जनगणना 2027 में अलग सरना धर्म कोड की मांग: झारखंड की जनजातीय पहचान और संवैधानिक तथ्य

Posted on: 01 May 2026 | Category: Culture & Tourism

मई 2026 में झारखंड के मुख्यमंत्री ने जनगणना 2027 में अलग सरना धर्म कोड के लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल को पत्र लिखा; यह मांग है, स्वीकृति नहीं।

जनगणना 2027 में अलग सरना धर्म कोड की मांग: झारखंड की जनजातीय पहचान और संवैधानिक तथ्य

यह लेख झारखंड की मई 2026 की महत्वपूर्ण घटना, उसके प्रमाणित तथ्य और JSSC/JPSC/JTET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवश्यक स्थायी सामान्य ज्ञान पर केंद्रित है।

मुख्य तथ्य एवं हाइलाइट्स:
  • मुख्यमंत्री के पत्र 1 मई 2026 के बताए गए; विषय जनगणना 2027 में सरना की पृथक धार्मिक पहचान दर्ज करने की मांग है।
  • पत्र राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल को भेजे जाने की खबर 3 मई को प्रकाशित हुई।
  • झारखंड विधानसभा पहले भी पृथक सरना धर्म कोड की अनुशंसा कर चुकी है।
  • मई 2026 की घटना मांग/पत्राचार की है, नया कोड स्वीकृत किए जाने की नहीं।
महत्वपूर्ण तिथियाँ:
  • 1 मई 2026 – अलग सरना धर्म कोड के समर्थन में पत्र की तिथि।
  • 3 मई 2026 – पत्राचार के संबंध में समाचार प्रकाशन।

मुद्दा क्या है?

सरना अनेक आदिवासी समुदायों की प्रकृति-केंद्रित आस्था और पारंपरिक धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा है। पृथक कोड की मांग का उद्देश्य जनगणना में इस धार्मिक पहचान का अलग सांख्यिकीय रिकॉर्ड तैयार करना है। जनगणना फॉर्म की श्रेणी तय करने और वास्तविक स्वीकृति देने का अधिकार पत्र लिखने वाली राज्य सरकार का एकतरफा निर्णय नहीं है।

झारखंड के संदर्भ में महत्व

पृथक सरना धर्म कोड की मांग झारखंड में जनजातीय पहचान, सांस्कृतिक संरक्षण और सार्वजनिक नीति से जुड़ा दीर्घकालीन विषय है। इसकी चर्चा करते समय इसे किसी विशेष राजनीतिक दल के समर्थन/विरोध के बजाय दस्तावेजित प्रशासनिक मांग के रूप में पढ़ना चाहिए।

Exam-Focused Static GK और Revision Points:
  • भारतीय संविधान का अनुच्छेद 25 धर्म की स्वतंत्रता से संबंधित है।
  • अनुच्छेद 29 भाषा, लिपि एवं संस्कृति के संरक्षण से संबंधित है।
  • पाँचवीं अनुसूची अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन से संबंधित है।
  • अनुच्छेद 342 में अनुसूचित जनजातियों के विनिर्देशन की संवैधानिक व्यवस्था है।
  • जनगणना संघ सूची (सातवीं अनुसूची, प्रविष्टि 69) का विषय है।

तथ्यगत सावधानी: अलग सरना धर्म कोड को मई 2026 में लागू या मंजूर हुआ न लिखें।

JSSC/JPSC में इस विषय से प्रश्न कैसे बनेंगे?

मुख्य घटनाक्रम की तिथि, स्थान, लागू कानून या विभाग, नवीन योजना के आंकड़े, महत्वपूर्ण संवैधानिक अनुच्छेद तथा संबंधित अवधारणाएँ Prelims के तथ्यात्मक प्रश्नों और Mains के संक्षिप्त उत्तरों में उपयोगी हैं। केवल शीर्षक याद करने के बजाय नीचे दिए प्रश्नों की व्याख्या भी पढ़ें।

महत्वपूर्ण MCQs (उत्तर एवं व्याख्या सहित)

प्रश्न 1. मई 2026 में अलग सरना धर्म कोड की मांग किस आगामी जनगणना के संदर्भ में उठाई गई?
(A) जनगणना 2011
(B) जनगणना 2021
(C) जनगणना 2027
(D) जनगणना 2031
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C) जनगणना 2027

व्याख्या: राज्य सरकार के पत्राचार का विषय जनगणना 2027 में अलग धार्मिक कोड उपलब्ध कराने की मांग थी।

प्रश्न 2. मई 2026 के सरना धर्म कोड संबंधी घटनाक्रम की सही स्थिति क्या थी?
(A) नया कोड लागू हो गया
(B) इस मुद्दे पर केंद्र को पत्र भेजे गए
(C) संविधान में नया अनुच्छेद जोड़ा गया
(D) सरना नाम से जनगणना पूरी हो गई
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) इस मुद्दे पर केंद्र को पत्र भेजे गए

व्याख्या: यह केवल मांग/पत्राचार था; मई की घटना को केंद्र की अंतिम स्वीकृति नहीं मानना चाहिए।

प्रश्न 3. जनगणना भारत के संविधान की किस सूची का विषय है?
(A) राज्य सूची
(B) समवर्ती सूची
(C) संघ सूची
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C) संघ सूची

व्याख्या: जनगणना संघ सूची की प्रविष्टि 69 में उल्लिखित है।

प्रश्न 4. अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित संवैधानिक अनुसूची कौन-सी है?
(A) तीसरी
(B) पाँचवीं
(C) सातवीं
(D) नौवीं
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) पाँचवीं

व्याख्या: पाँचवीं अनुसूची अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन का प्रावधान करती है।

स्रोत: मूल स्रोत / आधिकारिक संबंधित अभिलेख। घटनाओं की स्थिति उसी तिथि की है; बाद की अधिसूचना होने पर उसे अलग अद्यतन समझें।

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