झारखंड वन्यजीव क्षतिपूर्ति नियम संशोधन 2026: हमले में मृत्यु पर ₹10 लाख और अन्य नई दरें

Posted on: 15 June 2026 | Category: Environment & Forest

15 जून 2026 को झारखंड कैबिनेट ने वन्यजीव हमलों से मृत्यु पर क्षतिपूर्ति ₹4 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख करने तथा चोट के मामलों में सहायता संशोधित करने का निर्णय लिया।

झारखंड वन्यजीव क्षतिपूर्ति नियम संशोधन 2026: हमले में मृत्यु पर ₹10 लाख और अन्य नई दरें

झारखंड Current Affairs — 2026-06-15: यह लेख जून 2026 की राज्य-विशिष्ट घटना, उसके प्रशासनिक/कानूनी संदर्भ और JSSC/JPSC Prelims–Mains के लिए प्रासंगिक स्थायी सामान्य ज्ञान पर केंद्रित है।

मुख्य तथ्य (Highlights):
  • मंत्रिपरिषद का निर्णय: 15 जून 2026।
  • वन्यजीव हमले से मृत्यु पर क्षतिपूर्ति: ₹4 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख।
  • गंभीर चोट: ₹1.5 लाख से बढ़ाकर ₹2 लाख।
  • साधारण चोट: ₹25,000 से बढ़ाकर ₹35,000।
  • स्थायी दिव्यांगता: प्रकाशित विवरण के अनुसार ₹3.25 लाख से बढ़ाकर ₹3.5 लाख।
  • मृत्यु के मामलों में तत्काल राहत के रूप में ₹1 लाख देने की व्यवस्था का उल्लेख।
  • यह वन्यजीव–मानव संघर्ष से हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति के नियमों में संशोधन है।
महत्वपूर्ण तिथियाँ:
  • 15 जून 2026 – झारखंड मंत्रिपरिषद द्वारा क्षतिपूर्ति नियमों में संशोधन मंजूर।

सुरक्षा एवं क्षतिपूर्ति का महत्व

झारखंड के हाथी-प्रभावित क्षेत्रों समेत विभिन्न वनांचलों में मानव-वन्यजीव संघर्ष में जनहानि और संपत्ति क्षति के मामले होते हैं। नई दरों का उद्देश्य प्रभावित परिवारों को अधिक आर्थिक सहायता देना है। क्षतिपूर्ति का अनुमोदन और वास्तव में राशि खाते में भेजना अलग चरण होते हैं।

वन्यजीव संरक्षण की वैधानिक पृष्ठभूमि

Wild Life (Protection) Act, 1972 भारत में वन्यजीव संरक्षण का प्रमुख कानून है। वन्यजीवों से संघर्ष कम करने हेतु प्रारंभिक चेतावनी, प्राकृतिक गलियारों का संरक्षण तथा समुदाय की भागीदारी महत्वपूर्ण है।

परीक्षा योग्य दरों की तुलना

मृत्यु ₹4 लाख → ₹10 लाख; गंभीर चोट ₹1.5 लाख → ₹2 लाख; साधारण चोट ₹25,000 → ₹35,000। अतिरिक्त श्रेणियों, प्रमाणपत्र तथा भुगतान प्रक्रिया पर अंतिम विभागीय नियमावली लागू होगी।

JSSC/JPSC के लिए महत्वपूर्ण Static GK:
  • वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 राष्ट्रीय कानूनी आधार है।
  • प्रोजेक्ट एलीफेंट 1992 में शुरू हुआ।
  • झारखंड के पलामू टाइगर रिजर्व और दलमा वन्यजीव अभयारण्य वन्यजीव संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण स्थल हैं।
  • दलमा अभयारण्य पूर्वी सिंहभूम एवं आसपास के वन क्षेत्रों में स्थित है।
  • राज्य कैबिनेट निर्णय और राज्य की अंतिम अधिसूचना को अलग पहचानें।

JSSC/JPSC परीक्षा में उपयोगिता

मृत्यु/चोट क्षतिपूर्ति दरें, तिथि, प्रोजेक्ट एलीफेंट और झारखंड के वन क्षेत्र JSSC/JPSC में सीधे पूछे जा सकते हैं।

महत्वपूर्ण MCQs — उत्तर और व्याख्या सहित

प्रश्न 1. 15 जून 2026 के निर्णय में वन्यजीव हमले से मृत्यु पर मुआवजा कितने रुपये किया गया?
(A) ₹2 लाख
(B) ₹4 लाख
(C) ₹8 लाख
(D) ₹10 लाख
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (D) ₹10 लाख

व्याख्या: पूर्व ₹4 लाख की राशि बढ़ाकर ₹10 लाख मंजूर की गई।

प्रश्न 2. गंभीर चोट के लिए संशोधित मुआवजा कितना बताया गया?
(A) ₹35,000
(B) ₹1 लाख
(C) ₹2 लाख
(D) ₹5 लाख
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C) ₹2 लाख

व्याख्या: गंभीर रूप से घायल होने पर राशि ₹1.5 लाख से बढ़ाकर ₹2 लाख हुई।

प्रश्न 3. साधारण चोट पर संशोधित क्षतिपूर्ति कितनी है?
(A) ₹10,000
(B) ₹25,000
(C) ₹35,000
(D) ₹1 लाख
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C) ₹35,000

व्याख्या: साधारण चोट पर ₹35,000 की सहायता का प्रावधान बताया गया।

प्रश्न 4. वन्यजीव संरक्षण से संबंधित भारत का प्रमुख अधिनियम किस वर्ष का है?
(A) 1972
(B) 1985
(C) 1992
(D) 2005
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) 1972

व्याख्या: Wild Life (Protection) Act, 1972 प्रमुख कानून है।

प्रश्न 5. प्रोजेक्ट एलीफेंट की शुरुआत किस वर्ष हुई थी?
(A) 1973
(B) 1980
(C) 1992
(D) 2014
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C) 1992

व्याख्या: भारत में प्रोजेक्ट एलीफेंट 1992 में शुरू हुआ था।

प्रश्न 6. झारखंड में प्रमुख हाथी आवास/संरक्षण से संबंधित दलमा अभयारण्य किस क्षेत्र से जुड़ा है?
(A) सिंहभूम क्षेत्र
(B) संथाल परगना का पूर्वी क्षेत्र
(C) पलामू का पश्चिमी क्षेत्र
(D) गंगा का दियारा
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) सिंहभूम क्षेत्र

व्याख्या: दलमा वन्यजीव अभयारण्य सिंहभूम क्षेत्र से संबंधित है।

स्रोत और संदर्भ

संपादकीय नोट: किसी प्रस्ताव, निर्णय या शिलान्यास को वास्तविक क्रियान्वयन/कार्य-समापन के बराबर न मानें। संबंधित घटना के समय की स्थिति और बाद के परिवर्तनों को अलग पढ़ें।

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