Art & Culture MCQs

महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्नों का अभ्यास करें। उत्तर, व्याख्या, विषय और परीक्षा टैग के साथ।

Art & Culture MCQs

श्रेणी: General Knowledge | विषय: Art & Culture

7 प्रश्न
1
Art & Culture • Literary Personalities
निर्देश: नीचे दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।

आज बांग्लादेश में रवीन्द्रनाथ टैगोर की 82वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है। ग्रेगोरियन पंचांग के अनुसार, रवीन्द्रनाथ का निधन 7 अगस्त 1941 को 80 वर्ष की आयु में हुआ था, लेकिन बांग्लादेश में उनकी पुण्यतिथि बंगाली पंचांग के श्रावण 22 को मनाई जाती है। रवीन्द्रनाथ टैगोर साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार जीतने वाले पहले गैर-यूरोपीय कवि थे। उन्होंने 1913 में कविताओं के संग्रह गीतांजलि के अंग्रेजी अनुवाद के लिए यह पुरस्कार जीता था। टैगोर को दो देशों के लिए राष्ट्रगान लिखने का दुर्लभ सम्मान प्राप्त है - भारत का जन गण मन और बांग्लादेश का अमर सोनार बांग्ला। रवीन्द्रनाथ ने अपने संगीत और प्रदर्शन कलाओं के माध्यम से भारतीय उपमहाद्वीप, विशेष रूप से बंगाल की संस्कृति पर एक गहरी छाप छोड़ी।

उन्होंने तत्कालीन पूर्वी बंगाल, जो अब बांग्लादेश है, में लंबा समय बिताया। उन्होंने कुश्तिया के शिलाईदह, सिराजगंज के शाहजादपुर और नोगांव के पतिसर में रहते हुए कई अमर कविताएँ और गीत रचे। ये सभी स्थान अब बांग्लादेश में हैं।

गद्यांश के अनुसार, रवीन्द्रनाथ टैगोर को साहित्य का नोबेल पुरस्कार किस कृति के लिए मिला था?
निर्देश: नीचे दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।

आज बांग्लादेश में रवीन्द्रनाथ टैगोर की 82वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है। ग्रेगोरियन पंचांग के अनुसार, रवीन्द्रनाथ का निधन 7 अगस्त 1941 को 80 वर्ष की आयु में हुआ था, लेकिन बांग्लादेश में उनकी पुण्यतिथि बंगाली पंचांग के श्रावण 22 को मनाई जाती है। रवीन्द्रनाथ टैगोर साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार जीतने वाले पहले गैर-यूरोपीय कवि थे। उन्होंने 1913 में कविताओं के संग्रह गीतांजलि के अंग्रेजी अनुवाद के लिए यह पुरस्कार जीता था। टैगोर को दो देशों के लिए राष्ट्रगान लिखने का दुर्लभ सम्मान प्राप्त है - भारत का जन गण मन और बांग्लादेश का अमर सोनार बांग्ला। रवीन्द्रनाथ ने अपने संगीत और प्रदर्शन कलाओं के माध्यम से भारतीय उपमहाद्वीप, विशेष रूप से बंगाल की संस्कृति पर एक गहरी छाप छोड़ी।

उन्होंने तत्कालीन पूर्वी बंगाल, जो अब बांग्लादेश है, में लंबा समय बिताया। उन्होंने कुश्तिया के शिलाईदह, सिराजगंज के शाहजादपुर और नोगांव के पतिसर में रहते हुए कई अमर कविताएँ और गीत रचे। ये सभी स्थान अब बांग्लादेश में हैं।

गद्यांश के अनुसार, रवीन्द्रनाथ टैगोर को साहित्य का नोबेल पुरस्कार किस कृति के लिए मिला था?
सही उत्तर: C Correct Answer: C
रवीन्द्रनाथ टैगोर को 1913 में गीतांजलि के अंग्रेजी अनुवाद के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला था।
रवीन्द्रनाथ टैगोर को 1913 में गीतांजलि के अंग्रेजी अनुवाद के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला था।
2
Art & Culture • Literary Personalities
निर्देश: नीचे दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।

आज बांग्लादेश में रवीन्द्रनाथ टैगोर की 82वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है। ग्रेगोरियन पंचांग के अनुसार, रवीन्द्रनाथ का निधन 7 अगस्त 1941 को 80 वर्ष की आयु में हुआ था, लेकिन बांग्लादेश में उनकी पुण्यतिथि बंगाली पंचांग के श्रावण 22 को मनाई जाती है। रवीन्द्रनाथ टैगोर साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार जीतने वाले पहले गैर-यूरोपीय कवि थे। उन्होंने 1913 में कविताओं के संग्रह गीतांजलि के अंग्रेजी अनुवाद के लिए यह पुरस्कार जीता था। टैगोर को दो देशों के लिए राष्ट्रगान लिखने का दुर्लभ सम्मान प्राप्त है - भारत का जन गण मन और बांग्लादेश का अमर सोनार बांग्ला। रवीन्द्रनाथ ने अपने संगीत और प्रदर्शन कलाओं के माध्यम से भारतीय उपमहाद्वीप, विशेष रूप से बंगाल की संस्कृति पर एक गहरी छाप छोड़ी।

उन्होंने तत्कालीन पूर्वी बंगाल, जो अब बांग्लादेश है, में लंबा समय बिताया। उन्होंने कुश्तिया के शिलाईदह, सिराजगंज के शाहजादपुर और नोगांव के पतिसर में रहते हुए कई अमर कविताएँ और गीत रचे। ये सभी स्थान अब बांग्लादेश में हैं।

गद्यांश के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा स्थान रवीन्द्रनाथ टैगोर के बांग्लादेश प्रवास से संबंधित था?
निर्देश: नीचे दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।

आज बांग्लादेश में रवीन्द्रनाथ टैगोर की 82वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है। ग्रेगोरियन पंचांग के अनुसार, रवीन्द्रनाथ का निधन 7 अगस्त 1941 को 80 वर्ष की आयु में हुआ था, लेकिन बांग्लादेश में उनकी पुण्यतिथि बंगाली पंचांग के श्रावण 22 को मनाई जाती है। रवीन्द्रनाथ टैगोर साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार जीतने वाले पहले गैर-यूरोपीय कवि थे। उन्होंने 1913 में कविताओं के संग्रह गीतांजलि के अंग्रेजी अनुवाद के लिए यह पुरस्कार जीता था। टैगोर को दो देशों के लिए राष्ट्रगान लिखने का दुर्लभ सम्मान प्राप्त है - भारत का जन गण मन और बांग्लादेश का अमर सोनार बांग्ला। रवीन्द्रनाथ ने अपने संगीत और प्रदर्शन कलाओं के माध्यम से भारतीय उपमहाद्वीप, विशेष रूप से बंगाल की संस्कृति पर एक गहरी छाप छोड़ी।

उन्होंने तत्कालीन पूर्वी बंगाल, जो अब बांग्लादेश है, में लंबा समय बिताया। उन्होंने कुश्तिया के शिलाईदह, सिराजगंज के शाहजादपुर और नोगांव के पतिसर में रहते हुए कई अमर कविताएँ और गीत रचे। ये सभी स्थान अब बांग्लादेश में हैं।

गद्यांश के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा स्थान रवीन्द्रनाथ टैगोर के बांग्लादेश प्रवास से संबंधित था?
सही उत्तर: C Correct Answer: C
गद्यांश के अनुसार टैगोर ने तत्कालीन पूर्वी बंगाल में शिलाईदह सहित कई स्थानों पर समय बिताया था।
गद्यांश के अनुसार टैगोर ने तत्कालीन पूर्वी बंगाल में शिलाईदह सहित कई स्थानों पर समय बिताया था।
3
Art & Culture • Literary Personalities
निर्देश: नीचे दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।

आज बांग्लादेश में रवीन्द्रनाथ टैगोर की 82वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है। ग्रेगोरियन पंचांग के अनुसार, रवीन्द्रनाथ का निधन 7 अगस्त 1941 को 80 वर्ष की आयु में हुआ था, लेकिन बांग्लादेश में उनकी पुण्यतिथि बंगाली पंचांग के श्रावण 22 को मनाई जाती है। रवीन्द्रनाथ टैगोर साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार जीतने वाले पहले गैर-यूरोपीय कवि थे। उन्होंने 1913 में कविताओं के संग्रह गीतांजलि के अंग्रेजी अनुवाद के लिए यह पुरस्कार जीता था। टैगोर को दो देशों के लिए राष्ट्रगान लिखने का दुर्लभ सम्मान प्राप्त है - भारत का जन गण मन और बांग्लादेश का अमर सोनार बांग्ला। रवीन्द्रनाथ ने अपने संगीत और प्रदर्शन कलाओं के माध्यम से भारतीय उपमहाद्वीप, विशेष रूप से बंगाल की संस्कृति पर एक गहरी छाप छोड़ी।

उन्होंने तत्कालीन पूर्वी बंगाल, जो अब बांग्लादेश है, में लंबा समय बिताया। उन्होंने कुश्तिया के शिलाईदह, सिराजगंज के शाहजादपुर और नोगांव के पतिसर में रहते हुए कई अमर कविताएँ और गीत रचे। ये सभी स्थान अब बांग्लादेश में हैं।

गद्यांश के अनुसार, रवीन्द्रनाथ टैगोर को कौन-सा दुर्लभ सम्मान प्राप्त था?
निर्देश: नीचे दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।

आज बांग्लादेश में रवीन्द्रनाथ टैगोर की 82वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है। ग्रेगोरियन पंचांग के अनुसार, रवीन्द्रनाथ का निधन 7 अगस्त 1941 को 80 वर्ष की आयु में हुआ था, लेकिन बांग्लादेश में उनकी पुण्यतिथि बंगाली पंचांग के श्रावण 22 को मनाई जाती है। रवीन्द्रनाथ टैगोर साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार जीतने वाले पहले गैर-यूरोपीय कवि थे। उन्होंने 1913 में कविताओं के संग्रह गीतांजलि के अंग्रेजी अनुवाद के लिए यह पुरस्कार जीता था। टैगोर को दो देशों के लिए राष्ट्रगान लिखने का दुर्लभ सम्मान प्राप्त है - भारत का जन गण मन और बांग्लादेश का अमर सोनार बांग्ला। रवीन्द्रनाथ ने अपने संगीत और प्रदर्शन कलाओं के माध्यम से भारतीय उपमहाद्वीप, विशेष रूप से बंगाल की संस्कृति पर एक गहरी छाप छोड़ी।

उन्होंने तत्कालीन पूर्वी बंगाल, जो अब बांग्लादेश है, में लंबा समय बिताया। उन्होंने कुश्तिया के शिलाईदह, सिराजगंज के शाहजादपुर और नोगांव के पतिसर में रहते हुए कई अमर कविताएँ और गीत रचे। ये सभी स्थान अब बांग्लादेश में हैं।

गद्यांश के अनुसार, रवीन्द्रनाथ टैगोर को कौन-सा दुर्लभ सम्मान प्राप्त था?
सही उत्तर: D Correct Answer: D
टैगोर को भारत और बांग्लादेश - दो देशों के राष्ट्रगान लिखने का दुर्लभ सम्मान प्राप्त है।
टैगोर को भारत और बांग्लादेश - दो देशों के राष्ट्रगान लिखने का दुर्लभ सम्मान प्राप्त है।
4
Art & Culture • Literary Personalities
निर्देश: नीचे दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।

आज बांग्लादेश में रवीन्द्रनाथ टैगोर की 82वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है। ग्रेगोरियन पंचांग के अनुसार, रवीन्द्रनाथ का निधन 7 अगस्त 1941 को 80 वर्ष की आयु में हुआ था, लेकिन बांग्लादेश में उनकी पुण्यतिथि बंगाली पंचांग के श्रावण 22 को मनाई जाती है। रवीन्द्रनाथ टैगोर साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार जीतने वाले पहले गैर-यूरोपीय कवि थे। उन्होंने 1913 में कविताओं के संग्रह गीतांजलि के अंग्रेजी अनुवाद के लिए यह पुरस्कार जीता था। टैगोर को दो देशों के लिए राष्ट्रगान लिखने का दुर्लभ सम्मान प्राप्त है - भारत का जन गण मन और बांग्लादेश का अमर सोनार बांग्ला। रवीन्द्रनाथ ने अपने संगीत और प्रदर्शन कलाओं के माध्यम से भारतीय उपमहाद्वीप, विशेष रूप से बंगाल की संस्कृति पर एक गहरी छाप छोड़ी।

उन्होंने तत्कालीन पूर्वी बंगाल, जो अब बांग्लादेश है, में लंबा समय बिताया। उन्होंने कुश्तिया के शिलाईदह, सिराजगंज के शाहजादपुर और नोगांव के पतिसर में रहते हुए कई अमर कविताएँ और गीत रचे। ये सभी स्थान अब बांग्लादेश में हैं।

गद्यांश के अनुसार, बांग्लादेश में रवीन्द्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि किस तिथि को मनाई जाती है?
निर्देश: नीचे दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।

आज बांग्लादेश में रवीन्द्रनाथ टैगोर की 82वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है। ग्रेगोरियन पंचांग के अनुसार, रवीन्द्रनाथ का निधन 7 अगस्त 1941 को 80 वर्ष की आयु में हुआ था, लेकिन बांग्लादेश में उनकी पुण्यतिथि बंगाली पंचांग के श्रावण 22 को मनाई जाती है। रवीन्द्रनाथ टैगोर साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार जीतने वाले पहले गैर-यूरोपीय कवि थे। उन्होंने 1913 में कविताओं के संग्रह गीतांजलि के अंग्रेजी अनुवाद के लिए यह पुरस्कार जीता था। टैगोर को दो देशों के लिए राष्ट्रगान लिखने का दुर्लभ सम्मान प्राप्त है - भारत का जन गण मन और बांग्लादेश का अमर सोनार बांग्ला। रवीन्द्रनाथ ने अपने संगीत और प्रदर्शन कलाओं के माध्यम से भारतीय उपमहाद्वीप, विशेष रूप से बंगाल की संस्कृति पर एक गहरी छाप छोड़ी।

उन्होंने तत्कालीन पूर्वी बंगाल, जो अब बांग्लादेश है, में लंबा समय बिताया। उन्होंने कुश्तिया के शिलाईदह, सिराजगंज के शाहजादपुर और नोगांव के पतिसर में रहते हुए कई अमर कविताएँ और गीत रचे। ये सभी स्थान अब बांग्लादेश में हैं।

गद्यांश के अनुसार, बांग्लादेश में रवीन्द्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि किस तिथि को मनाई जाती है?
सही उत्तर: B Correct Answer: B
बांग्लादेश में टैगोर की पुण्यतिथि बंगाली पंचांग के श्रावण 22 को मनाई जाती है।
बांग्लादेश में टैगोर की पुण्यतिथि बंगाली पंचांग के श्रावण 22 को मनाई जाती है।
5
Art & Culture • Literary Personalities
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आज बांग्लादेश में रवीन्द्रनाथ टैगोर की 82वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है। ग्रेगोरियन पंचांग के अनुसार, रवीन्द्रनाथ का निधन 7 अगस्त 1941 को 80 वर्ष की आयु में हुआ था, लेकिन बांग्लादेश में उनकी पुण्यतिथि बंगाली पंचांग के श्रावण 22 को मनाई जाती है। रवीन्द्रनाथ टैगोर साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार जीतने वाले पहले गैर-यूरोपीय कवि थे। उन्होंने 1913 में कविताओं के संग्रह गीतांजलि के अंग्रेजी अनुवाद के लिए यह पुरस्कार जीता था। टैगोर को दो देशों के लिए राष्ट्रगान लिखने का दुर्लभ सम्मान प्राप्त है - भारत का जन गण मन और बांग्लादेश का अमर सोनार बांग्ला। रवीन्द्रनाथ ने अपने संगीत और प्रदर्शन कलाओं के माध्यम से भारतीय उपमहाद्वीप, विशेष रूप से बंगाल की संस्कृति पर एक गहरी छाप छोड़ी।

उन्होंने तत्कालीन पूर्वी बंगाल, जो अब बांग्लादेश है, में लंबा समय बिताया। उन्होंने कुश्तिया के शिलाईदह, सिराजगंज के शाहजादपुर और नोगांव के पतिसर में रहते हुए कई अमर कविताएँ और गीत रचे। ये सभी स्थान अब बांग्लादेश में हैं।

गद्यांश के अनुसार, ग्रेगोरियन पंचांग के अनुसार रवीन्द्रनाथ टैगोर का निधन कब हुआ था?
निर्देश: नीचे दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।

आज बांग्लादेश में रवीन्द्रनाथ टैगोर की 82वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है। ग्रेगोरियन पंचांग के अनुसार, रवीन्द्रनाथ का निधन 7 अगस्त 1941 को 80 वर्ष की आयु में हुआ था, लेकिन बांग्लादेश में उनकी पुण्यतिथि बंगाली पंचांग के श्रावण 22 को मनाई जाती है। रवीन्द्रनाथ टैगोर साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार जीतने वाले पहले गैर-यूरोपीय कवि थे। उन्होंने 1913 में कविताओं के संग्रह गीतांजलि के अंग्रेजी अनुवाद के लिए यह पुरस्कार जीता था। टैगोर को दो देशों के लिए राष्ट्रगान लिखने का दुर्लभ सम्मान प्राप्त है - भारत का जन गण मन और बांग्लादेश का अमर सोनार बांग्ला। रवीन्द्रनाथ ने अपने संगीत और प्रदर्शन कलाओं के माध्यम से भारतीय उपमहाद्वीप, विशेष रूप से बंगाल की संस्कृति पर एक गहरी छाप छोड़ी।

उन्होंने तत्कालीन पूर्वी बंगाल, जो अब बांग्लादेश है, में लंबा समय बिताया। उन्होंने कुश्तिया के शिलाईदह, सिराजगंज के शाहजादपुर और नोगांव के पतिसर में रहते हुए कई अमर कविताएँ और गीत रचे। ये सभी स्थान अब बांग्लादेश में हैं।

गद्यांश के अनुसार, ग्रेगोरियन पंचांग के अनुसार रवीन्द्रनाथ टैगोर का निधन कब हुआ था?
सही उत्तर: B Correct Answer: B
रवीन्द्रनाथ टैगोर का निधन 7 अगस्त 1941 को 80 वर्ष की आयु में हुआ था।
रवीन्द्रनाथ टैगोर का निधन 7 अगस्त 1941 को 80 वर्ष की आयु में हुआ था।
6
Art & Culture • Indian Culture
“भारत मानव जाति का पालना है, मानवीय वाणी का जन्म स्थान है, इतिहास की जननी है,...” भारतीय संस्कृति से संबंधित ये प्रसिद्ध शब्द निम्नलिखित हस्तियों में से किसके हैं? “India is the cradle of human race, the birthplace of human speech, the mother of history,....” The famous words pertaining to Indian culture belong to which personality?
सही उत्तर: B Correct Answer: B
भारतीय संस्कृति के संबंध में ये प्रसिद्ध शब्द अमेरिकी लेखक मार्क ट्वेन के हैं।
These famous words about Indian culture were written by Mark Twain.
7
Art & Culture • Music Awards
ब्रिट पुरस्कार निम्नलिखित में से किस क्षेत्र की उपलब्धियों को सम्मानित करता है? The BRIT Awards honour achievements in which of the following fields?
सही उत्तर: C Correct Answer: C
ब्रिट पुरस्कार ब्रिटिश संगीत उद्योग के प्रमुख पुरस्कार हैं।
The BRIT Awards are major awards of the British music industry.

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