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Books & Literature
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निर्देश: नीचे दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
आज बांग्लादेश में रवीन्द्रनाथ टैगोर की 82वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है। ग्रेगोरियन पंचांग के अनुसार, रवीन्द्रनाथ का निधन 7 अगस्त 1941 को 80 वर्ष की आयु में हुआ था, लेकिन बांग्लादेश में उनकी पुण्यतिथि बंगाली पंचांग के श्रावण 22 को मनाई जाती है। रवीन्द्रनाथ टैगोर साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार जीतने वाले पहले गैर-यूरोपीय कवि थे। उन्होंने 1913 में कविताओं के संग्रह गीतांजलि के अंग्रेजी अनुवाद के लिए यह पुरस्कार जीता था। टैगोर को दो देशों के लिए राष्ट्रगान लिखने का दुर्लभ सम्मान प्राप्त है - भारत का जन गण मन और बांग्लादेश का अमर सोनार बांग्ला। रवीन्द्रनाथ ने अपने संगीत और प्रदर्शन कलाओं के माध्यम से भारतीय उपमहाद्वीप, विशेष रूप से बंगाल की संस्कृति पर एक गहरी छाप छोड़ी।
उन्होंने तत्कालीन पूर्वी बंगाल, जो अब बांग्लादेश है, में लंबा समय बिताया। उन्होंने कुश्तिया के शिलाईदह, सिराजगंज के शाहजादपुर और नोगांव के पतिसर में रहते हुए कई अमर कविताएँ और गीत रचे। ये सभी स्थान अब बांग्लादेश में हैं।
गद्यांश के अनुसार, रवीन्द्रनाथ टैगोर को कौन-सा दुर्लभ सम्मान प्राप्त था?
निर्देश: नीचे दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
आज बांग्लादेश में रवीन्द्रनाथ टैगोर की 82वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है। ग्रेगोरियन पंचांग के अनुसार, रवीन्द्रनाथ का निधन 7 अगस्त 1941 को 80 वर्ष की आयु में हुआ था, लेकिन बांग्लादेश में उनकी पुण्यतिथि बंगाली पंचांग के श्रावण 22 को मनाई जाती है। रवीन्द्रनाथ टैगोर साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार जीतने वाले पहले गैर-यूरोपीय कवि थे। उन्होंने 1913 में कविताओं के संग्रह गीतांजलि के अंग्रेजी अनुवाद के लिए यह पुरस्कार जीता था। टैगोर को दो देशों के लिए राष्ट्रगान लिखने का दुर्लभ सम्मान प्राप्त है - भारत का जन गण मन और बांग्लादेश का अमर सोनार बांग्ला। रवीन्द्रनाथ ने अपने संगीत और प्रदर्शन कलाओं के माध्यम से भारतीय उपमहाद्वीप, विशेष रूप से बंगाल की संस्कृति पर एक गहरी छाप छोड़ी।
उन्होंने तत्कालीन पूर्वी बंगाल, जो अब बांग्लादेश है, में लंबा समय बिताया। उन्होंने कुश्तिया के शिलाईदह, सिराजगंज के शाहजादपुर और नोगांव के पतिसर में रहते हुए कई अमर कविताएँ और गीत रचे। ये सभी स्थान अब बांग्लादेश में हैं।
गद्यांश के अनुसार, रवीन्द्रनाथ टैगोर को कौन-सा दुर्लभ सम्मान प्राप्त था?
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सही उत्तर: D
Correct Answer: D
टैगोर को भारत और बांग्लादेश - दो देशों के राष्ट्रगान लिखने का दुर्लभ सम्मान प्राप्त है।
Tagore had the rare distinction of writing the national anthems of two countries - India and Bangladesh.