कोल विद्रोह (1831–1832)
कोल विद्रोह झारखण्ड का प्रथम संगठित एवं व्यापक जनजातीय विद्रोह था। यह अंग्रेजों, जमींदारों, जागीरदारों तथा दिकुओं के शोषण के विरुद्ध छोटानागपुर क्षेत्र की विभिन्न जनजातियों द्वारा किया गया।
विद्रोह के कारण
- अत्यधिक लगान एवं भूमि से आदिवासियों के परंपरागत अधिकारों का हनन।
- अंग्रेजों द्वारा विभिन्न प्रकार के कर लगाना (जैसे- 1824 का 'पतचुई' कर)।
- जमींदारों एवं जागीरदारों द्वारा शोषण।
- पड़हा पंचायत व्यवस्था के स्थान पर अंग्रेजी न्याय व्यवस्था लागू करना।
- अफीम की खेती के लिए आदिवासियों पर दबाव।
- दिकुओं (बाहरी कर्मचारियों, व्यापारियों एवं ठेकेदारों) द्वारा आर्थिक एवं सामाजिक उत्पीड़न।
विद्रोह का प्रारम्भ
- सोनपुर परगना के सिंदराय मानकी की बारह गाँवों की भूमि छीनकर सिखों को दे दी गई।
- सिखों द्वारा सिंदराय मानकी की दो बहनों का अपहरण एवं अपमान किया गया।
- बंदगाँव (सिंहभूम) में जफर अली द्वारा सुर्गा मुंडा की पत्नी का अपहरण किया गया।
- इन घटनाओं से आक्रोशित होकर सिंदराय मानकी एवं सुर्गा मुंडा के नेतृत्व में लगभग 700 आदिवासियों ने विद्रोह प्रारम्भ किया।
प्रमुख घटनाएँ
- विद्रोह की योजना तमाड़ के लंका गाँव में बनाई गई।
- 1831 ई. में यह विद्रोह छोटानागपुर खास, पलामू, सिंहभूम एवं मानभूम तक फैल गया।
- मुंडा, हो, चेरो एवं खरवार जनजातियों ने भी विद्रोह का समर्थन किया।
- विद्रोह के प्रचार हेतु तीर को प्रतीक चिन्ह के रूप में प्रयोग किया गया।
प्रमुख नेता
- छोटानागपुर खास : सिंदराय मानकी, बिंदराय मानकी, बुद्धू भगत, मोहन सिंह, गोंदल मुंडा, जीत राय मुंडा।
- पलामू : दुखन शाही, चंवर सिंह, सुरजन सिंह, हरिल सिंह एवं दुखम सिंह।
- सिंहभूम : सुर्गा मुंडा, बिंदराय मानकी, कार्तिक सरदार, मोहन मानकी एवं सुगराय मुंडा।
- मानभूम : विभिन्न भूमिज सरदार।
दमन एवं परिणाम
- अंग्रेज अधिकारियों कैप्टन विल्किन्सन, इम्पे, माल्टबी, जानसन आदि ने विद्रोह का दमन किया।
- प्रमुख नेता बुद्धू भगत अपने परिवार एवं साथियों सहित युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए।
- 1832 ई. में सिंदराय मानकी एवं सुर्गा मुंडा ने आत्मसमर्पण कर दिया।
- 1833 ई. में छोटानागपुर में रेगुलेशन-III लागू किया गया।
- जंगलमहल जिले का पुनर्गठन कर दक्षिण-पश्चिम सीमा एजेंसी (South-West Frontier Agency) की स्थापना की गई।
- इस एजेंसी के प्रथम एजेंट कैप्टन थॉमस विल्किन्सन नियुक्त किए गए।
परीक्षा दृष्टि से महत्वपूर्ण:
- काल : 1831–1832 ई.
- विशेषता : झारखण्ड का प्रथम संगठित एवं व्यापक जनजातीय विद्रोह।
- प्रमुख नेता : सिंदराय मानकी, बिंदराय मानकी, सुर्गा मुंडा एवं बुद्धू भगत।
- प्रतीक चिन्ह : तीर।
- 1833 ई. : रेगुलेशन-III लागू किया गया।
- महत्वपूर्ण प्रशासनिक परिवर्तन : दक्षिण-पश्चिम सीमा एजेंसी की स्थापना एवं थॉमस विल्किन्सन की नियुक्ति।
MCQs – कोल विद्रोह (1831–1832)
1. झारखण्ड का प्रथम संगठित एवं व्यापक जनजातीय विद्रोह कौन-सा था?
- A. संथाल विद्रोह
- B. कोल विद्रोह
- C. तिलका आंदोलन
- D. चुआड़ विद्रोह
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: B. कोल विद्रोह
व्याख्या: कोल विद्रोह (1831–32) झारखण्ड का प्रथम संगठित एवं व्यापक जनजातीय विद्रोह माना जाता है।
2. कोल विद्रोह का तात्कालिक कारण क्या था?
- A. वन कानून लागू होना
- B. सिंदराय मानकी की भूमि छीनकर सिखों को देना एवं उनकी बहनों का अपहरण
- C. स्थायी बंदोबस्त लागू होना
- D. अकाल पड़ना
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: B. सिंदराय मानकी की भूमि छीनकर सिखों को देना एवं उनकी बहनों का अपहरण
व्याख्या: सिंदराय मानकी की भूमि छीने जाने तथा उनकी बहनों के अपहरण की घटना ने कोल विद्रोह को तत्काल भड़का दिया।
3. कोल विद्रोह की योजना कहाँ बनाई गई थी?
- A. भोगनाडीह
- B. डोम्बारी बुरु
- C. लंका गाँव (तमाड़)
- D. वनचरीजोर
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: C. लंका गाँव (तमाड़)
व्याख्या: कोल विद्रोह की योजना तमाड़ के लंका गाँव में आयोजित सभा में बनाई गई थी।
4. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
1. कोल विद्रोह 1831 ई. में प्रारम्भ हुआ।
2. तीर को विद्रोह का प्रतीक बनाया गया।
3. इसमें केवल मुंडा जनजाति ने भाग लिया।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: A. केवल 1 और 2
व्याख्या: कोल विद्रोह में मुंडा, हो, चेरो एवं खरवार सहित अनेक जनजातियों ने भाग लिया था।
5. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?
- A. सिंदराय मानकी — कोल विद्रोह
- B. सिद्धू — तिलका आंदोलन
- C. बिरसा मुंडा — चुआड़ विद्रोह
- D. जयनाथ सिंह — संथाल विद्रोह
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: A. सिंदराय मानकी — कोल विद्रोह
व्याख्या: सिंदराय मानकी कोल विद्रोह के प्रमुख नेताओं में से एक थे।
6. निम्नलिखित विद्रोहों का सही कालानुक्रम क्या है?
- A. तिलका आंदोलन → कोल विद्रोह → संथाल विद्रोह → बिरसा आंदोलन
- B. कोल विद्रोह → तिलका आंदोलन → संथाल विद्रोह → बिरसा आंदोलन
- C. तिलका आंदोलन → संथाल विद्रोह → कोल विद्रोह → बिरसा आंदोलन
- D. संथाल विद्रोह → कोल विद्रोह → तिलका आंदोलन → बिरसा आंदोलन
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: A. तिलका आंदोलन → कोल विद्रोह → संथाल विद्रोह → बिरसा आंदोलन
व्याख्या: क्रमशः 1783–85, 1831–32, 1855–56 तथा 1895–1900 ई.।
7. कोल विद्रोह के बाद दक्षिण-पश्चिम सीमा एजेंसी का प्रथम एजेंट किसे नियुक्त किया गया?
- A. जैकब कैमक
- B. थॉमस विल्किन्सन
- C. क्लीवलैंड
- D. रफसेज
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: B. थॉमस विल्किन्सन
व्याख्या: कोल विद्रोह के बाद दक्षिण-पश्चिम सीमा एजेंसी की स्थापना हुई और थॉमस विल्किन्सन उसके प्रथम एजेंट बने।
8. कथन (A): कोल विद्रोह के बाद रेगुलेशन-III लागू किया गया।
कारण (R): इसका उद्देश्य छोटानागपुर क्षेत्र में प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करना था।
- A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
- B. A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- C. A सही है, R गलत है।
- D. A गलत है, R सही है।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या: 1833 में रेगुलेशन-III लागू कर अंग्रेजों ने प्रशासन को पुनर्गठित किया और दक्षिण-पश्चिम सीमा एजेंसी की स्थापना की।
9. निम्नलिखित में से कौन-सा नेता कोल विद्रोह से संबंधित नहीं है?
- A. बुद्ध भगत
- B. सिंदराय मानकी
- C. सुर्गा मुंडा
- D. सिद्धू
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: D. सिद्धू
व्याख्या: सिद्धू संथाल विद्रोह (1855–56) के प्रमुख नेता थे, जबकि अन्य सभी कोल विद्रोह से संबंधित हैं।
10. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A. कोल विद्रोह केवल पलामू तक सीमित था।
- B. कोल विद्रोह का नेतृत्व केवल हो जनजाति ने किया।
- C. कोल विद्रोह के बाद प्रशासनिक सुधारों के अंतर्गत दक्षिण-पश्चिम सीमा एजेंसी की स्थापना की गई।
- D. कोल विद्रोह का मुख्य कारण धार्मिक सुधार था।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: C. कोल विद्रोह के बाद प्रशासनिक सुधारों के अंतर्गत दक्षिण-पश्चिम सीमा एजेंसी की स्थापना की गई।
व्याख्या: कोल विद्रोह के पश्चात अंग्रेजों ने प्रशासनिक पुनर्गठन किया, रेगुलेशन-III लागू किया तथा दक्षिण-पश्चिम सीमा एजेंसी की स्थापना की।
कोल विद्रोह (1831–1832)
कोल विद्रोह झारखण्ड का प्रथम संगठित एवं व्यापक जनजातीय विद्रोह था। यह अंग्रेजों, जमींदारों, जागीरदारों तथा दिकुओं के शोषण के विरुद्ध छोटानागपुर क्षेत्र की विभिन्न जनजातियों द्वारा किया गया।
विद्रोह के कारण
- अत्यधिक लगान एवं भूमि से आदिवासियों के परंपरागत अधिकारों का हनन।
- अंग्रेजों द्वारा विभिन्न प्रकार के कर लगाना (जैसे- 1824 का 'पतचुई' कर)।
- जमींदारों एवं जागीरदारों द्वारा शोषण।
- पड़हा पंचायत व्यवस्था के स्थान पर अंग्रेजी न्याय व्यवस्था लागू करना।
- अफीम की खेती के लिए आदिवासियों पर दबाव।
- दिकुओं (बाहरी कर्मचारियों, व्यापारियों एवं ठेकेदारों) द्वारा आर्थिक एवं सामाजिक उत्पीड़न।
विद्रोह का प्रारम्भ
- सोनपुर परगना के सिंदराय मानकी की बारह गाँवों की भूमि छीनकर सिखों को दे दी गई।
- सिखों द्वारा सिंदराय मानकी की दो बहनों का अपहरण एवं अपमान किया गया।
- बंदगाँव (सिंहभूम) में जफर अली द्वारा सुर्गा मुंडा की पत्नी का अपहरण किया गया।
- इन घटनाओं से आक्रोशित होकर सिंदराय मानकी एवं सुर्गा मुंडा के नेतृत्व में लगभग 700 आदिवासियों ने विद्रोह प्रारम्भ किया।
प्रमुख घटनाएँ
- विद्रोह की योजना तमाड़ के लंका गाँव में बनाई गई।
- 1831 ई. में यह विद्रोह छोटानागपुर खास, पलामू, सिंहभूम एवं मानभूम तक फैल गया।
- मुंडा, हो, चेरो एवं खरवार जनजातियों ने भी विद्रोह का समर्थन किया।
- विद्रोह के प्रचार हेतु तीर को प्रतीक चिन्ह के रूप में प्रयोग किया गया।
प्रमुख नेता
- छोटानागपुर खास : सिंदराय मानकी, बिंदराय मानकी, बुद्धू भगत, मोहन सिंह, गोंदल मुंडा, जीत राय मुंडा।
- पलामू : दुखन शाही, चंवर सिंह, सुरजन सिंह, हरिल सिंह एवं दुखम सिंह।
- सिंहभूम : सुर्गा मुंडा, बिंदराय मानकी, कार्तिक सरदार, मोहन मानकी एवं सुगराय मुंडा।
- मानभूम : विभिन्न भूमिज सरदार।
दमन एवं परिणाम
- अंग्रेज अधिकारियों कैप्टन विल्किन्सन, इम्पे, माल्टबी, जानसन आदि ने विद्रोह का दमन किया।
- प्रमुख नेता बुद्धू भगत अपने परिवार एवं साथियों सहित युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए।
- 1832 ई. में सिंदराय मानकी एवं सुर्गा मुंडा ने आत्मसमर्पण कर दिया।
- 1833 ई. में छोटानागपुर में रेगुलेशन-III लागू किया गया।
- जंगलमहल जिले का पुनर्गठन कर दक्षिण-पश्चिम सीमा एजेंसी (South-West Frontier Agency) की स्थापना की गई।
- इस एजेंसी के प्रथम एजेंट कैप्टन थॉमस विल्किन्सन नियुक्त किए गए।
परीक्षा दृष्टि से महत्वपूर्ण:
- काल : 1831–1832 ई.
- विशेषता : झारखण्ड का प्रथम संगठित एवं व्यापक जनजातीय विद्रोह।
- प्रमुख नेता : सिंदराय मानकी, बिंदराय मानकी, सुर्गा मुंडा एवं बुद्धू भगत।
- प्रतीक चिन्ह : तीर।
- 1833 ई. : रेगुलेशन-III लागू किया गया।
- महत्वपूर्ण प्रशासनिक परिवर्तन : दक्षिण-पश्चिम सीमा एजेंसी की स्थापना एवं थॉमस विल्किन्सन की नियुक्ति।
MCQs – कोल विद्रोह (1831–1832)
1. झारखण्ड का प्रथम संगठित एवं व्यापक जनजातीय विद्रोह कौन-सा था?
- A. संथाल विद्रोह
- B. कोल विद्रोह
- C. तिलका आंदोलन
- D. चुआड़ विद्रोह
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: B. कोल विद्रोह
व्याख्या: कोल विद्रोह (1831–32) झारखण्ड का प्रथम संगठित एवं व्यापक जनजातीय विद्रोह माना जाता है।
2. कोल विद्रोह का तात्कालिक कारण क्या था?
- A. वन कानून लागू होना
- B. सिंदराय मानकी की भूमि छीनकर सिखों को देना एवं उनकी बहनों का अपहरण
- C. स्थायी बंदोबस्त लागू होना
- D. अकाल पड़ना
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: B. सिंदराय मानकी की भूमि छीनकर सिखों को देना एवं उनकी बहनों का अपहरण
व्याख्या: सिंदराय मानकी की भूमि छीने जाने तथा उनकी बहनों के अपहरण की घटना ने कोल विद्रोह को तत्काल भड़का दिया।
3. कोल विद्रोह की योजना कहाँ बनाई गई थी?
- A. भोगनाडीह
- B. डोम्बारी बुरु
- C. लंका गाँव (तमाड़)
- D. वनचरीजोर
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: C. लंका गाँव (तमाड़)
व्याख्या: कोल विद्रोह की योजना तमाड़ के लंका गाँव में आयोजित सभा में बनाई गई थी।
4. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
1. कोल विद्रोह 1831 ई. में प्रारम्भ हुआ।
2. तीर को विद्रोह का प्रतीक बनाया गया।
3. इसमें केवल मुंडा जनजाति ने भाग लिया।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: A. केवल 1 और 2
व्याख्या: कोल विद्रोह में मुंडा, हो, चेरो एवं खरवार सहित अनेक जनजातियों ने भाग लिया था।
5. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?
- A. सिंदराय मानकी — कोल विद्रोह
- B. सिद्धू — तिलका आंदोलन
- C. बिरसा मुंडा — चुआड़ विद्रोह
- D. जयनाथ सिंह — संथाल विद्रोह
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: A. सिंदराय मानकी — कोल विद्रोह
व्याख्या: सिंदराय मानकी कोल विद्रोह के प्रमुख नेताओं में से एक थे।
6. निम्नलिखित विद्रोहों का सही कालानुक्रम क्या है?
- A. तिलका आंदोलन → कोल विद्रोह → संथाल विद्रोह → बिरसा आंदोलन
- B. कोल विद्रोह → तिलका आंदोलन → संथाल विद्रोह → बिरसा आंदोलन
- C. तिलका आंदोलन → संथाल विद्रोह → कोल विद्रोह → बिरसा आंदोलन
- D. संथाल विद्रोह → कोल विद्रोह → तिलका आंदोलन → बिरसा आंदोलन
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: A. तिलका आंदोलन → कोल विद्रोह → संथाल विद्रोह → बिरसा आंदोलन
व्याख्या: क्रमशः 1783–85, 1831–32, 1855–56 तथा 1895–1900 ई.।
7. कोल विद्रोह के बाद दक्षिण-पश्चिम सीमा एजेंसी का प्रथम एजेंट किसे नियुक्त किया गया?
- A. जैकब कैमक
- B. थॉमस विल्किन्सन
- C. क्लीवलैंड
- D. रफसेज
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: B. थॉमस विल्किन्सन
व्याख्या: कोल विद्रोह के बाद दक्षिण-पश्चिम सीमा एजेंसी की स्थापना हुई और थॉमस विल्किन्सन उसके प्रथम एजेंट बने।
8. कथन (A): कोल विद्रोह के बाद रेगुलेशन-III लागू किया गया।
कारण (R): इसका उद्देश्य छोटानागपुर क्षेत्र में प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करना था।
- A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
- B. A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- C. A सही है, R गलत है।
- D. A गलत है, R सही है।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या: 1833 में रेगुलेशन-III लागू कर अंग्रेजों ने प्रशासन को पुनर्गठित किया और दक्षिण-पश्चिम सीमा एजेंसी की स्थापना की।
9. निम्नलिखित में से कौन-सा नेता कोल विद्रोह से संबंधित नहीं है?
- A. बुद्ध भगत
- B. सिंदराय मानकी
- C. सुर्गा मुंडा
- D. सिद्धू
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: D. सिद्धू
व्याख्या: सिद्धू संथाल विद्रोह (1855–56) के प्रमुख नेता थे, जबकि अन्य सभी कोल विद्रोह से संबंधित हैं।
10. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A. कोल विद्रोह केवल पलामू तक सीमित था।
- B. कोल विद्रोह का नेतृत्व केवल हो जनजाति ने किया।
- C. कोल विद्रोह के बाद प्रशासनिक सुधारों के अंतर्गत दक्षिण-पश्चिम सीमा एजेंसी की स्थापना की गई।
- D. कोल विद्रोह का मुख्य कारण धार्मिक सुधार था।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: C. कोल विद्रोह के बाद प्रशासनिक सुधारों के अंतर्गत दक्षिण-पश्चिम सीमा एजेंसी की स्थापना की गई।
व्याख्या: कोल विद्रोह के पश्चात अंग्रेजों ने प्रशासनिक पुनर्गठन किया, रेगुलेशन-III लागू किया तथा दक्षिण-पश्चिम सीमा एजेंसी की स्थापना की।