विश्व आर्थिक मंच 2026 में झारखंड के क्रिटिकल मिनरल्स पर वैश्विक संवाद: खनन से मूल्य संवर्धन पर जोर

Posted on: 22 January 2026 | Category: Mining & Energy

22 जनवरी 2026 को दावोस में विश्व आर्थिक मंच के दौरान झारखंड सरकार ने क्रिटिकल मिनरल्स पर वैश्विक हाइब्रिड राउंड टेबल आयोजित किया। चर्चा में राज्य की खनिज क्षमता, ऊर्जा सुरक्षा, खनिज प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया गया।

विश्व आर्थिक मंच 2026 में झारखंड के क्रिटिकल मिनरल्स पर वैश्विक संवाद

22 जनवरी 2026 को स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक के दौरान झारखंड सरकार ने क्रिटिकल मिनरल्स से संबंधित एक उच्चस्तरीय वैश्विक संवाद आयोजित किया।

इस कार्यक्रम का विषय था: Jharkhand's Critical Minerals Opportunity: From Geology to Value Creation।

इसमें खनिज संसाधनों की खोज, वैज्ञानिक खनन, खनिज प्रसंस्करण, औद्योगिक मूल्य संवर्धन और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों में झारखंड की भूमिका पर चर्चा हुई।

प्रमुख तथ्य

  • तिथि: 22 जनवरी 2026
  • स्थान: दावोस, स्विट्जरलैंड
  • कार्यक्रम: ग्लोबल हाइब्रिड राउंड टेबल
  • मुख्य विषय: क्रिटिकल मिनरल्स और मूल्य संवर्धन
  • राज्य प्रतिनिधिमंडल: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में
  • सहभागिता: भारत, ब्रिटेन, जर्मनी सहित विभिन्न देशों के विशेषज्ञ और प्रतिनिधि
महत्वपूर्ण तिथि: 22 जनवरी 2026 — विश्व आर्थिक मंच, दावोस में झारखंड के क्रिटिकल मिनरल्स पर वैश्विक राउंड टेबल।

क्रिटिकल मिनरल्स क्या हैं?

क्रिटिकल मिनरल्स ऐसे खनिज हैं जिनकी आवश्यकता आधुनिक अर्थव्यवस्था, रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में होती है। इनकी आपूर्ति सुरक्षा राष्ट्रीय रणनीति के लिए महत्वपूर्ण होती है।

लिथियम, कोबाल्ट, निकेल, ग्रेफाइट तथा कुछ दुर्लभ मृदा तत्व आधुनिक तकनीकों से संबंधित प्रमुख क्रिटिकल मिनरल्स के उदाहरण हैं।

झारखंड की खनिज क्षमता

झारखंड भारत का प्रमुख खनिज संपन्न राज्य है। राज्य में लौह अयस्क, कोयला, तांबा, अभ्रक, बॉक्साइट, यूरेनियम तथा अन्य खनिज संसाधन पाए जाते हैं।

कार्यक्रम में प्रस्तुत झारखंड सरकार के अनुसार, भारत सरकार द्वारा चिह्नित 24 क्रिटिकल मिनरल्स में से 20 से झारखंड की खनिज क्षमता जुड़ी हुई है।

महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण: 20 और 24 का आँकड़ा 22 जनवरी 2026 की झारखंड मुख्यमंत्री सचिवालय की प्रेस विज्ञप्ति में प्रस्तुत किया गया था। इसे सभी संबंधित खनिजों के व्यावसायिक रूप से प्रमाणित भंडार का आँकड़ा नहीं समझना चाहिए।

खनन से मूल्य संवर्धन तक

कार्यक्रम में केवल खनिज निकालकर बेचने के बजाय राज्य में खनिज प्रसंस्करण, अनुसंधान, औद्योगिक उत्पादन और नई प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई।

मूल्य संवर्धन का अर्थ है किसी कच्चे संसाधन को प्रसंस्कृत करके उससे अधिक उपयोगी एवं आर्थिक मूल्य वाला उत्पाद तैयार करना।

क्रिटिकल मिनरल्स का उपयोग

  • इलेक्ट्रिक वाहनों और बैटरी निर्माण में।
  • सौर एवं पवन ऊर्जा प्रौद्योगिकियों में।
  • इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अर्धचालक उद्योग में।
  • उन्नत विनिर्माण एवं रक्षा प्रौद्योगिकियों में।
  • ऊर्जा भंडारण और औद्योगिक उपकरणों में।

JSSC/JPSC परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण

  • कार्यक्रम की तिथि — 22 जनवरी 2026
  • स्थान — दावोस, स्विट्जरलैंड
  • मुख्य विषय — Critical Minerals
  • मुख्य अवधारणा — From Geology to Value Creation
  • प्रमुख उद्देश्य — खनिज प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन
  • संबंधित क्षेत्र — खनन, उद्योग और स्वच्छ ऊर्जा

महत्वपूर्ण MCQs

1. जनवरी 2026 में झारखंड के क्रिटिकल मिनरल्स पर वैश्विक संवाद कहाँ आयोजित हुआ?

(A) रांची
(B) दावोस
(C) लंदन
(D) नई दिल्ली

उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) दावोस

विश्व आर्थिक मंच 2026 के दौरान दावोस में यह राउंड टेबल आयोजित किया गया।


2. क्रिटिकल मिनरल्स मुख्यतः किस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं?

(A) केवल पारंपरिक कृषि
(B) आधुनिक उद्योग और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी
(C) केवल पर्यटन
(D) केवल खेलकूद

उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) आधुनिक उद्योग और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी

क्रिटिकल मिनरल्स बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्वच्छ ऊर्जा सहित अनेक रणनीतिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण हैं।


3. इस कार्यक्रम का मुख्य विषय किससे संबंधित था?

(A) भूविज्ञान से मूल्य सृजन
(B) कृषि निर्यात
(C) पर्यटन विकास
(D) खेल अवसंरचना

उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) भूविज्ञान से मूल्य सृजन

राउंड टेबल का विषय Jharkhand's Critical Minerals Opportunity: From Geology to Value Creation था।


4. निम्नलिखित में कौन-सा एक प्रमुख क्रिटिकल मिनरल है?

(A) लिथियम
(B) चूना पत्थर
(C) सामान्य निर्माण बालू
(D) संगमरमर

उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) लिथियम

लिथियम आधुनिक बैटरी और ऊर्जा भंडारण प्रौद्योगिकियों में उपयोगी महत्वपूर्ण खनिज है।


5. खनिज मूल्य संवर्धन का क्या अर्थ है?

(A) खनिजों का केवल निर्यात
(B) कच्चे खनिजों को प्रसंस्कृत करके अधिक उपयोगी उत्पाद तैयार करना
(C) खनन बंद करना
(D) केवल खनिजों का भंडारण

उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) कच्चे खनिजों को प्रसंस्कृत करके अधिक उपयोगी उत्पाद तैयार करना

मूल्य संवर्धन से कच्चे संसाधन के आर्थिक और औद्योगिक उपयोग का विस्तार होता है।

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