झारखंड में स्थापित होगा झारखंड फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (JFTII)
झारखंड में फिल्म एवं मीडिया क्षेत्र को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (JFDCL) तथा सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI), कोलकाता के बीच एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत राज्य में झारखंड फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (JFTII) की स्थापना की जाएगी, जहाँ युवाओं को आधुनिक फिल्म निर्माण एवं टेलीविजन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
📌 मुख्य बिंदु
- झारखंड में JFTII की स्थापना की जाएगी।
- JFDCL एवं SRFTI, कोलकाता के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए।
- प्रारंभिक चरण में शॉर्ट ड्यूरेशन कोर्स शुरू किए जाएंगे।
- फिल्म, मीडिया एवं डिजिटल कंटेंट निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा।
- स्थानीय कलाकारों एवं युवाओं को राज्य में ही प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा।
📖 JFTII क्या है?
झारखंड फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (JFTII) राज्य सरकार की एक नई पहल है जिसका उद्देश्य झारखंड के युवाओं को फिल्म, टेलीविजन एवं डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करना है। इससे राज्य के कलाकारों को रोजगार, कौशल विकास एवं रचनात्मक उद्योगों में नए अवसर प्राप्त होंगे।
📖 SRFTI के बारे में
सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI), कोलकाता भारत के प्रमुख फिल्म शिक्षण संस्थानों में से एक है। इसकी स्थापना 1995 में हुई थी। यह सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक स्वायत्त संस्थान है तथा फिल्म निर्माण, निर्देशन, छायांकन, संपादन, ध्वनि, एनीमेशन एवं अन्य तकनीकी विषयों में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करता है।
📚 JFTII में प्रस्तावित प्रमुख प्रशिक्षण
- फिल्म निर्देशन (Direction)
- सिनेमैटोग्राफी (Cinematography)
- वीडियो एडिटिंग
- साउंड डिजाइनिंग
- स्क्रिप्ट लेखन
- एनीमेशन एवं डिजिटल कंटेंट निर्माण
- प्रोडक्शन एवं पोस्ट-प्रोडक्शन तकनीक
📖 झारखंड के लिए महत्व
झारखंड प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय संस्कृति एवं लोककलाओं से समृद्ध राज्य है। JFTII की स्थापना से स्थानीय कलाकारों को राज्य से बाहर जाए बिना प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे फिल्म उद्योग, पर्यटन, रोजगार, सांस्कृतिक संरक्षण तथा राज्य की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
🎓 परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य
- JFTII की स्थापना के लिए JFDCL एवं SRFTI के बीच एमओयू हुआ।
- SRFTI कोलकाता सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
- SRFTI की स्थापना वर्ष 1995 में हुई थी।
- संस्थान का नाम महान फिल्मकार सत्यजीत रे के नाम पर रखा गया है।
- JFTII का उद्देश्य झारखंड के युवाओं को फिल्म एवं डिजिटल मीडिया में कौशल प्रशिक्षण देना है।
⚡ त्वरित पुनरावृत्ति
- संस्थान : JFTII
- साझेदार : JFDCL एवं SRFTI
- SRFTI स्थान : कोलकाता
- SRFTI स्थापना : 1995
- मंत्रालय : सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय
- मुख्य उद्देश्य : फिल्म एवं टेलीविजन प्रशिक्षण
📝 संभावित परीक्षा प्रश्न (MCQs)
1. झारखंड फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (JFTII) की स्थापना के लिए किस संस्थान के साथ एमओयू किया गया है?
- A. FTII, पुणे
- B. NSD, नई दिल्ली
- C. SRFTI, कोलकाता
- D. IGNCA
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: C. SRFTI, कोलकाता
व्याख्या: JFDCL और SRFTI, कोलकाता के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
2. SRFTI का पूर्ण रूप क्या है?
- A. Satyajit Ray Film and Television Institute
- B. State Radio Film Training Institute
- C. School of Regional Film Technology Institute
- D. South Regional Film Training Institute
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: A. Satyajit Ray Film and Television Institute
3. सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट कहाँ स्थित है?
- A. मुंबई
- B. पुणे
- C. कोलकाता
- D. रांची
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: C. कोलकाता
4. SRFTI किस केंद्रीय मंत्रालय के अधीन कार्य करता है?
- A. शिक्षा मंत्रालय
- B. संस्कृति मंत्रालय
- C. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय
- D. कौशल विकास मंत्रालय
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: C. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय
5. JFTII की स्थापना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- A. कृषि प्रशिक्षण
- B. फिल्म एवं डिजिटल मीडिया में कौशल विकास
- C. पुलिस प्रशिक्षण
- D. खेल प्रशिक्षण
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: B. फिल्म एवं डिजिटल मीडिया में कौशल विकास
6. सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
- A. 1985
- B. 1990
- C. 1995
- D. 2000
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: C. 1995
व्याख्या: SRFTI की स्थापना 1995 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्थान के रूप में की गई थी।
📚 परीक्षा में क्यों महत्वपूर्ण?
- JPSC प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा
- JSSC CGL एवं अन्य भर्ती परीक्षाएँ
- झारखंड की कला, संस्कृति एवं फिल्म नीति
- कौशल विकास एवं मीडिया शिक्षा