JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते ने दिया इस्तीफा
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के अध्यक्ष एल. खियांग्ते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में CID एवं रांची पुलिस द्वारा JPSC कार्यालय तथा परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी के कार्यालयों पर छापेमारी की गई। सरकार की ओर से इस्तीफे के कारणों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जबकि जांच अभी जारी है। 0
📌 मुख्य बिंदु
- JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते ने अपने पद से इस्तीफा दिया।
- इस्तीफा CID की जांच एवं छापेमारी के बीच सामने आया।
- 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच जारी है।
- JPSC कार्यालय एवं परीक्षा एजेंसी के कार्यालयों की तलाशी ली गई।
- महत्वपूर्ण दस्तावेज एवं डिजिटल रिकॉर्ड जांच एजेंसियों ने जब्त किए।
📖 JPSC क्या है?
झारखंड लोक सेवा आयोग (Jharkhand Public Service Commission - JPSC) राज्य का संवैधानिक आयोग है, जिसकी स्थापना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 315 के अंतर्गत की गई है। इसका मुख्य कार्य राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भर्ती हेतु निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन करना है।
📖 घटनाक्रम
- 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम के बाद अभ्यर्थियों ने अनियमितताओं के आरोप लगाए।
- CID एवं रांची पुलिस ने JPSC कार्यालय और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी पर छापेमारी की।
- जांच के दौरान कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पूछताछ की गई।
- इसी बीच JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
- इस्तीफा प्रभावी होने के लिए राज्यपाल की स्वीकृति आवश्यक है। 1
📚 JPSC के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य
- JPSC का गठन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 315 के अंतर्गत हुआ।
- यह झारखंड सरकार की भर्ती परीक्षाओं का आयोजन करता है।
- आयोग राज्य सेवाओं के लिए चयन एवं भर्ती की अनुशंसा करता है।
- आयोग की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष कार्यप्रणाली लोकतांत्रिक प्रशासन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
🎓 परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य
- JPSC एक संवैधानिक निकाय है।
- इसका गठन संविधान के अनुच्छेद 315 के अंतर्गत किया जाता है।
- एल. खियांग्ते ने जुलाई 2026 में JPSC अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया।
- यह घटनाक्रम JPSC परीक्षा अनियमितताओं की जांच से जुड़ा है।
⚡ त्वरित पुनरावृत्ति
- संस्था : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC)
- अध्यक्ष : एल. खियांग्ते (इस्तीफा)
- जांच एजेंसी : CID
- विवाद : 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा
- संवैधानिक आधार : अनुच्छेद 315
📝 संभावित परीक्षा प्रश्न (MCQs)
1. झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) का गठन भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत किया गया है?
- A. अनुच्छेद 280
- B. अनुच्छेद 315
- C. अनुच्छेद 324
- D. अनुच्छेद 356
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 315
व्याख्या: संघ एवं राज्य लोक सेवा आयोगों की स्थापना संविधान के अनुच्छेद 315 के अंतर्गत की जाती है।
2. जुलाई 2026 में JPSC अध्यक्ष पद से किसने इस्तीफा दिया?
- A. अमिताभ चौधरी
- B. एल. खियांग्ते
- C. संतोष गंगवार
- D. संजय कुमार
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: B. एल. खियांग्ते
3. JPSC का प्रमुख कार्य क्या है?
- A. कानून बनाना
- B. राज्य की भर्ती परीक्षाओं का आयोजन करना
- C. न्यायिक निर्णय देना
- D. पंचायत चुनाव कराना
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: B. राज्य की भर्ती परीक्षाओं का आयोजन करना
4. राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष का इस्तीफा किसकी स्वीकृति के बाद प्रभावी होता है?
- A. मुख्यमंत्री
- B. मुख्य सचिव
- C. राज्यपाल
- D. विधानसभा अध्यक्ष
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: C. राज्यपाल
व्याख्या: राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष का त्यागपत्र राज्यपाल को संबोधित होता है और संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार स्वीकृति के बाद प्रभावी होता है।
📚 परीक्षा में क्यों महत्वपूर्ण?
- JPSC एवं अन्य राज्य स्तरीय भर्ती परीक्षाएँ
- भारतीय संविधान (अनुच्छेद 315–323)
- संवैधानिक निकाय
- झारखंड समसामयिकी 2026
- JPSC/JSSC Preliminary एवं Mains