प्राकृतिक संख्याएँ (Natural Numbers)
वस्तुओं की गणना करने के लिए जिन संख्याओं का प्रयोग किया जाता है,
उन्हें प्राकृतिक संख्याएँ (Natural Numbers) कहते हैं।
प्राकृतिक संख्याएँ संख्या पद्धति का आधार हैं। इनके गुणों से संबंधित
अवधारणाएँ JSSC, SSC और Railway जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी हैं।
1. प्राकृतिक संख्याएँ क्या हैं?
सामान्य रूप से वस्तुओं की गिनती करने के लिए जिन संख्याओं का प्रयोग किया
जाता है, उन्हें प्राकृतिक संख्याएँ कहते हैं।
N = {1, 2, 3, 4, 5, 6, ...}
अतः 1, 2, 3, 4, 5, ... प्राकृतिक संख्याएँ हैं।
उदाहरण के लिए, यदि किसी मेज पर 8 पुस्तकें हैं, तो उनकी संख्या बताने
वाला 8 एक प्राकृतिक संख्या है।
2. क्या 0 प्राकृतिक संख्या है?
गणित में प्राकृतिक संख्याओं को लिखने की दो परंपराएँ मिलती हैं।
कुछ आधुनिक गणितीय परिभाषाओं में 0 को भी प्राकृतिक संख्याओं में शामिल
किया जाता है, जबकि पारंपरिक विद्यालयी पद्धति में प्राकृतिक संख्याएँ
1 से शुरू होती हैं और 0 को पूर्ण संख्याओं (Whole Numbers) में शामिल
किया जाता है।
इस Study Material में हम निम्न परंपरा का प्रयोग करेंगे:
प्राकृतिक संख्याएँ = {1, 2, 3, 4, ...}
पूर्ण संख्याएँ = {0, 1, 2, 3, 4, ...}
प्रतियोगी परीक्षाओं में सबसे छोटी प्राकृतिक संख्या और सबसे छोटी
पूर्ण संख्या से संबंधित प्रश्नों में यह अंतर महत्वपूर्ण है।
3. सबसे छोटी और सबसे बड़ी प्राकृतिक संख्या
| सबसे छोटी प्राकृतिक संख्या |
1 |
| सबसे बड़ी प्राकृतिक संख्या |
कोई नहीं |
कोई सबसे बड़ी प्राकृतिक संख्या नहीं होती, क्योंकि किसी भी प्राकृतिक
संख्या n में 1 जोड़कर उससे बड़ी प्राकृतिक संख्या
n + 1 प्राप्त की जा सकती है।
4. संख्या रेखा पर प्राकृतिक संख्याएँ
प्राकृतिक संख्याओं को संख्या रेखा (Number Line) पर इस प्रकार प्रदर्शित
किया जा सकता है:
1 → 2 → 3 → 4
→ 5 → 6 → ...
संख्या रेखा पर दाईं ओर जाने पर संख्याओं का मान बढ़ता जाता है।
यदि a < b है, तो संख्या रेखा पर a,
b के बाईं ओर स्थित होगी।
5. परवर्ती संख्या (Successor)
किसी प्राकृतिक संख्या के ठीक बाद आने वाली संख्या को उसकी
परवर्ती संख्या (Successor) कहते हैं।
n की परवर्ती संख्या = n + 1
उदाहरण:
- 8 की परवर्ती संख्या = 9
- 99 की परवर्ती संख्या = 100
- 999 की परवर्ती संख्या = 1000
प्रत्येक प्राकृतिक संख्या की एक परवर्ती प्राकृतिक संख्या होती है।
6. पूर्ववर्ती संख्या (Predecessor)
किसी संख्या के ठीक पहले आने वाली संख्या को उसकी
पूर्ववर्ती संख्या (Predecessor) कहते हैं।
n की पूर्ववर्ती संख्या = n − 1
उदाहरण:
- 20 की पूर्ववर्ती संख्या = 19
- 100 की पूर्ववर्ती संख्या = 99
N = {1, 2, 3, ...} की परिभाषा के अनुसार
1 की कोई पूर्ववर्ती प्राकृतिक संख्या नहीं है,
क्योंकि 0 को इस परिभाषा में प्राकृतिक संख्या नहीं माना गया है।
7. संवृतता गुण (Closure Property)
यदि किसी समुच्चय के दो सदस्यों पर कोई गणितीय संक्रिया करने पर परिणाम
हमेशा उसी समुच्चय का सदस्य प्राप्त हो, तो वह समुच्चय उस संक्रिया के
अंतर्गत संवृत (Closed) कहलाता है।
| संक्रिया |
संवृत? |
उदाहरण |
| जोड़ |
हाँ |
5 + 3 = 8 |
| गुणा |
हाँ |
5 × 3 = 15 |
| घटाव |
नहीं |
3 − 5 = −2 |
| भाग |
नहीं |
3 ÷ 2 = 1.5 |
याद रखें: प्राकृतिक संख्याएँ जोड़ और गुणा के अंतर्गत
संवृत हैं, लेकिन घटाव और भाग के अंतर्गत संवृत नहीं हैं।
8. क्रमविनिमेय गुण (Commutative Property)
जोड़ और गुणा में दो प्राकृतिक संख्याओं का क्रम बदलने पर परिणाम नहीं बदलता।
जोड़: a + b = b + a
गुणा: a × b = b × a
उदाहरण:
4 + 7 = 7 + 4 = 11
4 × 7 = 7 × 4 = 28
घटाव और भाग क्रमविनिमेय नहीं हैं।
8 − 3 ≠ 3 − 8
8 ÷ 4 ≠ 4 ÷ 8
9. साहचर्य गुण (Associative Property)
प्राकृतिक संख्याओं में जोड़ और गुणा साहचर्य गुण का पालन करते हैं।
जोड़:
(a + b) + c = a + (b + c)
गुणा:
(a × b) × c = a × (b × c)
उदाहरण:
(2 + 3) + 4 = 2 + (3 + 4) = 9
(2 × 3) × 4 = 2 × (3 × 4) = 24
घटाव और भाग साहचर्य नहीं हैं।
10. वितरण गुण (Distributive Property)
गुणा, जोड़ तथा घटाव पर वितरण गुण का पालन करता है।
a × (b + c) = ab + ac
a × (b − c) = ab − ac
उदाहरण:
5 × (8 + 2)
= (5 × 8) + (5 × 2)
= 40 + 10
= 50
11. तत्समक अवयव (Identity Elements)
योगात्मक तत्समक (Additive Identity)
किसी संख्या में 0 जोड़ने पर उसका मान नहीं बदलता:
a + 0 = a
इसलिए सामान्य रूप से 0 योगात्मक तत्समक है।
इस सामग्री में N = {1, 2, 3, ...} माना गया है। इसलिए 0, N का सदस्य
नहीं है और इस परिभाषा के अंतर्गत प्राकृतिक संख्याओं के समुच्चय में
योगात्मक तत्समक उपस्थित नहीं है।
गुणात्मक तत्समक (Multiplicative Identity)
किसी प्राकृतिक संख्या को 1 से गुणा करने पर उसका मान नहीं बदलता:
a × 1 = a
अतः 1 गुणात्मक तत्समक है।
12. क्रमागत प्राकृतिक संख्याएँ
लगातार क्रम में आने वाली प्राकृतिक संख्याओं को
क्रमागत प्राकृतिक संख्याएँ (Consecutive Natural Numbers)
कहते हैं।
यदि पहली संख्या n है, तो तीन क्रमागत प्राकृतिक संख्याएँ होंगी:
n, n + 1, n + 2
उदाहरण: 18, 19 और 20 तीन क्रमागत प्राकृतिक संख्याएँ हैं।
दो क्रमागत प्राकृतिक संख्याओं का अंतर हमेशा 1 होता है।
13. दो संख्याओं के बीच प्राकृतिक संख्याओं की संख्या
यदि a और b दोनों को शामिल किया जाए, तो a से b तक प्राकृतिक संख्याओं
की कुल संख्या:
b − a + 1
उदाहरण: 21 से 50 तक, दोनों को शामिल करते हुए,
कितनी प्राकृतिक संख्याएँ हैं?
= 50 − 21 + 1
= 30
यदि प्रश्न में a और b के बीच की संख्याएँ पूछी गई हों
और दोनों सिरों को शामिल न किया जाए, तो:
a और b के बीच प्राकृतिक संख्याओं की संख्या = b − a − 1
उदाहरण: 10 और 20 के बीच 11 से 19 तक कुल
9 प्राकृतिक संख्याएँ हैं।
14. प्रथम n प्राकृतिक संख्याओं का योग
1 + 2 + 3 + ... + n = n(n + 1) / 2
उदाहरण: प्रथम 20 प्राकृतिक संख्याओं का योग ज्ञात कीजिए।
योग = 20 × 21 / 2
= 210
15. a से b तक प्राकृतिक संख्याओं का योग
a से b तक सभी प्राकृतिक संख्याओं का योग ज्ञात करने के लिए:
a से b तक योग = प्रथम b प्राकृतिक संख्याओं का योग
− प्रथम (a − 1) प्राकृतिक संख्याओं का योग
योग = [b(b + 1) − a(a − 1)] / 2
उदाहरण: 11 से 20 तक प्राकृतिक संख्याओं का योग ज्ञात कीजिए।
1 से 20 तक योग = 20 × 21 / 2 = 210
1 से 10 तक योग = 10 × 11 / 2 = 55
आवश्यक योग = 210 − 55 = 155
16. प्रथम n प्राकृतिक संख्याओं का औसत
प्रथम n प्राकृतिक संख्याओं का औसत = (n + 1) / 2
उदाहरण के लिए प्रथम 15 प्राकृतिक संख्याओं का औसत:
(15 + 1) / 2 = 8
17. महत्वपूर्ण मानक सूत्र
| श्रेणी |
योग |
| प्रथम n प्राकृतिक संख्याएँ |
n(n + 1) / 2 |
| प्रथम n विषम प्राकृतिक संख्याएँ |
n2 |
| प्रथम n सम प्राकृतिक संख्याएँ |
n(n + 1) |
| प्रथम n प्राकृतिक संख्याओं के वर्गों का योग |
n(n + 1)(2n + 1) / 6 |
| प्रथम n प्राकृतिक संख्याओं के घनों का योग |
[n(n + 1) / 2]2 |
ये सूत्र प्रतियोगी परीक्षाओं में उपयोगी हैं। सम-विषम संख्याएँ,
वर्ग तथा घन की विस्तृत अवधारणाओं को उनके संबंधित Topics में अलग से पढ़ेंगे।
हल किए गए महत्वपूर्ण उदाहरण
उदाहरण 1. 9999 की परवर्ती संख्या क्या है?
परवर्ती संख्या = 9999 + 1 = 10000
उदाहरण 2. 36 से 80 तक, दोनों संख्याओं को
शामिल करते हुए, कुल कितनी प्राकृतिक संख्याएँ हैं?
कुल संख्याएँ = 80 − 36 + 1
= 45
उदाहरण 3. प्रथम 50 प्राकृतिक संख्याओं का
योग ज्ञात कीजिए।
योग = n(n + 1) / 2
= 50 × 51 / 2
= 1275
उदाहरण 4. प्रथम n प्राकृतिक संख्याओं का योग
210 है। n का मान ज्ञात कीजिए।
n(n + 1) / 2 = 210
n(n + 1) = 420
20 × 21 = 420
अतः n = 20
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
- इस सामग्री में प्राकृतिक संख्याएँ 1 से प्रारंभ होती हैं।
- सबसे छोटी प्राकृतिक संख्या 1 है।
- कोई सबसे बड़ी प्राकृतिक संख्या नहीं होती।
- प्रत्येक प्राकृतिक संख्या की एक परवर्ती संख्या होती है।
- N = {1, 2, 3, ...} में 1 की कोई पूर्ववर्ती प्राकृतिक संख्या नहीं है।
- प्राकृतिक संख्याएँ जोड़ और गुणा के अंतर्गत संवृत हैं।
- प्राकृतिक संख्याएँ घटाव और भाग के अंतर्गत संवृत नहीं हैं।
- जोड़ और गुणा क्रमविनिमेय तथा साहचर्य हैं।
- गुणा, जोड़ तथा घटाव पर वितरण गुण का पालन करता है।
- प्रथम n प्राकृतिक संख्याओं का योग = n(n + 1) / 2
त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)
| प्राकृतिक संख्याएँ |
{1, 2, 3, 4, ...} |
| सबसे छोटी प्राकृतिक संख्या |
1 |
| सबसे बड़ी प्राकृतिक संख्या |
कोई नहीं |
| n की परवर्ती संख्या |
n + 1 |
| n की पूर्ववर्ती संख्या |
n − 1, जहाँ n > 1 |
| a से b तक कुल संख्याएँ, दोनों सहित |
b − a + 1 |
| a और b के बीच कुल संख्याएँ |
b − a − 1 |
| प्रथम n प्राकृतिक संख्याओं का योग |
n(n + 1) / 2 |
| प्रथम n प्राकृतिक संख्याओं का औसत |
(n + 1) / 2 |
प्राकृतिक संख्याओं, उनके गुणों, संख्याओं की गणना, योग तथा औसत से संबंधित
प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे गए महत्वपूर्ण पिछले वर्षों के प्रश्नों का अभ्यास करें।
प्राकृतिक संख्याओं की अवधारणाओं पर आधारित इन अतिरिक्त परीक्षा-उन्मुख
प्रश्नों को हल करें। उत्तर एवं व्याख्या देखने से पहले प्रत्येक प्रश्न
को स्वयं हल करने का प्रयास करें।