खैरी मठ, रामगढ़: 17वीं–18वीं शताब्दी के मंदिर अवशेष और टेराकोटा कला

Posted on: 05 September 2026 | Category: Culture & Tourism

खैरी मठ, रामगढ़: 17वीं–18वीं शताब्दी के मंदिर अवशेष और टेराकोटा कला

रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड के बक्शी टोला क्षेत्र में स्थित खैरी मठ परिसर से जुड़े एक प्राचीन मंदिर के अवशेषों ने फिर ध्यान आकर्षित किया है। स्थापत्य और निर्माण तकनीक के आधार पर इसे 17वीं–18वीं शताब्दी का माना जा रहा है। मंदिर की टेराकोटा पट्टिकाओं पर रामायण, विष्णु रूपों और अन्य धार्मिक आकृतियों का अंकन मिलता है तथा इसकी शैली दुमका के मलूटी मंदिर समूह से समानता रखती है।

खैरी मठ, रामगढ़: प्राचीन मंदिर अवशेष और टेराकोटा कला

झारखंड के रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड में स्थित खैरी मठ क्षेत्र एक बार फिर पुरातात्विक और सांस्कृतिक महत्व के कारण चर्चा में है। गोला–चित्तरपुर मार्ग पर बक्शी टोला गांव के समीप झाड़ियों और मलबे के नीचे मिले एक प्राचीन मंदिर के अवशेष झारखंड की समृद्ध स्थापत्य परंपरा और टेराकोटा कला का महत्वपूर्ण उदाहरण माने जा रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार इस क्षेत्र में वर्ष 2002 में सर्वेक्षण के दौरान प्राचीन मंदिर के अवशेषों की पहचान हुई थी। स्थापत्य और निर्माण तकनीक के आधार पर इस मंदिर को लगभग 17वीं–18वीं शताब्दी का माना जा रहा है।

📌 मुख्य बिंदु

  • स्थान – बक्शी टोला, गोला, रामगढ़
  • स्थल – खैरी मठ परिसर
  • पहचान – प्राचीन मंदिर अवशेष
  • अनुमानित काल – 17वीं–18वीं शताब्दी
  • विशेषता – टेराकोटा पट्टिकाएं एवं अलंकृत स्थापत्य
  • स्थापत्य शैली में दुमका के मलूटी मंदिर समूह से समानता बताई गई है।
  • रिपोर्ट के अनुसार ASI द्वारा संरक्षण कार्य शुरू किया गया है।

मंदिर की स्थापत्य विशेषताएं

मंदिर की स्थापत्य शैली में ईंट और टेराकोटा आधारित सजावटी तत्व दिखाई देते हैं। इसके प्रवेश द्वार, दीवारों और बाहरी सतहों पर सूक्ष्म नक्काशी तथा धार्मिक आकृतियों वाली पट्टिकाएं पाई गई हैं।

रिपोर्ट में मंदिर के गर्भगृह के प्रवेश भाग में बहु-मेहराबदार चाप, बंगीय चाला और रत्न स्थापत्य के प्रभाव का उल्लेख किया गया है। ये विशेषताएं पूर्वी भारत की मध्यकालीन मंदिर स्थापत्य परंपरा से जुड़ी मानी जाती हैं।

टेराकोटा पट्टिकाओं पर क्या अंकित है?

  • धनुष-बाण धारण किए श्रीराम और लक्ष्मण
  • रावण के साथ युद्ध से जुड़े दृश्य
  • हनुमान द्वारा द्रोणागिरी पर्वत उठाने का प्रसंग
  • विष्णु से संबंधित विभिन्न रूप
  • चक्र एवं पद्म जैसे अलंकरण
  • अश्वारोही योद्धाओं की आकृतियां

मलूटी मंदिर समूह से समानता

इस मंदिर की टेराकोटा कला और स्थापत्य शैली की तुलना दुमका जिले के प्रसिद्ध मलूटी मंदिर समूह से की जा रही है। मलूटी के मंदिर अपनी ईंट-निर्मित संरचना, टेराकोटा पैनलों और धार्मिक कथाओं के चित्रण के लिए प्रसिद्ध हैं।

इस समानता के कारण खैरी मठ क्षेत्र झारखंड की मध्यकालीन मंदिर स्थापत्य परंपरा के अध्ययन के लिए विशेष महत्व रखता है।

खैरी मठ क्षेत्र का सांस्कृतिक महत्व

खैरी मठ क्षेत्र को स्थानीय स्तर पर लंबे समय से धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल के रूप में जाना जाता है। मुख्य स्मारक के आसपास एक प्राचीन कुएं तथा समकालीन निर्माण सामग्री के अन्य अवशेष मिलने की भी रिपोर्ट है। इससे यह संभावना मजबूत होती है कि यह क्षेत्र कभी विस्तृत धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र रहा हो।

ASI की भूमिका

Archaeological Survey of India (ASI) भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन देश की प्रमुख पुरातात्विक संस्था है। यह पुरातात्विक अनुसंधान, उत्खनन, संरक्षण तथा राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों और स्थलों की देखरेख करती है। ASI का प्रमुख कानूनी ढांचा Ancient Monuments and Archaeological Sites and Remains Act, 1958 से जुड़ा है।

खैरी मठ से संबंधित वर्तमान रिपोर्ट के अनुसार ASI के अधिकारियों की पहल पर मंदिर के संरक्षण का कार्य शुरू किया गया है। ASI सामान्य रूप से आवश्यकता और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर संरक्षित स्मारकों के संरक्षण और रखरखाव का कार्य करता है। 2

🎓 परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य

  • खैरी मठ – रामगढ़ जिला
  • प्रखंड – गोला
  • निकट क्षेत्र – बक्शी टोला
  • अनुमानित काल – 17वीं–18वीं शताब्दी
  • मुख्य कला – टेराकोटा कला
  • समानता – मलूटी मंदिर समूह, दुमका
  • मुख्य चित्रण – रामायण प्रसंग, विष्णु रूप, अलंकरण एवं योद्धा आकृतियां
  • ASI – Archaeological Survey of India
  • ASI किस मंत्रालय के अधीन? – संस्कृति मंत्रालय
  • महत्वपूर्ण अधिनियम – AMASR Act, 1958

⚡ त्वरित पुनरावृत्ति

  • स्थल – खैरी मठ
  • जिला – रामगढ़
  • प्रखंड – गोला
  • गांव/क्षेत्र – बक्शी टोला
  • काल – 17वीं–18वीं शताब्दी
  • कला – टेराकोटा
  • समान स्थापत्य – मलूटी मंदिर, दुमका
  • संरक्षण संस्था – ASI

📝 संभावित परीक्षा प्रश्न (MCQs)

1. खैरी मठ किस जिले में स्थित है?
  • A. दुमका
  • B. रामगढ़
  • C. हजारीबाग
  • D. बोकारो
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: B. रामगढ़

व्याख्या: खैरी मठ रामगढ़ जिले के गोला क्षेत्र में स्थित है।

2. खैरी मठ के प्राचीन मंदिर अवशेष किस प्रखंड से संबंधित हैं?
  • A. पतरातू
  • B. मांडू
  • C. गोला
  • D. चितरपुर
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: C. गोला

3. खैरी मठ के मंदिर अवशेषों को लगभग किस काल का माना जा रहा है?
  • A. 8वीं–9वीं शताब्दी
  • B. 10वीं–11वीं शताब्दी
  • C. 13वीं–14वीं शताब्दी
  • D. 17वीं–18वीं शताब्दी
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: D. 17वीं–18वीं शताब्दी

व्याख्या: स्थापत्य और निर्माण तकनीक के आधार पर मंदिर को 17वीं–18वीं शताब्दी का माना गया है।

4. खैरी मठ के मंदिर की स्थापत्य शैली की तुलना झारखंड के किस प्रसिद्ध मंदिर समूह से की जाती है?
  • A. देवघर मंदिर समूह
  • B. मलूटी मंदिर समूह
  • C. इटखोरी मंदिर समूह
  • D. रजरप्पा मंदिर समूह
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: B. मलूटी मंदिर समूह

5. खैरी मठ के मंदिर की प्रमुख कलात्मक विशेषता क्या है?
  • A. संगमरमर जड़ाई
  • B. कांस्य मूर्तिकला
  • C. टेराकोटा पट्टिकाएं
  • D. शैल चित्र
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: C. टेराकोटा पट्टिकाएं

6. खैरी मठ की टेराकोटा पट्टिकाओं पर किस महाकाव्य से जुड़े दृश्य बताए गए हैं?
  • A. महाभारत
  • B. रामायण
  • C. बुद्धचरित
  • D. कुमारसंभव
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: B. रामायण

7. Archaeological Survey of India किस मंत्रालय के अधीन कार्य करता है?
  • A. शिक्षा मंत्रालय
  • B. गृह मंत्रालय
  • C. संस्कृति मंत्रालय
  • D. पर्यटन मंत्रालय
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: C. संस्कृति मंत्रालय

8. राष्ट्रीय महत्व के प्राचीन स्मारकों की सुरक्षा से संबंधित प्रमुख कानून कौन-सा है?
  • A. Forest Conservation Act, 1980
  • B. AMASR Act, 1958
  • C. Wildlife Protection Act, 1972
  • D. Environment Protection Act, 1986
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: B. AMASR Act, 1958

व्याख्या: Ancient Monuments and Archaeological Sites and Remains Act, 1958 भारत में राष्ट्रीय महत्व के प्राचीन स्मारकों और पुरातात्विक स्थलों से संबंधित प्रमुख कानून है।

📚 परीक्षा में क्यों महत्वपूर्ण?

यह विषय Jharkhand Current Affairs + Jharkhand History + Art & Culture + Archaeology को एक साथ जोड़ता है। इसलिए यह JPSC और JSSC दोनों के लिए उच्च-मूल्य वाला समसामयिक विषय है।

  • खैरी मठ – Jharkhand Heritage
  • रामगढ़ एवं गोला – Jharkhand Geography
  • टेराकोटा कला – Art & Culture
  • मलूटी मंदिर – Jharkhand Static GK
  • ASI – National Institution
  • AMASR Act, 1958 – Culture & Heritage Conservation
Share: