Kharwar Andolan खरवार आंदोलन

खरवार आंदोलन वर्ष 1874 ई. में प्रारम्भ हुआ एक जनजातीय सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलन था। इसका उद्देश्य संथाल समाज में पारंपरिक मूल्यों की पुनर्स्थापना, सामाजिक सुधार तथा धार्मिक शुद्धता स्थापित करना था। इस आंदोलन का नेतृत्व भागीरथ माँझी (बाबा) ने किया।

Tribal Rebellions in Jharkhand झारखण्ड में जनजातीय विद्रोह

खरवार आंदोलन (1874)

खरवार आंदोलन वर्ष 1874 ई. में प्रारम्भ हुआ एक जनजातीय सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलन था। इसका उद्देश्य संथाल समाज में पारंपरिक मूल्यों की पुनर्स्थापना, सामाजिक सुधार तथा धार्मिक शुद्धता स्थापित करना था। इस आंदोलन का नेतृत्व भागीरथ माँझी (बाबा) ने किया।

परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण
  • काल : 1874 ई.
  • प्रमुख नेता : भागीरथ माँझी (बाबा)
  • संबंधित जनजाति : खरवार (संथालों की उपजाति)
  • स्वरूप : सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलन
  • मुख्य क्षेत्र : संथाल परगना

खरवार जनजाति

  • खरवार, संथाल जनजाति की एक प्रमुख उपजाति मानी जाती है।
  • इनका उद्देश्य अपने प्राचीन सामाजिक एवं धार्मिक मूल्यों की पुनर्स्थापना करना था।

आंदोलन के उद्देश्य

  • सामाजिक एवं धार्मिक सुधार लाना।
  • एकेश्वरवाद एवं नैतिक जीवन को बढ़ावा देना।
  • संथाल समाज में पारंपरिक संस्कृति का संरक्षण करना।
  • ब्रिटिश शासन एवं जमींदारों के हस्तक्षेप का विरोध करना।

प्रमुख घटनाएँ

  • इस आंदोलन की शुरुआत 1874 ई. में भागीरथ माँझी (बाबा) के नेतृत्व में संथाल परगना से हुई।
  • भागीरथ माँझी का जन्म गोड्डा जिले के तलडीहा गाँव में हुआ था।
  • उन्होंने स्वयं को बाँसी गाँव का राजा घोषित किया तथा लोगों से अंग्रेजी शासन को कर न देकर स्वयं को लगान देने का आह्वान किया।
  • आंदोलन के प्रभाव से अंग्रेज सरकार ने भागीरथ माँझी एवं उनके सहयोगी ज्ञान परसोंत को गिरफ्तार कर लिया।
  • नवंबर 1877 में दोनों की रिहाई के बाद आंदोलन पुनः सक्रिय हुआ।
  • बाद में यह आंदोलन संथाल परगना से आगे बढ़कर हजारीबाग तक फैल गया।
  • हजारीबाग क्षेत्र में आंदोलन का नेतृत्व दुखु बाबा ने किया।
  • आंदोलन का दूसरा चरण दुबिधा गोसाईं के नेतृत्व में 1881 की जनगणना के विरोध से जुड़ा था, जिसकी गिरफ्तारी के बाद आंदोलन कमजोर पड़ गया।

सामाजिक सुधार

  • सूर्य एवं दुर्गा की उपासना पर बल दिया गया।
  • अन्य देवी-देवताओं की पूजा का विरोध किया गया।
  • सूअर, मुर्गी, हड़िया तथा नाच-गान का त्याग करने की प्रेरणा दी गई।
  • सिद्धू-कान्हू के जन्मस्थान को तीर्थस्थल के रूप में सम्मान दिया गया।
  • संथाल समाज में बहुविवाह का विरोध तथा एकपत्नी प्रथा को बढ़ावा दिया गया।

आंदोलन का महत्व

  • संथाल समाज में धार्मिक एवं सामाजिक सुधार की चेतना विकसित हुई।
  • एकेश्वरवाद, नैतिक जीवन एवं अनुशासन को बढ़ावा मिला।
  • इस आंदोलन ने बाद के जनजातीय आंदोलनों के लिए वैचारिक आधार तैयार किया।
त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)
  • खरवार आंदोलन का नेतृत्व भागीरथ माँझी (बाबा) ने किया था।
  • भागीरथ माँझी का जन्म गोड्डा के तलडीहा गाँव में हुआ था।
  • हजारीबाग में आंदोलन का नेतृत्व दुखु बाबा ने किया।
  • दूसरे चरण का संबंध 1881 की जनगणना के विरोध से था।
  • यह आंदोलन धार्मिक एवं सामाजिक सुधार पर आधारित था, न कि सशस्त्र विद्रोह पर।

Exam Trap

  • खरवार आंदोलन को साफाहोड़ आंदोलन से भ्रमित न करें।
  • खरवार आंदोलन के नेता भागीरथ माँझी थे, जबकि साफाहोड़ आंदोलन के नेता लाल हेंब्रम (लाल बाबा) थे।
  • यह आंदोलन मुख्यतः सामाजिक एवं धार्मिक सुधार पर आधारित था, भूमि आंदोलन नहीं।


MCQs – खरवार आंदोलन (1874)

1. खरवार आंदोलन का प्रारम्भ कब हुआ था?
  • A. 1855 ई.
  • B. 1870 ई.
  • C. 1874 ई.
  • D. 1881 ई.
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: C. 1874 ई.

व्याख्या: खरवार आंदोलन 1874 ई. में संथाल परगना क्षेत्र में सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलन के रूप में प्रारम्भ हुआ।

2. खरवार आंदोलन का नेतृत्व किसने किया था?
  • A. सिद्धू मुर्मू
  • B. लाल हेंब्रम
  • C. भागीरथ माँझी (बाबा)
  • D. बिरसा मुंडा
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: C. भागीरथ माँझी (बाबा)

व्याख्या: खरवार आंदोलन के प्रमुख नेता भागीरथ माँझी थे, जिन्हें बाबा भागीरथ माँझी के नाम से भी जाना जाता है।

3. भागीरथ माँझी का जन्म कहाँ हुआ था?
  • A. भोगनाडीह
  • B. तलडीहा (गोड्डा)
  • C. उलिहातू
  • D. तमाड़
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: B. तलडीहा (गोड्डा)

व्याख्या: भागीरथ माँझी का जन्म गोड्डा जिले के तलडीहा गाँव में हुआ था।

4. खरवार आंदोलन मुख्यतः किस प्रकार का आंदोलन था?
  • A. किसान आंदोलन
  • B. सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलन
  • C. श्रमिक आंदोलन
  • D. सैन्य विद्रोह
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: B. सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलन

व्याख्या: इस आंदोलन का उद्देश्य संथाल समाज में धार्मिक शुद्धता, सामाजिक सुधार तथा पारंपरिक मूल्यों की पुनर्स्थापना करना था।

5. भागीरथ माँझी ने स्वयं को किस गाँव का राजा घोषित किया था?
  • A. भोगनाडीह
  • B. बाँसी गाँव
  • C. तलडीहा
  • D. बरहेट
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: B. बाँसी गाँव

व्याख्या: आंदोलन के दौरान भागीरथ माँझी ने स्वयं को बाँसी गाँव का राजा घोषित किया तथा लोगों से स्वयं को लगान देने का आह्वान किया।

6. खरवार आंदोलन के बाद हजारीबाग क्षेत्र में इसका नेतृत्व किसने किया?
  • A. दुखु बाबा
  • B. दुबिधा गोसाईं
  • C. लाल बाबा
  • D. गंगा नारायण
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: A. दुखु बाबा

व्याख्या: नवंबर 1877 के बाद आंदोलन हजारीबाग तक फैला, जहाँ इसका नेतृत्व दुखु बाबा ने किया।

7. खरवार आंदोलन का दूसरा चरण किस घटना के विरोध से संबंधित था?
  • A. बंग-भंग
  • B. स्थायी बंदोबस्त
  • C. 1881 की जनगणना
  • D. वन अधिनियम
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: C. 1881 की जनगणना

व्याख्या: आंदोलन के दूसरे चरण में दुबिधा गोसाईं के नेतृत्व में 1881 की जनगणना का विरोध किया गया।

8. निम्नलिखित में से किस प्रथा का खरवार आंदोलन ने विरोध किया?
  • A. एकेश्वरवाद
  • B. बहुविवाह
  • C. सूर्य उपासना
  • D. नैतिक जीवन
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: B. बहुविवाह

व्याख्या: आंदोलन के दौरान बहुविवाह का विरोध तथा सामाजिक एवं धार्मिक सुधार पर बल दिया गया।

9. खरवार आंदोलन का मुख्य क्षेत्र कौन-सा था?
  • A. पलामू
  • B. सिंहभूम
  • C. संथाल परगना
  • D. राँची
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: C. संथाल परगना

व्याख्या: खरवार आंदोलन का प्रारम्भ संथाल परगना क्षेत्र से हुआ और बाद में अन्य क्षेत्रों तक पहुँचा।

10. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन खरवार आंदोलन के संबंध में सही है?
  • A. यह केवल सैन्य विद्रोह था।
  • B. इसका नेतृत्व बिरसा मुंडा ने किया था।
  • C. इसका उद्देश्य सामाजिक एवं धार्मिक सुधार था।
  • D. यह 1855 के संथाल विद्रोह का दूसरा चरण था।
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: C. इसका उद्देश्य सामाजिक एवं धार्मिक सुधार था।

व्याख्या: खरवार आंदोलन मुख्यतः धार्मिक शुद्धता, सामाजिक सुधार, एकेश्वरवाद तथा पारंपरिक मूल्यों की पुनर्स्थापना पर आधारित सुधार आंदोलन था।

खरवार आंदोलन (1874)

खरवार आंदोलन वर्ष 1874 ई. में प्रारम्भ हुआ एक जनजातीय सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलन था। इसका उद्देश्य संथाल समाज में पारंपरिक मूल्यों की पुनर्स्थापना, सामाजिक सुधार तथा धार्मिक शुद्धता स्थापित करना था। इस आंदोलन का नेतृत्व भागीरथ माँझी (बाबा) ने किया।

परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण
  • काल : 1874 ई.
  • प्रमुख नेता : भागीरथ माँझी (बाबा)
  • संबंधित जनजाति : खरवार (संथालों की उपजाति)
  • स्वरूप : सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलन
  • मुख्य क्षेत्र : संथाल परगना

खरवार जनजाति

  • खरवार, संथाल जनजाति की एक प्रमुख उपजाति मानी जाती है।
  • इनका उद्देश्य अपने प्राचीन सामाजिक एवं धार्मिक मूल्यों की पुनर्स्थापना करना था।

आंदोलन के उद्देश्य

  • सामाजिक एवं धार्मिक सुधार लाना।
  • एकेश्वरवाद एवं नैतिक जीवन को बढ़ावा देना।
  • संथाल समाज में पारंपरिक संस्कृति का संरक्षण करना।
  • ब्रिटिश शासन एवं जमींदारों के हस्तक्षेप का विरोध करना।

प्रमुख घटनाएँ

  • इस आंदोलन की शुरुआत 1874 ई. में भागीरथ माँझी (बाबा) के नेतृत्व में संथाल परगना से हुई।
  • भागीरथ माँझी का जन्म गोड्डा जिले के तलडीहा गाँव में हुआ था।
  • उन्होंने स्वयं को बौंसी गाँव का राजा घोषित किया तथा लोगों से ब्रिटिश शासन एवं जमींदारों को कर न देकर स्वयं को लगान देने का आह्वान किया।
  • आंदोलन के प्रभाव से अंग्रेज सरकार ने भागीरथ माँझी एवं उनके सहयोगी ज्ञान परगनैत को गिरफ्तार कर लिया।
  • नवंबर 1877 में दोनों की रिहाई के बाद आंदोलन पुनः सक्रिय हुआ।
  • बाद में यह आंदोलन संथाल परगना से आगे बढ़कर हजारीबाग तक फैल गया।
  • हजारीबाग क्षेत्र में आंदोलन का नेतृत्व दुबु बाबा ने किया।
  • आंदोलन का दूसरा चरण दुविधा गोसाईं के नेतृत्व में 1881 की जनगणना के विरोध से जुड़ा था, जिसकी गिरफ्तारी के बाद आंदोलन कमजोर पड़ गया।

सामाजिक सुधार

  • सूर्य एवं दुर्गा की उपासना पर बल दिया गया।
  • अन्य देवी-देवताओं की पूजा का विरोध किया गया।
  • सूअर, मुर्गी, हड़िया तथा नाच-गान का त्याग करने की प्रेरणा दी गई।
  • सिद्धू-कान्हू के जन्मस्थान को तीर्थस्थल के रूप में सम्मान दिया गया।
  • संथाल समाज में बहुविवाह का विरोध तथा एकपत्नी प्रथा को बढ़ावा दिया गया।

आंदोलन का महत्व

  • संथाल समाज में धार्मिक एवं सामाजिक सुधार की चेतना विकसित हुई।
  • एकेश्वरवाद, नैतिक जीवन एवं अनुशासन को बढ़ावा मिला।
  • इस आंदोलन ने बाद के जनजातीय आंदोलनों के लिए वैचारिक आधार तैयार किया।
त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)
  • खरवार आंदोलन का नेतृत्व भागीरथ माँझी (बाबा) ने किया था।
  • भागीरथ माँझी का जन्म गोड्डा के तलडीहा गाँव में हुआ था।
  • हजारीबाग में आंदोलन का नेतृत्व दुबु बाबा ने किया।
  • दूसरे चरण का संबंध 1881 की जनगणना के विरोध से था।
  • यह आंदोलन धार्मिक एवं सामाजिक सुधार पर आधारित था, न कि सशस्त्र विद्रोह पर।

Exam Trap

  • खरवार आंदोलन को साफाहोड़ आंदोलन से भ्रमित न करें।
  • खरवार आंदोलन के नेता भागीरथ माँझी थे, जबकि साफाहोड़ आंदोलन के नेता लाल हेंब्रम (लाल बाबा) थे।
  • यह आंदोलन मुख्यतः सामाजिक एवं धार्मिक सुधार पर आधारित था, भूमि आंदोलन नहीं।


MCQs – खरवार आंदोलन (1874)

1. खरवार आंदोलन का प्रारम्भ कब हुआ था?
  • A. 1855 ई.
  • B. 1870 ई.
  • C. 1874 ई.
  • D. 1881 ई.
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: C. 1874 ई.

व्याख्या: खरवार आंदोलन 1874 ई. में संथाल परगना क्षेत्र में सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलन के रूप में प्रारम्भ हुआ।

2. खरवार आंदोलन का नेतृत्व किसने किया था?
  • A. सिद्धू मुर्मू
  • B. लाल हेंब्रम
  • C. भागीरथ माँझी (बाबा)
  • D. बिरसा मुंडा
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: C. भागीरथ माँझी (बाबा)

व्याख्या: खरवार आंदोलन के प्रमुख नेता भागीरथ माँझी थे, जिन्हें बाबा भागीरथ माँझी के नाम से भी जाना जाता है।

3. भागीरथ माँझी का जन्म कहाँ हुआ था?
  • A. भोगनाडीह
  • B. तलडीहा (गोड्डा)
  • C. उलिहातू
  • D. तमाड़
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: B. तलडीहा (गोड्डा)

व्याख्या: भागीरथ माँझी का जन्म गोड्डा जिले के तलडीहा गाँव में हुआ था।

4. खरवार आंदोलन मुख्यतः किस प्रकार का आंदोलन था?
  • A. किसान आंदोलन
  • B. सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलन
  • C. श्रमिक आंदोलन
  • D. सैन्य विद्रोह
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: B. सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलन

व्याख्या: इस आंदोलन का उद्देश्य संथाल समाज में धार्मिक शुद्धता, सामाजिक सुधार तथा पारंपरिक मूल्यों की पुनर्स्थापना करना था।

5. भागीरथ माँझी ने स्वयं को किस गाँव का राजा घोषित किया था?
  • A. भोगनाडीह
  • B. बौंसी गाँव
  • C. तलडीहा
  • D. बरहेट
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: B. बौंसी गाँव

व्याख्या: आंदोलन के दौरान भागीरथ माँझी ने स्वयं को बौंसी गाँव का राजा घोषित किया तथा लोगों से स्वयं को लगान देने का आह्वान किया।

6. खरवार आंदोलन के बाद हजारीबाग क्षेत्र में इसका नेतृत्व किसने किया?
  • A. दुबु बाबा
  • B. दुविधा गोसाईं
  • C. लाल बाबा
  • D. गंगा नारायण
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: A. दुबु बाबा

व्याख्या: नवंबर 1877 के बाद आंदोलन हजारीबाग तक फैला, जहाँ इसका नेतृत्व दुबु बाबा ने किया।

7. खरवार आंदोलन का दूसरा चरण किस घटना के विरोध से संबंधित था?
  • A. बंग-भंग
  • B. स्थायी बंदोबस्त
  • C. 1881 की जनगणना
  • D. वन अधिनियम
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: C. 1881 की जनगणना

व्याख्या: आंदोलन के दूसरे चरण में दुविधा गोसाईं के नेतृत्व में 1881 की जनगणना का विरोध किया गया।

8. निम्नलिखित में से किस प्रथा का खरवार आंदोलन ने विरोध किया?
  • A. एकेश्वरवाद
  • B. बहुविवाह
  • C. सूर्य उपासना
  • D. नैतिक जीवन
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: B. बहुविवाह

व्याख्या: आंदोलन के दौरान बहुविवाह का विरोध तथा सामाजिक एवं धार्मिक सुधार पर बल दिया गया।

9. खरवार आंदोलन का मुख्य क्षेत्र कौन-सा था?
  • A. पलामू
  • B. सिंहभूम
  • C. संथाल परगना
  • D. राँची
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: C. संथाल परगना

व्याख्या: खरवार आंदोलन का प्रारम्भ संथाल परगना क्षेत्र से हुआ और बाद में अन्य क्षेत्रों तक पहुँचा।

10. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन खरवार आंदोलन के संबंध में सही है?
  • A. यह केवल सैन्य विद्रोह था।
  • B. इसका नेतृत्व बिरसा मुंडा ने किया था।
  • C. इसका उद्देश्य सामाजिक एवं धार्मिक सुधार था।
  • D. यह 1855 के संथाल विद्रोह का दूसरा चरण था।
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: C. इसका उद्देश्य सामाजिक एवं धार्मिक सुधार था।

व्याख्या: खरवार आंदोलन मुख्यतः धार्मिक शुद्धता, सामाजिक सुधार, एकेश्वरवाद तथा पारंपरिक मूल्यों की पुनर्स्थापना पर आधारित सुधार आंदोलन था।