vulture का वैज्ञानिक नाम क्या है?

(A) Gyps bengalensis
(B) Pavo cristatus
(C) Panthera tigris
(D) Grus antigone

उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) Gyps bengalensis

Gyps bengalensis व्हाइट-रम्प्ड गिद्ध का वैज्ञानिक नाम है।


5. निम्नलिखित में कौन-सी पशु चिकित्सा दवा गिद्धों की आबादी में गिरावट से संबंधित है?

(A) पैरासिटामोल
(B) डाइक्लोफेनाक
(C) ग्लूकोज
(D) विटामिन C

उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) डाइक्लोफेनाक

पशुओं में डाइक्लोफेनाक के प्रयोग से उनके शवों को खाने वाले गिद्धों में विषाक्त प्रभाव हो सकता है।

Share: