Bhumij Vidroh भूमिज विद्रोह

भूमिज विद्रोह 1832–1833 ई. में जंगलमहल क्षेत्र में अंग्रेजी शासन, उत्तराधिकार संबंधी हस्तक्षेप, अत्यधिक करारोपण तथा स्थानीय जनता के शोषण के विरुद्ध हुआ। इसका नेतृत्व गंगा नारायण सिंह ने किया। इस विद्रोह को 'गंगा नारायण का हंगामा' भी कहा जाता है।

Tribal Rebellions in Jharkhand झारखण्ड में जनजातीय विद्रोह

भूमिज विद्रोह (1832–1833)

भूमिज विद्रोह 1832–1833 ई. में जंगलमहल क्षेत्र में अंग्रेजी शासन, उत्तराधिकार संबंधी हस्तक्षेप, अत्यधिक करारोपण तथा स्थानीय जनता के शोषण के विरुद्ध हुआ। इसका नेतृत्व गंगा नारायण सिंह ने किया। इस विद्रोह को 'गंगा नारायण का हंगामा' भी कहा जाता है।

मुख्य तथ्य

  • काल : 1832–1833 ई.
  • क्षेत्र : जंगलमहल, मुख्यतः सिंहभूम एवं वीरभूम
  • प्रमुख नेता : गंगा नारायण सिंह
  • अन्य नाम : गंगा नारायण का हंगामा

विद्रोह के कारण

  • अंग्रेजों द्वारा उत्तराधिकार के पारंपरिक नियमों की उपेक्षा।
  • जनता पर अत्यधिक एवं अन्यायपूर्ण करों का आरोपण।
  • दिकुओं एवं अंग्रेज अधिकारियों द्वारा आर्थिक शोषण।
  • गंगा नारायण सिंह की वैध जागीर संबंधी मांगों की लगातार उपेक्षा।
  • स्थानीय जनता में अंग्रेजी प्रशासन के प्रति बढ़ता असंतोष।

प्रमुख घटनाएँ

  • गंगा नारायण सिंह ने भूमिजों को संगठित कर विद्रोह का नेतृत्व किया।
  • 26 अप्रैल 1832 को दीवान माधव सिंह की हत्या के साथ विद्रोह ने उग्र रूप धारण किया।
  • विद्रोहियों ने घटवालों के सहयोग से बड़ाभूम क्षेत्र पर आक्रमण किया।
  • मई तथा नवम्बर 1832 में अंग्रेजी सेना पर कई सफल हमले किए गए।
  • इसके बाद अंग्रेज अधिकारी डेंटर ने बड़े सैन्य अभियान द्वारा विद्रोह को दबाने का प्रयास किया।
  • गंगा नारायण सिंह सिंहभूम पहुँचे और कोल विद्रोहियों के साथ मिलकर संघर्ष जारी रखा।
  • 7 फरवरी 1833 को खरसावाँ के ठाकुर चेतन सिंह के विरुद्ध युद्ध में गंगा नारायण सिंह वीरगति को प्राप्त हुए।
  • गंगा नारायण की मृत्यु के साथ भूमिज विद्रोह का अंत हो गया।

परिणाम

  • 1833 ई. में जंगलमहल क्षेत्र में व्यापक प्रशासनिक परिवर्तन किए गए।
  • रेगुलेशन-XIII (1833) के अंतर्गत राजस्व व्यवस्था में परिवर्तन किया गया।
  • जंगलमहल जिले को समाप्त कर प्रशासनिक पुनर्गठन किया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts)

  • भूमिज विद्रोह का नेतृत्व गंगा नारायण सिंह ने किया।
  • इस विद्रोह को 'गंगा नारायण का हंगामा' कहा जाता है।
  • 26 अप्रैल 1832 को दीवान माधव सिंह की हत्या के बाद विद्रोह व्यापक हुआ।
  • 7 फरवरी 1833 को गंगा नारायण सिंह की मृत्यु के साथ विद्रोह समाप्त हो गया।
  • विद्रोह के बाद रेगुलेशन-XIII (1833) लागू किया गया।
  • जंगलमहल जिले का पुनर्गठन एवं राजस्व नीति में परिवर्तन किया गया।

MCQs – भूमिज विद्रोह (1832–1833)

1. भूमिज विद्रोह का नेतृत्व किसने किया था?
  • A. बुद्ध भगत
  • B. गंगा नारायण सिंह
  • C. तिलका मांझी
  • D. सिंदराय मानकी
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: B. गंगा नारायण सिंह

व्याख्या: भूमिज विद्रोह का नेतृत्व गंगा नारायण सिंह ने किया था।

2. भूमिज विद्रोह को किस अन्य नाम से जाना जाता है?
  • A. उलगुलान
  • B. गंगा नारायण का हंगामा
  • C. हूल आंदोलन
  • D. सरदारी आंदोलन
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: B. गंगा नारायण का हंगामा

व्याख्या: गंगा नारायण सिंह के नेतृत्व के कारण इस विद्रोह को गंगा नारायण का हंगामा कहा जाता है।

3. भूमिज विद्रोह किस काल में हुआ था?
  • A. 1831–1832 ई.
  • B. 1832–1833 ई.
  • C. 1855–1856 ई.
  • D. 1783–1785 ई.
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: B. 1832–1833 ई.

व्याख्या: भूमिज विद्रोह 1832–1833 ई. में जंगलमहल क्षेत्र में हुआ था।

4. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—

1. भूमिज विद्रोह का प्रमुख कारण उत्तराधिकार संबंधी हस्तक्षेप था।
2. इसमें अत्यधिक करारोपण का भी विरोध किया गया।
3. इसका नेतृत्व सिद्धू-कान्हू ने किया था।

सही उत्तर चुनिए।
  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: A. केवल 1 और 2

व्याख्या: भूमिज विद्रोह का नेतृत्व गंगा नारायण सिंह ने किया था, सिद्धू-कान्हू ने नहीं।

5. 26 अप्रैल 1832 को किसकी हत्या के बाद भूमिज विद्रोह उग्र हो गया?
  • A. कैप्टन विल्किन्सन
  • B. दीवान माधव सिंह
  • C. क्लीवलैंड
  • D. जैकब कैमक
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: B. दीवान माधव सिंह

व्याख्या: दीवान माधव सिंह की हत्या के बाद विद्रोह ने व्यापक रूप धारण किया।

6. निम्नलिखित विद्रोहों का सही कालानुक्रम क्या है?
  • A. कोल विद्रोह → भूमिज विद्रोह → संथाल विद्रोह → बिरसा आंदोलन
  • B. भूमिज विद्रोह → कोल विद्रोह → संथाल विद्रोह → बिरसा आंदोलन
  • C. संथाल विद्रोह → कोल विद्रोह → भूमिज विद्रोह → बिरसा आंदोलन
  • D. कोल विद्रोह → संथाल विद्रोह → भूमिज विद्रोह → बिरसा आंदोलन
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: A. कोल विद्रोह → भूमिज विद्रोह → संथाल विद्रोह → बिरसा आंदोलन

व्याख्या: क्रमशः 1831–32, 1832–33, 1855–56 तथा 1895–1900 ई.।

7. भूमिज विद्रोह के बाद कौन-सा रेगुलेशन लागू किया गया?
  • A. रेगुलेशन-III
  • B. रेगुलेशन-XIII
  • C. रेगुलेशन-V
  • D. रेगुलेशन-X
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: B. रेगुलेशन-XIII

व्याख्या: 1833 ई. में रेगुलेशन-XIII के अंतर्गत राजस्व व्यवस्था में परिवर्तन किया गया।

8. कथन (A): भूमिज विद्रोह के बाद जंगलमहल जिले का पुनर्गठन किया गया।

कारण (R): अंग्रेजों ने राजस्व एवं प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार किए।
  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, परन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, R गलत है।
  • D. A गलत है, R सही है।
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।

व्याख्या: विद्रोह के बाद अंग्रेजों ने जंगलमहल क्षेत्र में प्रशासनिक एवं राजस्व सुधार लागू किए।

9. गंगा नारायण सिंह की मृत्यु कब हुई?
  • A. 26 अप्रैल 1832
  • B. 7 फरवरी 1833
  • C. 30 जून 1833
  • D. 1 जनवरी 1834
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: B. 7 फरवरी 1833

व्याख्या: खरसावाँ के ठाकुर चेतन सिंह के विरुद्ध युद्ध में 7 फरवरी 1833 को गंगा नारायण सिंह वीरगति को प्राप्त हुए।

10. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन भूमिज विद्रोह के संबंध में सही है?
  • A. इसका नेतृत्व सिद्धू-कान्हू ने किया।
  • B. यह केवल पलामू क्षेत्र तक सीमित था।
  • C. इसके बाद रेगुलेशन-XIII लागू कर जंगलमहल क्षेत्र में प्रशासनिक परिवर्तन किए गए।
  • D. इसका मुख्य उद्देश्य केवल धार्मिक सुधार था।
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: C. इसके बाद रेगुलेशन-XIII लागू कर जंगलमहल क्षेत्र में प्रशासनिक परिवर्तन किए गए।

व्याख्या: भूमिज विद्रोह के बाद 1833 ई. में रेगुलेशन-XIII लागू किया गया तथा जंगलमहल क्षेत्र का प्रशासनिक पुनर्गठन किया गया।

भूमिज विद्रोह (1832–1833)

भूमिज विद्रोह 1832–1833 ई. में जंगलमहल क्षेत्र में अंग्रेजी शासन, उत्तराधिकार संबंधी हस्तक्षेप, अत्यधिक करारोपण तथा स्थानीय जनता के शोषण के विरुद्ध हुआ। इसका नेतृत्व गंगा नारायण सिंह ने किया। इस विद्रोह को 'गंगा नारायण का हंगामा' भी कहा जाता है।

मुख्य तथ्य

  • काल : 1832–1833 ई.
  • क्षेत्र : जंगलमहल, मुख्यतः सिंहभूम एवं वीरभूम
  • प्रमुख नेता : गंगा नारायण सिंह
  • अन्य नाम : गंगा नारायण का हंगामा

विद्रोह के कारण

  • अंग्रेजों द्वारा उत्तराधिकार के पारंपरिक नियमों की उपेक्षा।
  • जनता पर अत्यधिक एवं अन्यायपूर्ण करों का आरोपण।
  • दिकुओं एवं अंग्रेज अधिकारियों द्वारा आर्थिक शोषण।
  • गंगा नारायण सिंह की वैध जागीर संबंधी मांगों की लगातार उपेक्षा।
  • स्थानीय जनता में अंग्रेजी प्रशासन के प्रति बढ़ता असंतोष।

प्रमुख घटनाएँ

  • गंगा नारायण सिंह ने भूमिजों को संगठित कर विद्रोह का नेतृत्व किया।
  • 26 अप्रैल 1832 को दीवान माधव सिंह की हत्या के साथ विद्रोह ने उग्र रूप धारण किया।
  • विद्रोहियों ने घटवालों के सहयोग से बड़ाभूम क्षेत्र पर आक्रमण किया।
  • मई तथा नवम्बर 1832 में अंग्रेजी सेना पर कई सफल हमले किए गए।
  • इसके बाद अंग्रेज अधिकारी डेंटर ने बड़े सैन्य अभियान द्वारा विद्रोह को दबाने का प्रयास किया।
  • गंगा नारायण सिंह सिंहभूम पहुँचे और कोल विद्रोहियों के साथ मिलकर संघर्ष जारी रखा।
  • 7 फरवरी 1833 को खरसावाँ के ठाकुर चेतन सिंह के विरुद्ध युद्ध में गंगा नारायण सिंह वीरगति को प्राप्त हुए।
  • गंगा नारायण की मृत्यु के साथ भूमिज विद्रोह का अंत हो गया।

परिणाम

  • 1833 ई. में जंगलमहल क्षेत्र में व्यापक प्रशासनिक परिवर्तन किए गए।
  • रेगुलेशन-XIII (1833) के अंतर्गत राजस्व व्यवस्था में परिवर्तन किया गया।
  • जंगलमहल जिले को समाप्त कर प्रशासनिक पुनर्गठन किया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts)

  • भूमिज विद्रोह का नेतृत्व गंगा नारायण सिंह ने किया।
  • इस विद्रोह को 'गंगा नारायण का हंगामा' कहा जाता है।
  • 26 अप्रैल 1832 को दीवान माधव सिंह की हत्या के बाद विद्रोह व्यापक हुआ।
  • 7 फरवरी 1833 को गंगा नारायण सिंह की मृत्यु के साथ विद्रोह समाप्त हो गया।
  • विद्रोह के बाद रेगुलेशन-XIII (1833) लागू किया गया।
  • जंगलमहल जिले का पुनर्गठन एवं राजस्व नीति में परिवर्तन किया गया।

MCQs – भूमिज विद्रोह (1832–1833)

1. भूमिज विद्रोह का नेतृत्व किसने किया था?
  • A. बुद्ध भगत
  • B. गंगा नारायण सिंह
  • C. तिलका मांझी
  • D. सिंदराय मानकी
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: B. गंगा नारायण सिंह

व्याख्या: भूमिज विद्रोह का नेतृत्व गंगा नारायण सिंह ने किया था।

2. भूमिज विद्रोह को किस अन्य नाम से जाना जाता है?
  • A. उलगुलान
  • B. गंगा नारायण का हंगामा
  • C. हूल आंदोलन
  • D. सरदारी आंदोलन
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: B. गंगा नारायण का हंगामा

व्याख्या: गंगा नारायण सिंह के नेतृत्व के कारण इस विद्रोह को गंगा नारायण का हंगामा कहा जाता है।

3. भूमिज विद्रोह किस काल में हुआ था?
  • A. 1831–1832 ई.
  • B. 1832–1833 ई.
  • C. 1855–1856 ई.
  • D. 1783–1785 ई.
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: B. 1832–1833 ई.

व्याख्या: भूमिज विद्रोह 1832–1833 ई. में जंगलमहल क्षेत्र में हुआ था।

4. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—

1. भूमिज विद्रोह का प्रमुख कारण उत्तराधिकार संबंधी हस्तक्षेप था।
2. इसमें अत्यधिक करारोपण का भी विरोध किया गया।
3. इसका नेतृत्व सिद्धू-कान्हू ने किया था।

सही उत्तर चुनिए।
  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: A. केवल 1 और 2

व्याख्या: भूमिज विद्रोह का नेतृत्व गंगा नारायण सिंह ने किया था, सिद्धू-कान्हू ने नहीं।

5. 26 अप्रैल 1832 को किसकी हत्या के बाद भूमिज विद्रोह उग्र हो गया?
  • A. कैप्टन विल्किन्सन
  • B. दीवान माधव सिंह
  • C. क्लीवलैंड
  • D. जैकब कैमक
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: B. दीवान माधव सिंह

व्याख्या: दीवान माधव सिंह की हत्या के बाद विद्रोह ने व्यापक रूप धारण किया।

6. निम्नलिखित विद्रोहों का सही कालानुक्रम क्या है?
  • A. कोल विद्रोह → भूमिज विद्रोह → संथाल विद्रोह → बिरसा आंदोलन
  • B. भूमिज विद्रोह → कोल विद्रोह → संथाल विद्रोह → बिरसा आंदोलन
  • C. संथाल विद्रोह → कोल विद्रोह → भूमिज विद्रोह → बिरसा आंदोलन
  • D. कोल विद्रोह → संथाल विद्रोह → भूमिज विद्रोह → बिरसा आंदोलन
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: A. कोल विद्रोह → भूमिज विद्रोह → संथाल विद्रोह → बिरसा आंदोलन

व्याख्या: क्रमशः 1831–32, 1832–33, 1855–56 तथा 1895–1900 ई.।

7. भूमिज विद्रोह के बाद कौन-सा रेगुलेशन लागू किया गया?
  • A. रेगुलेशन-III
  • B. रेगुलेशन-XIII
  • C. रेगुलेशन-V
  • D. रेगुलेशन-X
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: B. रेगुलेशन-XIII

व्याख्या: 1833 ई. में रेगुलेशन-XIII के अंतर्गत राजस्व व्यवस्था में परिवर्तन किया गया।

8. कथन (A): भूमिज विद्रोह के बाद जंगलमहल जिले का पुनर्गठन किया गया।

कारण (R): अंग्रेजों ने राजस्व एवं प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार किए।
  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, परन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, R गलत है।
  • D. A गलत है, R सही है।
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।

व्याख्या: विद्रोह के बाद अंग्रेजों ने जंगलमहल क्षेत्र में प्रशासनिक एवं राजस्व सुधार लागू किए।

9. गंगा नारायण सिंह की मृत्यु कब हुई?
  • A. 26 अप्रैल 1832
  • B. 7 फरवरी 1833
  • C. 30 जून 1833
  • D. 1 जनवरी 1834
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: B. 7 फरवरी 1833

व्याख्या: खरसावाँ के ठाकुर चेतन सिंह के विरुद्ध युद्ध में 7 फरवरी 1833 को गंगा नारायण सिंह वीरगति को प्राप्त हुए।

10. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन भूमिज विद्रोह के संबंध में सही है?
  • A. इसका नेतृत्व सिद्धू-कान्हू ने किया।
  • B. यह केवल पलामू क्षेत्र तक सीमित था।
  • C. इसके बाद रेगुलेशन-XIII लागू कर जंगलमहल क्षेत्र में प्रशासनिक परिवर्तन किए गए।
  • D. इसका मुख्य उद्देश्य केवल धार्मिक सुधार था।
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: C. इसके बाद रेगुलेशन-XIII लागू कर जंगलमहल क्षेत्र में प्रशासनिक परिवर्तन किए गए।

व्याख्या: भूमिज विद्रोह के बाद 1833 ई. में रेगुलेशन-XIII लागू किया गया तथा जंगलमहल क्षेत्र का प्रशासनिक पुनर्गठन किया गया।