गेतलसूद डैम में झारखंड के 100 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट से व्यावसायिक उत्पादन शुरू

Posted on: 29 August 2026 | Category: Mining & Energy

गेतलसूद डैम में झारखंड के 100 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट से व्यावसायिक उत्पादन शुरू

रांची के गेतलसूद डैम में स्थापित 100 मेगावाट क्षमता वाले फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट से 29 अगस्त 2026 को व्यावसायिक बिजली उत्पादन शुरू हुआ। पहले चरण में 50 मेगावाट क्षमता से उत्पादन प्रारंभ किया गया है और बिजली सिकिदिरी ग्रिड को भेजी जा रही है। परियोजना को Solar Energy Corporation of India (SECI) ने विकसित किया है तथा उत्पादित बिजली JBVNL द्वारा खरीदी जाएगी।

गेतलसूद डैम में फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट से व्यावसायिक उत्पादन शुरू

झारखंड ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। रांची जिले के गेतलसूद डैम (Getalsud Reservoir) में स्थापित 100 मेगावाट (AC) क्षमता वाले फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक पावर प्लांट से 29 अगस्त 2026 को व्यावसायिक बिजली उत्पादन शुरू हो गया।

पहले चरण में 50 मेगावाट क्षमता से बिजली उत्पादन प्रारंभ किया गया है। उत्पादित बिजली को सिकिदिरी ग्रिड भेजा जा रहा है और इसे झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) द्वारा खरीदा जाएगा।

📌 मुख्य बिंदु

  • परियोजना – Getalsud Floating Solar PV Power Project
  • स्थान – गेतलसूद डैम, रांची, झारखंड
  • कुल क्षमता – 100 MW (AC)
  • पहले चरण में उत्पादन – 50 MW
  • व्यावसायिक उत्पादन की शुरुआत – 29 अगस्त 2026
  • परियोजना का विकास – Solar Energy Corporation of India (SECI)
  • बिजली की खरीद – Jharkhand Bijli Vitran Nigam Limited (JBVNL)
  • पहले चरण की बिजली – सिकिदिरी ग्रिड को भेजी जा रही है।

गेतलसूद फ्लोटिंग सोलर परियोजना क्या है?

यह एक Floating Solar Photovoltaic (FSPV) परियोजना है। सामान्य सोलर पावर प्लांट में सौर पैनल जमीन पर लगाए जाते हैं, जबकि फ्लोटिंग सोलर परियोजना में विशेष तैरते हुए ढांचों की सहायता से सौर पैनलों को जलाशय की सतह पर स्थापित किया जाता है।

Solar Energy Corporation of India (SECI) इस परियोजना को अपनी प्रमुख परियोजनाओं में शामिल करता है। इसकी कुल स्थापित क्षमता 100 MW (AC) है।

☀️ फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट के लाभ

  • बड़े भू-भाग के अधिग्रहण की आवश्यकता कम होती है।
  • जलाशयों की उपलब्ध सतह का ऊर्जा उत्पादन के लिए उपयोग किया जा सकता है।
  • स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलता है।
  • जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली पर निर्भरता कम करने में मदद मिलती है।
  • जलवायु परिवर्तन से निपटने और कार्बन उत्सर्जन कम करने में योगदान देता है।
  • जल सतह को आंशिक रूप से ढकने के कारण वाष्पीकरण कम करने में भी सहायता मिल सकती है।

SECI क्या है?

SECI का पूर्ण रूप Solar Energy Corporation of India Limited है। यह भारत में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास और कार्यान्वयन से जुड़ी प्रमुख केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है। गेतलसूद में 100 MW Floating Solar PV Power Plant का विकास SECI द्वारा किया गया है।

JBVNL की भूमिका

Jharkhand Bijli Vitran Nigam Limited (JBVNL) झारखंड में बिजली वितरण से जुड़ी राज्य की प्रमुख कंपनी है। गेतलसूद परियोजना से उत्पादित बिजली JBVNL द्वारा खरीदी जाएगी।

झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग (JSERC) ने पहले ही JBVNL को इस परियोजना से 100 MW बिजली खरीदने की अनुमति दी थी। नियामक आदेश में खरीद मूल्य की अधिकतम सीमा ₹3.50 प्रति यूनिट (kWh) या उससे कम निर्धारित की गई थी।

Renewable Purchase Obligation (RPO) से संबंध

गेतलसूद फ्लोटिंग सोलर परियोजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य JBVNL के Renewable Purchase Obligation (RPO) को पूरा करने में सहायता करना भी है। RPO के अंतर्गत बिजली वितरण कंपनियों को अपनी बिजली खरीद का एक निर्धारित हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त करना होता है।

🎓 परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य

  • गेतलसूद फ्लोटिंग सोलर परियोजना – रांची, झारखंड
  • कुल क्षमता – 100 MW (AC)
  • व्यावसायिक उत्पादन शुरू – 29 अगस्त 2026
  • प्रथम चरण – 50 MW
  • परियोजना डेवलपर – SECI
  • SECI – Solar Energy Corporation of India Limited
  • बिजली खरीदार – JBVNL
  • JBVNL – Jharkhand Bijli Vitran Nigam Limited
  • प्रथम चरण की बिजली – सिकिदिरी ग्रिड
  • परियोजना का प्रकार – Floating Solar Photovoltaic Project

⚡ त्वरित पुनरावृत्ति

  • कहाँ? – गेतलसूद डैम, रांची
  • क्या? – Floating Solar PV Power Plant
  • कुल क्षमता? – 100 MW
  • पहला चरण? – 50 MW
  • किसने विकसित किया? – SECI
  • बिजली कौन खरीदेगा? – JBVNL
  • किस ग्रिड को बिजली? – सिकिदिरी ग्रिड
  • व्यावसायिक उत्पादन कब शुरू? – 29 अगस्त 2026

📝 संभावित परीक्षा प्रश्न (MCQs)

1. वर्ष 2026 में व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने वाला गेतलसूद फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट किस जिले में स्थित है?
  • A. धनबाद
  • B. रांची
  • C. बोकारो
  • D. पूर्वी सिंहभूम
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: B. रांची

व्याख्या: 100 MW का Getalsud Floating Solar PV Power Plant रांची जिले के गेतलसूद जलाशय में स्थित है।

2. गेतलसूद फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट की कुल क्षमता कितनी है?
  • A. 25 MW
  • B. 50 MW
  • C. 75 MW
  • D. 100 MW
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: D. 100 MW

3. गेतलसूद फ्लोटिंग सोलर परियोजना को किस संस्था ने विकसित किया है?
  • A. NTPC
  • B. DVC
  • C. SECI
  • D. NHPC
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: C. SECI

व्याख्या: परियोजना का विकास Solar Energy Corporation of India Limited (SECI) द्वारा किया गया है।

4. गेतलसूद परियोजना से उत्पादित बिजली किस कंपनी द्वारा खरीदी जाएगी?
  • A. DVC
  • B. JBVNL
  • C. NTPC
  • D. NHPC
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: B. JBVNL

व्याख्या: परियोजना से उत्पादित बिजली Jharkhand Bijli Vitran Nigam Limited द्वारा खरीदी जाएगी।

5. गेतलसूद फ्लोटिंग सोलर प्लांट के प्रथम चरण में कितनी क्षमता से उत्पादन शुरू हुआ?
  • A. 10 MW
  • B. 25 MW
  • C. 50 MW
  • D. 100 MW
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: C. 50 MW

व्याख्या: 29 अगस्त 2026 को पहले चरण में 50 MW क्षमता से व्यावसायिक उत्पादन शुरू हुआ।

6. SECI का पूर्ण रूप क्या है?
  • A. Solar Energy Council of India
  • B. Solar Energy Corporation of India Limited
  • C. Sustainable Energy Corporation of India
  • D. State Energy Corporation of India
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: B. Solar Energy Corporation of India Limited

7. JSERC ने गेतलसूद परियोजना से JBVNL को कितनी बिजली खरीदने की अनुमति दी थी?
  • A. 25 MW
  • B. 50 MW
  • C. 75 MW
  • D. 100 MW
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: D. 100 MW

व्याख्या: JSERC ने JBVNL को SECI की गेतलसूद परियोजना से 100 MW बिजली खरीदने की अनुमति दी थी।

8. गेतलसूद परियोजना मुख्यतः किस प्रकार की ऊर्जा से संबंधित है?
  • A. पवन ऊर्जा
  • B. जलविद्युत
  • C. सौर ऊर्जा
  • D. बायोमास ऊर्जा
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: C. सौर ऊर्जा

📚 परीक्षा में क्यों महत्वपूर्ण?

यह विषय Jharkhand Current Affairs + Renewable Energy + Environment + Energy Infrastructure को एक साथ जोड़ता है। इसलिए JPSC और JSSC दोनों के लिए यह उच्च प्राथमिकता वाला समसामयिक विषय है।

  • Getalsud Dam – Jharkhand Geography
  • 100 MW Floating Solar Project – Current Affairs
  • SECI – Energy & Government Institutions
  • JBVNL – Jharkhand GK
  • Floating Solar Technology – Science & Environment
  • Renewable Purchase Obligation – Economy & Environment
Share: