Major Tribal Rebellions and Movements in Jharkhand (Quick Revision) झारखण्ड के प्रमुख जनजातीय विद्रोह एवं आंदोलन (Quick Revision)

झारखण्ड का इतिहास जनजातीय संघर्षों, सामाजिक सुधार आंदोलनों एवं स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रसिद्ध है। अंग्रेजों की भूमि नीति, अत्यधिक लगान, जमींदारों एवं महाजनों के शोषण तथा पारंपरिक अधिकारों के हनन के विरुद्ध समय-समय पर अनेक जनजातीय विद्रोह हुए। JSSC एवं JPSC परीक्षाओं में इन विद्रोहों से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।

Tribal Rebellions in Jharkhand झारखण्ड में जनजातीय विद्रोह

झारखण्ड के प्रमुख जनजातीय विद्रोह एवं आंदोलन (Quick Revision)

झारखण्ड का इतिहास जनजातीय संघर्षों, सामाजिक सुधार आंदोलनों एवं स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रसिद्ध है। अंग्रेजों की भूमि नीति, अत्यधिक लगान, जमींदारों एवं महाजनों के शोषण तथा पारंपरिक अधिकारों के हनन के विरुद्ध समय-समय पर अनेक जनजातीय विद्रोह हुए। JSSC एवं JPSC परीक्षाओं में इन विद्रोहों से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।

विद्रोह / आंदोलन काल प्रमुख नेता मुख्य कारण महत्वपूर्ण तथ्य
ढाल विद्रोह 1767–1777 जगन्नाथ ढाल उत्तराधिकार विवाद एवं अंग्रेजी हस्तक्षेप झारखण्ड का प्रथम जनजातीय विद्रोह माना जाता है।
चुआड़ विद्रोह 1769–1805 दुर्जन सिंह, रघुनाथ सिंह आदि अत्यधिक लगान एवं भूमि नीति जंगलमहल क्षेत्र का प्रमुख विद्रोह।
चेरो विद्रोह 1770–1772 चित्रजीत राय एवं जयनाथ सिंह उत्तराधिकार विवाद पलामू क्षेत्र का प्रमुख विद्रोह।
घटवाल विद्रोह 1772–1773 घटवाल एवं मुकुंद सिंह समर्थक रामगढ़ उत्तराधिकार विवाद अंग्रेजों द्वारा तेज सिंह का समर्थन।
पहाड़िया विद्रोह 1772–1782 पहाड़िया सरदार अंग्रेजी हस्तक्षेप राजमहल पहाड़ियों का प्रमुख आंदोलन।
तमाड़ विद्रोह 1782–1821 विष्णु मानकी, रूदन मुंडा आदि लगान एवं जमींदारी शोषण लगभग 40 वर्षों तक चला।
तिलका आंदोलन 1783–1785 तिलका मांझी अंग्रेजी शोषण भारत के प्रथम आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी।

Quick Exam Facts

  • झारखण्ड का प्रथम जनजातीय विद्रोह — ढाल विद्रोह
  • प्रथम आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी — तिलका मांझी
  • सबसे लंबा प्रारम्भिक विद्रोह — तमाड़ विद्रोह
  • रामगढ़ उत्तराधिकार विवाद — घटवाल विद्रोह
  • पलामू क्षेत्र — चेरो विद्रोह
  • जंगलमहल क्षेत्र — चुआड़ विद्रोह
  • राजमहल पहाड़ियाँ — पहाड़िया विद्रोह

Timeline (1767–1785)

वर्ष घटना
1767–1777 ढाल विद्रोह
1769–1805 चुआड़ विद्रोह
1770–1772 चेरो विद्रोह
1772–1773 घटवाल विद्रोह
1772–1782 पहाड़िया विद्रोह
1782–1821 तमाड़ विद्रोह
1783–1785 तिलका आंदोलन
विद्रोह / आंदोलन काल प्रमुख नेता मुख्य कारण महत्वपूर्ण तथ्य
कोल विद्रोह 1831–1832 सिंदराय मानकी, बिंदराय मानकी, सुर्गा मुंडा, बुद्ध भगत दिकुओं, जमींदारों एवं अंग्रेजों का शोषण झारखण्ड का प्रथम संगठित एवं व्यापक जनजातीय विद्रोह।
भूमिज विद्रोह 1832–1833 गंगा नारायण सिंह उत्तराधिकार विवाद, कर एवं अंग्रेजी हस्तक्षेप "गंगा नारायण का हंगामा" के नाम से प्रसिद्ध।
संथाल विद्रोह (हूल) 1855–1856 सिद्धू, कान्हू, चाँद, भैरव, फूलो एवं झानो महाजन, जमींदार, दिकू एवं अंग्रेजी शोषण 30 जून 1855 को भोगनाडीह से प्रारम्भ।
सरदारी आंदोलन 1858–1895 मुंडा एवं उराँव सरदार भूमि अधिकारों की पुनर्प्राप्ति मुल्की-मिल्की आंदोलन के नाम से प्रसिद्ध।
साफाहोड़ आंदोलन 1870 लाल हेंब्रम (लाल बाबा) धार्मिक एवं सामाजिक सुधार राम-नाम एवं सिंगबोंगा की उपासना पर बल।
खरवार आंदोलन 1874 भागीरथ माँझी धार्मिक एवं सामाजिक सुधार एकेश्वरवाद एवं सामाजिक शुद्धता पर बल।
बिरसा आंदोलन (उलगुलान) 1895–1900 बिरसा मुंडा भूमि अधिकार, मुंडा राज एवं अंग्रेजी शोषण CNT Act, 1908 की पृष्ठभूमि तैयार की।

Quick Exam Facts

  • झारखण्ड का प्रथम संगठित जनजातीय विद्रोह — कोल विद्रोह
  • "गंगा नारायण का हंगामा" — भूमिज विद्रोह
  • हूल विद्रोह — संथाल विद्रोह
  • 30 जून 1855 — भोगनाडीह सभा
  • "अपना देश, अपना राज" — संथाल विद्रोह का प्रसिद्ध नारा
  • मुल्की-मिल्की आंदोलन — सरदारी आंदोलन
  • राम-नाम आंदोलन — साफाहोड़ आंदोलन
  • भागीरथ माँझी — खरवार आंदोलन
  • उलगुलान — बिरसा आंदोलन
  • बिरसाइट धर्म — बिरसा मुंडा
  • मुख्यालय — खूंटी
  • CNT Act, 1908 — बिरसा आंदोलन का प्रमुख परिणाम

Timeline (1831–1908)

वर्ष घटना
1831–1832 कोल विद्रोह
1832–1833 भूमिज विद्रोह
1855–1856 संथाल विद्रोह (हूल)
1858–1895 सरदारी आंदोलन
1870 साफाहोड़ आंदोलन
1874 खरवार आंदोलन
1895 बिरसा आंदोलन का प्रारम्भ
24 अगस्त 1895 बिरसा मुंडा की प्रथम गिरफ्तारी
30 नवम्बर 1897 बिरसा मुंडा की रिहाई
24 दिसम्बर 1899 उलगुलान (द्वितीय चरण) का आरम्भ
9 जनवरी 1900 डोम्बारी बुरू गोलीकांड
3 मार्च 1900 बिरसा मुंडा की दूसरी गिरफ्तारी
9 जून 1900 बिरसा मुंडा का निधन
1908 छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (CNT Act)

Super Revision (One Minute Revision)

  • कोल विद्रोह → प्रथम संगठित जनजातीय विद्रोह
  • भूमिज विद्रोह → गंगा नारायण सिंह
  • संथाल विद्रोह → सिद्धू-कान्हू
  • हूल = क्रांति / विद्रोह
  • 30 जून 1855 → भोगनाडीह सभा
  • सरदारी आंदोलन → मुल्की-मिल्की आंदोलन
  • साफाहोड़ आंदोलन → लाल हेंब्रम
  • खरवार आंदोलन → भागीरथ माँझी
  • उलगुलान → बिरसा आंदोलन
  • बिरसाइट धर्म → बिरसा मुंडा
  • खूंटी → बिरसा आंदोलन का मुख्यालय
  • CNT Act → 1908
आंदोलन काल प्रमुख नेता मुख्य उद्देश्य परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य
सरदारी आंदोलन 1858–1895 मुंडा एवं उराँव सरदार भूमि अधिकारों की पुनर्प्राप्ति मुल्की-मिल्की आंदोलन
साफाहोड़ आंदोलन 1870 लाल हेंब्रम (लाल बाबा) धार्मिक एवं सामाजिक सुधार राम-नाम एवं सिंगबोंगा की उपासना
खरवार आंदोलन 1874 भागीरथ माँझी धार्मिक एवं सामाजिक सुधार एकेश्वरवाद एवं सामाजिक शुद्धता
बिरसा आंदोलन (उलगुलान) 1895–1900 बिरसा मुंडा मुंडा राज एवं भूमि अधिकार CNT Act, 1908 की पृष्ठभूमि
ताना भगत आंदोलन 1914 जतरा भगत सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक सुधार झारखण्ड का प्रमुख अहिंसक जनजातीय आंदोलन

High Yield Facts (JSSC/JPSC)

  • मुल्की-मिल्की आंदोलन → सरदारी आंदोलन
  • राम-नाम आंदोलन → साफाहोड़ आंदोलन
  • लाल बाबा → लाल हेंब्रम
  • भागीरथ माँझी → खरवार आंदोलन
  • उलगुलान → बिरसा आंदोलन
  • बिरसाइट धर्म → बिरसा मुंडा
  • कुड़ुख धर्म आंदोलन → ताना भगत आंदोलन
  • झारखण्ड का प्रमुख अहिंसक जनजातीय आंदोलन → ताना भगत आंदोलन
  • खादी एवं चरखा अपनाने वाला प्रमुख आदिवासी आंदोलन → ताना भगत आंदोलन
  • महात्मा गांधी से सर्वाधिक प्रभावित जनजातीय आंदोलन → ताना भगत आंदोलन

Complete Timeline (1767–1914)

वर्ष विद्रोह / आंदोलन
1767–1777 ढाल विद्रोह
1769–1805 चुआड़ विद्रोह
1770–1772 चेरो विद्रोह
1772–1773 घटवाल विद्रोह
1772–1782 पहाड़िया विद्रोह
1782–1821 तमाड़ विद्रोह
1783–1785 तिलका आंदोलन
1831–1832 कोल विद्रोह
1832–1833 भूमिज विद्रोह
1855–1856 संथाल विद्रोह (हूल)
1858–1895 सरदारी आंदोलन
1870 साफाहोड़ आंदोलन
1874 खरवार आंदोलन
1895–1900 बिरसा आंदोलन (उलगुलान)
1914 ताना भगत आंदोलन

One Minute Revision

  • प्रथम जनजातीय विद्रोह → ढाल विद्रोह
  • प्रथम आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी → तिलका मांझी
  • प्रथम संगठित जनजातीय विद्रोह → कोल विद्रोह
  • गंगा नारायण का हंगामा → भूमिज विद्रोह
  • हूल → संथाल विद्रोह
  • मुल्की-मिल्की आंदोलन → सरदारी आंदोलन
  • राम-नाम आंदोलन → साफाहोड़ आंदोलन
  • भागीरथ माँझी → खरवार आंदोलन
  • उलगुलान → बिरसा आंदोलन
  • बिरसाइट धर्म → बिरसा मुंडा
  • CNT Act → 1908
  • कुड़ुख धर्म आंदोलन → ताना भगत आंदोलन
  • अहिंसक जनजातीय आंदोलन → ताना भगत आंदोलन
  • खादी एवं चरखा → ताना भगत आंदोलन
  • महात्मा गांधी से प्रभावित जनजातीय आंदोलन → ताना भगत आंदोलन

Exam Trap (Frequently Confused)

  • ढाल विद्रोह → प्रथम जनजातीय विद्रोह
  • कोल विद्रोह → प्रथम संगठित जनजातीय विद्रोह
  • संथाल विद्रोह → हूल विद्रोह
  • सरदारी आंदोलन → भूमि अधिकार आंदोलन
  • साफाहोड़ आंदोलन → लाल हेंब्रम
  • खरवार आंदोलन → भागीरथ माँझी
  • बिरसा आंदोलन → उलगुलान
  • ताना भगत आंदोलन → अहिंसा एवं गांधीवाद
  • CNT Act (1908) → बिरसा आंदोलन का प्रभाव

Mega Comparative Chart – झारखण्ड के प्रमुख जनजातीय विद्रोह एवं आंदोलन

Exam Tip: JSSC/JPSC में विभिन्न विद्रोहों के नेता, वर्ष, कारण, क्षेत्र एवं परिणाम की तुलना पर आधारित प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं। अंतिम समय की तैयारी हेतु यह चार्ट अत्यंत उपयोगी है।
विद्रोह / आंदोलन काल प्रमुख नेता मुख्य क्षेत्र मुख्य कारण मुख्य परिणाम / विशेष तथ्य
ढाल विद्रोह 1767–1777 जगन्नाथ ढाल ढालभूम उत्तराधिकार विवाद एवं अंग्रेजी हस्तक्षेप झारखण्ड का प्रथम जनजातीय विद्रोह
चुआड़ विद्रोह 1769–1805 दुर्जन सिंह, रघुनाथ सिंह आदि जंगलमहल लगान एवं भूमि नीति दीर्घकालीन किसान-जनजातीय विद्रोह
चेरो विद्रोह 1770–1772 चित्रजीत राय, जयनाथ सिंह पलामू उत्तराधिकार विवाद पलामू पर अंग्रेजी नियंत्रण स्थापित
घटवाल विद्रोह 1772–1773 घटवाल एवं मुकुंद सिंह समर्थक रामगढ़ उत्तराधिकार विवाद तेज सिंह को अंग्रेजों का समर्थन
पहाड़िया विद्रोह 1772–1782 पहाड़िया सरदार राजमहल पहाड़ियाँ अंग्रेजी हस्तक्षेप पहाड़िया नीति लागू
तमाड़ विद्रोह 1782–1821 विष्णु मानकी, रूदन मुंडा आदि तमाड़ लगान एवं जमींदारी शोषण लगभग 40 वर्षों तक चला
तिलका आंदोलन 1783–1785 तिलका मांझी भागलपुर एवं संथाल क्षेत्र अंग्रेजी शोषण प्रथम आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी
कोल विद्रोह 1831–1832 सिंदराय मानकी, बिंदराय मानकी, सुर्गा मुंडा, बुद्ध भगत छोटानागपुर दिकुओं एवं अंग्रेजों का शोषण प्रथम संगठित जनजातीय विद्रोह
भूमिज विद्रोह 1832–1833 गंगा नारायण सिंह मानभूम, बड़ाभूम उत्तराधिकार विवाद एवं कर "गंगा नारायण का हंगामा"
संथाल विद्रोह (हूल) 1855–1856 सिद्धू, कान्हू, चाँद, भैरव, फूलो, झानो संथाल परगना महाजन, दिकू एवं अंग्रेजी शोषण संथाल परगना जिला बना
सरदारी आंदोलन 1858–1895 मुंडा एवं उराँव सरदार छोटानागपुर भूमि अधिकार मुल्की-मिल्की आंदोलन
साफाहोड़ आंदोलन 1870 लाल हेंब्रम संथाल परगना धार्मिक सुधार राम-नाम आंदोलन
खरवार आंदोलन 1874 भागीरथ माँझी संथाल परगना धार्मिक एवं सामाजिक सुधार एकेश्वरवाद पर बल
बिरसा आंदोलन 1895–1900 बिरसा मुंडा खूंटी भूमि अधिकार एवं मुंडा राज CNT Act, 1908
ताना भगत आंदोलन 1914 जतरा भगत गुमला सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक सुधार झारखण्ड का प्रमुख अहिंसक आंदोलन

Leader → Movement (नेता एवं संबंधित आंदोलन)

नेता संबंधित विद्रोह / आंदोलन
जगन्नाथ ढालढाल विद्रोह
दुर्जन सिंहचुआड़ विद्रोह
चित्रजीत रायचेरो विद्रोह
तिलका मांझीतिलका आंदोलन
सिंदराय मानकीकोल विद्रोह
बुद्ध भगतकोल विद्रोह
गंगा नारायण सिंहभूमिज विद्रोह
सिद्धू-कान्हूसंथाल विद्रोह
लाल हेंब्रमसाफाहोड़ आंदोलन
भागीरथ माँझीखरवार आंदोलन
बिरसा मुंडाउलगुलान
जतरा भगतताना भगत आंदोलन

Most Important Acts / Regulations

अधिनियम / नियम संबंधित विद्रोह / आंदोलन
Regulation III (1833) कोल विद्रोह
South-West Frontier Agency कोल विद्रोह
Wilkinson's Rules (1837) कोल विद्रोह
Santhal Pargana District (1855) संथाल विद्रोह
Chotanagpur Tenure Act (1869) सरदारी आंदोलन
CNT Act (1908) बिरसा आंदोलन

Super Revision (Last 5 Minutes)

  • प्रथम जनजातीय विद्रोह → ढाल विद्रोह
  • प्रथम संगठित जनजातीय विद्रोह → कोल विद्रोह
  • प्रथम आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी → तिलका मांझी
  • हूल → संथाल विद्रोह
  • उलगुलान → बिरसा आंदोलन
  • मुल्की-मिल्की → सरदारी आंदोलन
  • राम-नाम → साफाहोड़ आंदोलन
  • कुड़ुख धर्म आंदोलन → ताना भगत आंदोलन
  • गंगा नारायण का हंगामा → भूमिज विद्रोह
  • CNT Act → बिरसा आंदोलन
  • सबसे प्रसिद्ध अहिंसक जनजातीय आंदोलन → ताना भगत आंदोलन

50 One-Liners – झारखण्ड के प्रमुख जनजातीय विद्रोह एवं आंदोलन

  1. झारखण्ड का प्रथम जनजातीय विद्रोह ढाल विद्रोह माना जाता है।
  2. ढाल विद्रोह का नेतृत्व जगन्नाथ ढाल ने किया था।
  3. चुआड़ विद्रोह का मुख्य कारण अत्यधिक लगान एवं भूमि नीति था।
  4. चुआड़ विद्रोह का प्रमुख क्षेत्र जंगलमहल था।
  5. चेरो विद्रोह पलामू क्षेत्र में हुआ था।
  6. चेरो विद्रोह का नेतृत्व चित्रजीत राय एवं जयनाथ सिंह ने किया।
  7. घटवाल विद्रोह रामगढ़ के उत्तराधिकार विवाद से संबंधित था।
  8. घटवाल विद्रोह में अंग्रेजों ने तेज सिंह का समर्थन किया।
  9. पहाड़िया विद्रोह का मुख्य क्षेत्र राजमहल की पहाड़ियाँ था।
  10. तमाड़ विद्रोह लगभग 40 वर्षों तक चला।
  11. तमाड़ विद्रोह का प्रमुख कारण लगान एवं जमींदारी शोषण था।
  12. भारत के प्रथम आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी तिलका मांझी माने जाते हैं।
  13. तिलका आंदोलन 1783–1785 के बीच हुआ।
  14. कोल विद्रोह 1831–1832 में हुआ था।
  15. कोल विद्रोह झारखण्ड का प्रथम संगठित एवं व्यापक जनजातीय विद्रोह माना जाता है।
  16. कोल विद्रोह का प्रमुख नेता सिंदराय मानकी थे।
  17. कोल विद्रोह में बुद्ध भगत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  18. कोल विद्रोह के बाद Regulation III, 1833 लागू किया गया।
  19. दक्षिण-पश्चिम सीमा एजेंसी का प्रथम एजेंट थॉमस विल्किन्सन था।
  20. विल्किन्सन नियम 1837 में लागू किए गए।
  21. भूमिज विद्रोह का नेतृत्व गंगा नारायण सिंह ने किया।
  22. भूमिज विद्रोह को "गंगा नारायण का हंगामा" भी कहा जाता है।
  23. संथाल विद्रोह का प्रारम्भ 30 जून 1855 को भोगनाडीह से हुआ।
  24. संथाल विद्रोह को हूल विद्रोह भी कहा जाता है।
  25. संथाल विद्रोह के प्रमुख नेता सिद्धू, कान्हू, चाँद एवं भैरव थे।
  26. संथाल विद्रोह की वीरांगनाएँ फूलो एवं झानो थीं।
  27. संथाल विद्रोह के परिणामस्वरूप संथाल परगना जिला का गठन किया गया।
  28. सरदारी आंदोलन 1858–1895 तक चला।
  29. सरदारी आंदोलन को मुल्की-मिल्की आंदोलन भी कहा जाता है।
  30. सरदारी आंदोलन का मुख्य उद्देश्य भूमि अधिकारों की पुनर्प्राप्ति था।
  31. सरदारी आंदोलन के प्रभाव से छोटानागपुर टेन्योर एक्ट, 1869 लागू किया गया।
  32. साफाहोड़ आंदोलन का नेतृत्व लाल हेंब्रम (लाल बाबा) ने किया।
  33. साफाहोड़ आंदोलन का प्रारम्भ 1870 में हुआ।
  34. साफाहोड़ आंदोलन में राम-नाम एवं सिंगबोंगा की उपासना पर बल दिया गया।
  35. खरवार आंदोलन का नेतृत्व भागीरथ माँझी ने किया।
  36. खरवार आंदोलन का प्रारम्भ 1874 में हुआ।
  37. खरवार आंदोलन का मुख्य उद्देश्य धार्मिक एवं सामाजिक सुधार था।
  38. बिरसा आंदोलन को उलगुलान के नाम से जाना जाता है।
  39. उलगुलान का अर्थ महान हलचल / महान विद्रोह है।
  40. बिरसा आंदोलन 1895–1900 के बीच हुआ।
  41. बिरसा आंदोलन का मुख्यालय खूंटी था।
  42. बिरसा मुंडा ने बिरसाइट धर्म की स्थापना की।
  43. बिरसा मुंडा को पहली बार 24 अगस्त 1895 को गिरफ्तार किया गया।
  44. बिरसा मुंडा को दूसरी बार 3 मार्च 1900 को गिरफ्तार किया गया।
  45. बिरसा मुंडा का निधन 9 जून 1900 को राँची जेल में हुआ।
  46. बिरसा आंदोलन के परिणामस्वरूप छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (CNT Act), 1908 लागू किया गया।
  47. ताना भगत आंदोलन का प्रारम्भ 21 अप्रैल 1914 को हुआ।
  48. ताना भगत आंदोलन के प्रवर्तक जतरा भगत थे।
  49. ताना भगत आंदोलन का संबंध उराँव (कुड़ुख) जनजाति से था।
  50. ताना भगत आंदोलन को प्रारम्भ में कुड़ुख धर्म आंदोलन भी कहा जाता है।
  51. ताना भगत आंदोलन झारखण्ड का प्रमुख अहिंसक जनजातीय आंदोलन माना जाता है।
  52. ताना भगतों ने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा एवं स्वदेशी के सिद्धांतों को अपनाया।
  53. ताना भगतों ने खादी धारण एवं चरखा चलाने को अपनाया।
  54. 1940 के रामगढ़ कांग्रेस अधिवेशन में ताना भगतों ने महात्मा गांधी को ₹400 की सहयोग राशि भेंट की।
  55. झारखण्ड का प्रमुख गांधीवादी जनजातीय आंदोलन ताना भगत आंदोलन था।

Super One-Liner Revision

  • प्रथम जनजातीय विद्रोह → ढाल विद्रोह
  • प्रथम संगठित जनजातीय विद्रोह → कोल विद्रोह
  • प्रथम आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी → तिलका मांझी
  • हूल → संथाल विद्रोह
  • मुल्की-मिल्की → सरदारी आंदोलन
  • राम-नाम आंदोलन → साफाहोड़ आंदोलन
  • भागीरथ माँझी → खरवार आंदोलन
  • उलगुलान → बिरसा आंदोलन
  • बिरसाइट धर्म → बिरसा मुंडा
  • CNT Act (1908) → बिरसा आंदोलन
  • कुड़ुख धर्म आंदोलन → ताना भगत आंदोलन
  • झारखण्ड का प्रमुख अहिंसक जनजातीय आंदोलन → ताना भगत आंदोलन

झारखण्ड के प्रमुख जनजातीय विद्रोह एवं आंदोलन (Quick Revision)

झारखण्ड का इतिहास जनजातीय संघर्षों, सामाजिक सुधार आंदोलनों एवं स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रसिद्ध है। अंग्रेजों की भूमि नीति, अत्यधिक लगान, जमींदारों एवं महाजनों के शोषण तथा पारंपरिक अधिकारों के हनन के विरुद्ध समय-समय पर अनेक जनजातीय विद्रोह हुए। JSSC एवं JPSC परीक्षाओं में इन विद्रोहों से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।

विद्रोह / आंदोलन काल प्रमुख नेता मुख्य कारण महत्वपूर्ण तथ्य
ढाल विद्रोह 1767–1777 जगन्नाथ ढाल उत्तराधिकार विवाद एवं अंग्रेजी हस्तक्षेप झारखण्ड का प्रथम जनजातीय विद्रोह माना जाता है।
चुआड़ विद्रोह 1769–1805 दुर्जन सिंह, रघुनाथ सिंह आदि अत्यधिक लगान एवं भूमि नीति जंगलमहल क्षेत्र का प्रमुख विद्रोह।
चेरो विद्रोह 1770–1772 चित्रजीत राय एवं जयनाथ सिंह उत्तराधिकार विवाद पलामू क्षेत्र का प्रमुख विद्रोह।
घटवाल विद्रोह 1772–1773 घटवाल एवं मुकुंद सिंह समर्थक रामगढ़ उत्तराधिकार विवाद अंग्रेजों द्वारा तेज सिंह का समर्थन।
पहाड़िया विद्रोह 1772–1782 पहाड़िया सरदार अंग्रेजी हस्तक्षेप राजमहल पहाड़ियों का प्रमुख आंदोलन।
तमाड़ विद्रोह 1782–1821 विष्णु मानकी, रूदन मुंडा आदि लगान एवं जमींदारी शोषण लगभग 40 वर्षों तक चला।
तिलका आंदोलन 1783–1785 तिलका मांझी अंग्रेजी शोषण भारत के प्रथम आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी।

Quick Exam Facts

  • झारखण्ड का प्रथम जनजातीय विद्रोह — ढाल विद्रोह
  • प्रथम आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी — तिलका मांझी
  • सबसे लंबा प्रारम्भिक विद्रोह — तमाड़ विद्रोह
  • रामगढ़ उत्तराधिकार विवाद — घटवाल विद्रोह
  • पलामू क्षेत्र — चेरो विद्रोह
  • जंगलमहल क्षेत्र — चुआड़ विद्रोह
  • राजमहल पहाड़ियाँ — पहाड़िया विद्रोह

Timeline (1767–1785)

वर्ष घटना
1767–1777 ढाल विद्रोह
1769–1805 चुआड़ विद्रोह
1770–1772 चेरो विद्रोह
1772–1773 घटवाल विद्रोह
1772–1782 पहाड़िया विद्रोह
1782–1821 तमाड़ विद्रोह
1783–1785 तिलका आंदोलन
विद्रोह / आंदोलन काल प्रमुख नेता मुख्य कारण महत्वपूर्ण तथ्य
कोल विद्रोह 1831–1832 सिंदराय मानकी, बिंदराय मानकी, सुर्गा मुंडा, बुद्ध भगत दिकुओं, जमींदारों एवं अंग्रेजों का शोषण झारखण्ड का प्रथम संगठित एवं व्यापक जनजातीय विद्रोह।
भूमिज विद्रोह 1832–1833 गंगा नारायण सिंह उत्तराधिकार विवाद, कर एवं अंग्रेजी हस्तक्षेप "गंगा नारायण का हंगामा" के नाम से प्रसिद्ध।
संथाल विद्रोह (हूल) 1855–1856 सिद्धू, कान्हू, चाँद, भैरव, फूलो एवं झानो महाजन, जमींदार, दिकू एवं अंग्रेजी शोषण 30 जून 1855 को भोगनाडीह से प्रारम्भ।
सरदारी आंदोलन 1858–1895 मुंडा एवं उराँव सरदार भूमि अधिकारों की पुनर्प्राप्ति मुल्की-मिल्की आंदोलन के नाम से प्रसिद्ध।
साफाहोड़ आंदोलन 1870 लाल हेंब्रम (लाल बाबा) धार्मिक एवं सामाजिक सुधार राम-नाम एवं सिंगबोंगा की उपासना पर बल।
खरवार आंदोलन 1874 भागीरथ माँझी धार्मिक एवं सामाजिक सुधार एकेश्वरवाद एवं सामाजिक शुद्धता पर बल।
बिरसा आंदोलन (उलगुलान) 1895–1900 बिरसा मुंडा भूमि अधिकार, मुंडा राज एवं अंग्रेजी शोषण CNT Act, 1908 की पृष्ठभूमि तैयार की।

Quick Exam Facts

  • झारखण्ड का प्रथम संगठित जनजातीय विद्रोह — कोल विद्रोह
  • "गंगा नारायण का हंगामा" — भूमिज विद्रोह
  • हूल विद्रोह — संथाल विद्रोह
  • 30 जून 1855 — भोगनाडीह सभा
  • "अपना देश, अपना राज" — संथाल विद्रोह का प्रसिद्ध नारा
  • मुल्की-मिल्की आंदोलन — सरदारी आंदोलन
  • राम-नाम आंदोलन — साफाहोड़ आंदोलन
  • भागीरथ माँझी — खरवार आंदोलन
  • उलगुलान — बिरसा आंदोलन
  • बिरसाइट धर्म — बिरसा मुंडा
  • मुख्यालय — खूंटी
  • CNT Act, 1908 — बिरसा आंदोलन का प्रमुख परिणाम

Timeline (1831–1908)

वर्ष घटना
1831–1832 कोल विद्रोह
1832–1833 भूमिज विद्रोह
1855–1856 संथाल विद्रोह (हूल)
1858–1895 सरदारी आंदोलन
1870 साफाहोड़ आंदोलन
1874 खरवार आंदोलन
1895 बिरसा आंदोलन का प्रारम्भ
24 अगस्त 1895 बिरसा मुंडा की प्रथम गिरफ्तारी
30 नवम्बर 1897 बिरसा मुंडा की रिहाई
24 दिसम्बर 1899 उलगुलान (द्वितीय चरण) का आरम्भ
9 जनवरी 1900 डोम्बारी बुरू गोलीकांड
3 मार्च 1900 बिरसा मुंडा की दूसरी गिरफ्तारी
9 जून 1900 बिरसा मुंडा का निधन
1908 छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (CNT Act)

Super Revision (One Minute Revision)

  • कोल विद्रोह → प्रथम संगठित जनजातीय विद्रोह
  • भूमिज विद्रोह → गंगा नारायण सिंह
  • संथाल विद्रोह → सिद्धू-कान्हू
  • हूल = क्रांति / विद्रोह
  • 30 जून 1855 → भोगनाडीह सभा
  • सरदारी आंदोलन → मुल्की-मिल्की आंदोलन
  • साफाहोड़ आंदोलन → लाल हेंब्रम
  • खरवार आंदोलन → भागीरथ माँझी
  • उलगुलान → बिरसा आंदोलन
  • बिरसाइट धर्म → बिरसा मुंडा
  • खूंटी → बिरसा आंदोलन का मुख्यालय
  • CNT Act → 1908
आंदोलन काल प्रमुख नेता मुख्य उद्देश्य परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य
सरदारी आंदोलन 1858–1895 मुंडा एवं उराँव सरदार भूमि अधिकारों की पुनर्प्राप्ति मुल्की-मिल्की आंदोलन
साफाहोड़ आंदोलन 1870 लाल हेंब्रम (लाल बाबा) धार्मिक एवं सामाजिक सुधार राम-नाम एवं सिंगबोंगा की उपासना
खरवार आंदोलन 1874 भागीरथ माँझी धार्मिक एवं सामाजिक सुधार एकेश्वरवाद एवं सामाजिक शुद्धता
बिरसा आंदोलन (उलगुलान) 1895–1900 बिरसा मुंडा मुंडा राज एवं भूमि अधिकार CNT Act, 1908 की पृष्ठभूमि
ताना भगत आंदोलन 1914 जतरा भगत सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक सुधार झारखण्ड का प्रमुख अहिंसक जनजातीय आंदोलन

High Yield Facts (JSSC/JPSC)

  • मुल्की-मिल्की आंदोलन → सरदारी आंदोलन
  • राम-नाम आंदोलन → साफाहोड़ आंदोलन
  • लाल बाबा → लाल हेंब्रम
  • भागीरथ माँझी → खरवार आंदोलन
  • उलगुलान → बिरसा आंदोलन
  • बिरसाइट धर्म → बिरसा मुंडा
  • कुड़ुख धर्म आंदोलन → ताना भगत आंदोलन
  • झारखण्ड का प्रमुख अहिंसक जनजातीय आंदोलन → ताना भगत आंदोलन
  • खादी एवं चरखा अपनाने वाला प्रमुख आदिवासी आंदोलन → ताना भगत आंदोलन
  • महात्मा गांधी से सर्वाधिक प्रभावित जनजातीय आंदोलन → ताना भगत आंदोलन

Complete Timeline (1767–1914)

वर्ष विद्रोह / आंदोलन
1767–1777 ढाल विद्रोह
1769–1805 चुआड़ विद्रोह
1770–1772 चेरो विद्रोह
1772–1773 घटवाल विद्रोह
1772–1782 पहाड़िया विद्रोह
1782–1821 तमाड़ विद्रोह
1783–1785 तिलका आंदोलन
1831–1832 कोल विद्रोह
1832–1833 भूमिज विद्रोह
1855–1856 संथाल विद्रोह (हूल)
1858–1895 सरदारी आंदोलन
1870 साफाहोड़ आंदोलन
1874 खरवार आंदोलन
1895–1900 बिरसा आंदोलन (उलगुलान)
1914 ताना भगत आंदोलन

One Minute Revision

  • प्रथम जनजातीय विद्रोह → ढाल विद्रोह
  • प्रथम आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी → तिलका मांझी
  • प्रथम संगठित जनजातीय विद्रोह → कोल विद्रोह
  • गंगा नारायण का हंगामा → भूमिज विद्रोह
  • हूल → संथाल विद्रोह
  • मुल्की-मिल्की आंदोलन → सरदारी आंदोलन
  • राम-नाम आंदोलन → साफाहोड़ आंदोलन
  • भागीरथ माँझी → खरवार आंदोलन
  • उलगुलान → बिरसा आंदोलन
  • बिरसाइट धर्म → बिरसा मुंडा
  • CNT Act → 1908
  • कुड़ुख धर्म आंदोलन → ताना भगत आंदोलन
  • अहिंसक जनजातीय आंदोलन → ताना भगत आंदोलन
  • खादी एवं चरखा → ताना भगत आंदोलन
  • महात्मा गांधी से प्रभावित जनजातीय आंदोलन → ताना भगत आंदोलन

Exam Trap (Frequently Confused)

  • ढाल विद्रोह → प्रथम जनजातीय विद्रोह
  • कोल विद्रोह → प्रथम संगठित जनजातीय विद्रोह
  • संथाल विद्रोह → हूल विद्रोह
  • सरदारी आंदोलन → भूमि अधिकार आंदोलन
  • साफाहोड़ आंदोलन → लाल हेंब्रम
  • खरवार आंदोलन → भागीरथ माँझी
  • बिरसा आंदोलन → उलगुलान
  • ताना भगत आंदोलन → अहिंसा एवं गांधीवाद
  • CNT Act (1908) → बिरसा आंदोलन का प्रभाव

Mega Comparative Chart – झारखण्ड के प्रमुख जनजातीय विद्रोह एवं आंदोलन

Exam Tip: JSSC/JPSC में विभिन्न विद्रोहों के नेता, वर्ष, कारण, क्षेत्र एवं परिणाम की तुलना पर आधारित प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं। अंतिम समय की तैयारी हेतु यह चार्ट अत्यंत उपयोगी है।
विद्रोह / आंदोलन काल प्रमुख नेता मुख्य क्षेत्र मुख्य कारण मुख्य परिणाम / विशेष तथ्य
ढाल विद्रोह 1767–1777 जगन्नाथ ढाल ढालभूम उत्तराधिकार विवाद एवं अंग्रेजी हस्तक्षेप झारखण्ड का प्रथम जनजातीय विद्रोह
चुआड़ विद्रोह 1769–1805 दुर्जन सिंह, रघुनाथ सिंह आदि जंगलमहल लगान एवं भूमि नीति दीर्घकालीन किसान-जनजातीय विद्रोह
चेरो विद्रोह 1770–1772 चित्रजीत राय, जयनाथ सिंह पलामू उत्तराधिकार विवाद पलामू पर अंग्रेजी नियंत्रण स्थापित
घटवाल विद्रोह 1772–1773 घटवाल एवं मुकुंद सिंह समर्थक रामगढ़ उत्तराधिकार विवाद तेज सिंह को अंग्रेजों का समर्थन
पहाड़िया विद्रोह 1772–1782 पहाड़िया सरदार राजमहल पहाड़ियाँ अंग्रेजी हस्तक्षेप पहाड़िया नीति लागू
तमाड़ विद्रोह 1782–1821 विष्णु मानकी, रूदन मुंडा आदि तमाड़ लगान एवं जमींदारी शोषण लगभग 40 वर्षों तक चला
तिलका आंदोलन 1783–1785 तिलका मांझी भागलपुर एवं संथाल क्षेत्र अंग्रेजी शोषण प्रथम आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी
कोल विद्रोह 1831–1832 सिंदराय मानकी, बिंदराय मानकी, सुर्गा मुंडा, बुद्ध भगत छोटानागपुर दिकुओं एवं अंग्रेजों का शोषण प्रथम संगठित जनजातीय विद्रोह
भूमिज विद्रोह 1832–1833 गंगा नारायण सिंह मानभूम, बड़ाभूम उत्तराधिकार विवाद एवं कर "गंगा नारायण का हंगामा"
संथाल विद्रोह (हूल) 1855–1856 सिद्धू, कान्हू, चाँद, भैरव, फूलो, झानो संथाल परगना महाजन, दिकू एवं अंग्रेजी शोषण संथाल परगना जिला बना
सरदारी आंदोलन 1858–1895 मुंडा एवं उराँव सरदार छोटानागपुर भूमि अधिकार मुल्की-मिल्की आंदोलन
साफाहोड़ आंदोलन 1870 लाल हेंब्रम संथाल परगना धार्मिक सुधार राम-नाम आंदोलन
खरवार आंदोलन 1874 भागीरथ माँझी संथाल परगना धार्मिक एवं सामाजिक सुधार एकेश्वरवाद पर बल
बिरसा आंदोलन 1895–1900 बिरसा मुंडा खूंटी भूमि अधिकार एवं मुंडा राज CNT Act, 1908
ताना भगत आंदोलन 1914 जतरा भगत गुमला सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक सुधार झारखण्ड का प्रमुख अहिंसक आंदोलन

Leader → Movement (नेता एवं संबंधित आंदोलन)

नेता संबंधित विद्रोह / आंदोलन
जगन्नाथ ढालढाल विद्रोह
दुर्जन सिंहचुआड़ विद्रोह
चित्रजीत रायचेरो विद्रोह
तिलका मांझीतिलका आंदोलन
सिंदराय मानकीकोल विद्रोह
बुद्ध भगतकोल विद्रोह
गंगा नारायण सिंहभूमिज विद्रोह
सिद्धू-कान्हूसंथाल विद्रोह
लाल हेंब्रमसाफाहोड़ आंदोलन
भागीरथ माँझीखरवार आंदोलन
बिरसा मुंडाउलगुलान
जतरा भगतताना भगत आंदोलन

Most Important Acts / Regulations

अधिनियम / नियम संबंधित विद्रोह / आंदोलन
Regulation III (1833) कोल विद्रोह
South-West Frontier Agency कोल विद्रोह
Wilkinson's Rules (1837) कोल विद्रोह
Santhal Pargana District (1855) संथाल विद्रोह
Chotanagpur Tenure Act (1869) सरदारी आंदोलन
CNT Act (1908) बिरसा आंदोलन

Super Revision (Last 5 Minutes)

  • प्रथम जनजातीय विद्रोह → ढाल विद्रोह
  • प्रथम संगठित जनजातीय विद्रोह → कोल विद्रोह
  • प्रथम आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी → तिलका मांझी
  • हूल → संथाल विद्रोह
  • उलगुलान → बिरसा आंदोलन
  • मुल्की-मिल्की → सरदारी आंदोलन
  • राम-नाम → साफाहोड़ आंदोलन
  • कुड़ुख धर्म आंदोलन → ताना भगत आंदोलन
  • गंगा नारायण का हंगामा → भूमिज विद्रोह
  • CNT Act → बिरसा आंदोलन
  • सबसे प्रसिद्ध अहिंसक जनजातीय आंदोलन → ताना भगत आंदोलन

50 One-Liners – झारखण्ड के प्रमुख जनजातीय विद्रोह एवं आंदोलन

  1. झारखण्ड का प्रथम जनजातीय विद्रोह ढाल विद्रोह माना जाता है।
  2. ढाल विद्रोह का नेतृत्व जगन्नाथ ढाल ने किया था।
  3. चुआड़ विद्रोह का मुख्य कारण अत्यधिक लगान एवं भूमि नीति था।
  4. चुआड़ विद्रोह का प्रमुख क्षेत्र जंगलमहल था।
  5. चेरो विद्रोह पलामू क्षेत्र में हुआ था।
  6. चेरो विद्रोह का नेतृत्व चित्रजीत राय एवं जयनाथ सिंह ने किया।
  7. घटवाल विद्रोह रामगढ़ के उत्तराधिकार विवाद से संबंधित था।
  8. घटवाल विद्रोह में अंग्रेजों ने तेज सिंह का समर्थन किया।
  9. पहाड़िया विद्रोह का मुख्य क्षेत्र राजमहल की पहाड़ियाँ था।
  10. तमाड़ विद्रोह लगभग 40 वर्षों तक चला।
  11. तमाड़ विद्रोह का प्रमुख कारण लगान एवं जमींदारी शोषण था।
  12. भारत के प्रथम आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी तिलका मांझी माने जाते हैं।
  13. तिलका आंदोलन 1783–1785 के बीच हुआ।
  14. कोल विद्रोह 1831–1832 में हुआ था।
  15. कोल विद्रोह झारखण्ड का प्रथम संगठित एवं व्यापक जनजातीय विद्रोह माना जाता है।
  16. कोल विद्रोह का प्रमुख नेता सिंदराय मानकी थे।
  17. कोल विद्रोह में बुद्ध भगत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  18. कोल विद्रोह के बाद Regulation III, 1833 लागू किया गया।
  19. दक्षिण-पश्चिम सीमा एजेंसी का प्रथम एजेंट थॉमस विल्किन्सन था।
  20. विल्किन्सन नियम 1837 में लागू किए गए।
  21. भूमिज विद्रोह का नेतृत्व गंगा नारायण सिंह ने किया।
  22. भूमिज विद्रोह को "गंगा नारायण का हंगामा" भी कहा जाता है।
  23. संथाल विद्रोह का प्रारम्भ 30 जून 1855 को भोगनाडीह से हुआ।
  24. संथाल विद्रोह को हूल विद्रोह भी कहा जाता है।
  25. संथाल विद्रोह के प्रमुख नेता सिद्धू, कान्हू, चाँद एवं भैरव थे।
  26. संथाल विद्रोह की वीरांगनाएँ फूलो एवं झानो थीं।
  27. संथाल विद्रोह के परिणामस्वरूप संथाल परगना जिला का गठन किया गया।
  28. सरदारी आंदोलन 1858–1895 तक चला।
  29. सरदारी आंदोलन को मुल्की-मिल्की आंदोलन भी कहा जाता है।
  30. सरदारी आंदोलन का मुख्य उद्देश्य भूमि अधिकारों की पुनर्प्राप्ति था।
  31. सरदारी आंदोलन के प्रभाव से छोटानागपुर टेन्योर एक्ट, 1869 लागू किया गया।
  32. साफाहोड़ आंदोलन का नेतृत्व लाल हेंब्रम (लाल बाबा) ने किया।
  33. साफाहोड़ आंदोलन का प्रारम्भ 1870 में हुआ।
  34. साफाहोड़ आंदोलन में राम-नाम एवं सिंगबोंगा की उपासना पर बल दिया गया।
  35. खरवार आंदोलन का नेतृत्व भागीरथ माँझी ने किया।
  36. खरवार आंदोलन का प्रारम्भ 1874 में हुआ।
  37. खरवार आंदोलन का मुख्य उद्देश्य धार्मिक एवं सामाजिक सुधार था।
  38. बिरसा आंदोलन को उलगुलान के नाम से जाना जाता है।
  39. उलगुलान का अर्थ महान हलचल / महान विद्रोह है।
  40. बिरसा आंदोलन 1895–1900 के बीच हुआ।
  41. बिरसा आंदोलन का मुख्यालय खूंटी था।
  42. बिरसा मुंडा ने बिरसाइट धर्म की स्थापना की।
  43. बिरसा मुंडा को पहली बार 24 अगस्त 1895 को गिरफ्तार किया गया।
  44. बिरसा मुंडा को दूसरी बार 3 मार्च 1900 को गिरफ्तार किया गया।
  45. बिरसा मुंडा का निधन 9 जून 1900 को राँची जेल में हुआ।
  46. बिरसा आंदोलन के परिणामस्वरूप छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (CNT Act), 1908 लागू किया गया।
  47. ताना भगत आंदोलन का प्रारम्भ 21 अप्रैल 1914 को हुआ।
  48. ताना भगत आंदोलन के प्रवर्तक जतरा भगत थे।
  49. ताना भगत आंदोलन का संबंध उराँव (कुड़ुख) जनजाति से था।
  50. ताना भगत आंदोलन को प्रारम्भ में कुड़ुख धर्म आंदोलन भी कहा जाता है।
  51. ताना भगत आंदोलन झारखण्ड का प्रमुख अहिंसक जनजातीय आंदोलन माना जाता है।
  52. ताना भगतों ने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा एवं स्वदेशी के सिद्धांतों को अपनाया।
  53. ताना भगतों ने खादी धारण एवं चरखा चलाने को अपनाया।
  54. 1940 के रामगढ़ कांग्रेस अधिवेशन में ताना भगतों ने महात्मा गांधी को ₹400 की सहयोग राशि भेंट की।
  55. झारखण्ड का प्रमुख गांधीवादी जनजातीय आंदोलन ताना भगत आंदोलन था।

Super One-Liner Revision

  • प्रथम जनजातीय विद्रोह → ढाल विद्रोह
  • प्रथम संगठित जनजातीय विद्रोह → कोल विद्रोह
  • प्रथम आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी → तिलका मांझी
  • हूल → संथाल विद्रोह
  • मुल्की-मिल्की → सरदारी आंदोलन
  • राम-नाम आंदोलन → साफाहोड़ आंदोलन
  • भागीरथ माँझी → खरवार आंदोलन
  • उलगुलान → बिरसा आंदोलन
  • बिरसाइट धर्म → बिरसा मुंडा
  • CNT Act (1908) → बिरसा आंदोलन
  • कुड़ुख धर्म आंदोलन → ताना भगत आंदोलन
  • झारखण्ड का प्रमुख अहिंसक जनजातीय आंदोलन → ताना भगत आंदोलन